Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Suvendu Adhikari ने Chinmoy Krishna का दिया हवाला, Left पर साधा निशाना तो CPM का पलटवार

    7 hours ago

    1

    0

    पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बंगाली हिंदुओं के लिए राज्य के गठन की अहमियत को रेखांकित करते हुए जेल में बंद बांग्लादेशी संत चिन्मय कृष्ण दास का संदर्भ दिया। शुभेंदु के बयान पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ‘दोहरे मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया और छात्र नेता उमर खालिद की गिरफ्तारी का हवाला दिया। शुभेंदु ने शनिवार को राजारहाट गोपालपुर में गणेश पूजा उत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पांच घंटे की पैरोल पर रिहा होने के बाद अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होते हुए चिन्मय कृष्ण की तस्वीरों ने दुनिया भर के सनातनियों को झकझोर कर रख दिया है।उन्होंने कहा, ‘‘ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद के संघर्ष की वजह से अगर हम भारत में नहीं मिलते, तो शायद आज हमारी हालत भी चिन्मय कृष्ण जैसी होती।’’ मुख्यमंत्री ने सत्ता में लंबे समय से काबिज रहे वाम मोर्चे और तृणमूल कांग्रेस की सरकारों पर बंगाली हिंदुओं के लिए अलग मातृभूमि बनाने के आंदोलन में मुखर्जी और प्रणवानंद के योगदान को जान-बूझकर मिटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। शुभेंदु ने अपने परिवार की पीड़ा का भी जिक्र किया और अपनी मां गायत्री देवी के अनुभव को याद किया। उनका परिवार मूल रूप से उस इलाके का था जो अब बांग्लादेश है।उन्होंने बताया कि बंटवारे के समय हिंदू होने के कारण उन्हें अपने पिता के साथ भारत भागना पड़ा था। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मेरी अपनी जिंदगी की पीड़ा है, क्योंकि मेरी मां हिंदू थीं, इसलिए उन्हें भी अपने पिता के साथ सब कुछ छोड़कर भागना पड़ा था। वे बस वही कपड़े साथ ले आ पाईं जो उन्होंने पहने हुए थे।’’ माकपा नेता कल्तन दासगुप्ता ने हालांकि इस दलील को लेकर भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वामपंथी दल राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर अल्पसंख्यकों के अधिकारों का समर्थन करते हैं जबकि सत्तारूढ़ पार्टी देश और विदेश में अलग-अलग पैमाने अपनाती है।दासगुप्ता ने कहा, ‘‘हम वामपंथी हमेशा अल्पसंख्यकों के अधिकारों के पक्ष में और बहुसंख्यक वर्चस्व के खिलाफ खड़े रहे हैं, चाहे वह बांग्लादेश हो, भारत हो या फलस्तीन।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन भाजपा दोहरे मापदंड अपना रही है। वहां चिन्मय कृष्ण को देश-विरोधी करार देकर जेल में डाल दिया गया है, वहीं यहां उमर खालिद भी जेल में हैं। भाजपा के दोहरे मापदंड तेजी से जनता के सामने आए रहे हैं।’’ चिनमय कृष्ण नवंबर 2024 से बांग्लादेश में हिरासत में हैं।उन पर देश के खिलाफ कथित अपराधों से जुड़ा मामला चल रहा है। हाल ही में उन्हें अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी गई, जिनका पिछले हफ्ते निधन हो गया था। शुभेंदु बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा उठाते रहे हैं।इसमें पिछले साल मेमनसिंह में दीपू दास की हत्या के बाद का मामला भी शामिल है, जब विपक्ष के नेता के तौर पर उन्होंने तब तक ज़ोरदार विरोध-प्रदर्शन करने का आह्वान किया था, जब तक कि ढाका यह स्पष्ट न कर दे कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है और हिंदुओं की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं। शुभेंदु ने कहा, ‘‘वाम दल और तृणमूल कांग्रेस ने कोशिश की कि लोग बंगाली हिंदुओं के लिए एक अलग मातृभूमि हासिल करने की दिशा में मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद के संघर्ष और योगदान को भुला दें। लेकिन हम उनके योगदार, उस परंपरा और विरासत को वापस लाना चाहते हैं।’’ माना जा रहा है कि भाजपा सरकार की ओर से यह राजनीतिक संदेश राज्य के सांस्कृतिक पंचाब, धार्मिक रीति-रिवाजों और बंटवारे तथा बंगाल के भारत में विलय से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर चल रही व्यापक वैचारिक लड़ाई के संदर्भ में दिया गया है।शुभेंदु ने वाम मोर्चा के 34 साल के शासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वामपंथी सरकार ने बंगाल को उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से दूर करने की कोशिश की थी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘34 साल तक वामपंथी शासन ने हमें हमारे पंचांग, ​​धर्मग्रंथों, परंपराओं, पुरोहितों, आरती और पुष्पांजलि को भुलाने की कोशिश की।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि दुर्गा पूजा और महालया को भी इसी तरह वैचारिक जांच-परख के दायरे में लाया गया था। शुभेंदु ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि उसने, खासकर अपने कार्यकाल के आखिरी सालों में, बंगाल का ‘जमातीकरण’ करने की कोशिश की थी।उन्होंने इसके उदाहरण के तौर पर मूर्ति विसर्जन के समय में किए गए बदलावों का जिक्र किया। शुभेंदु ने कहा, ‘‘तृणमूल के शासनकाल में दुर्गा पूजा के सभी नियमों और रीति-रिवाजों को दरकिनार कर दिया गया और बंगाल की दुर्गा पूजा का ‘जमातीकरण’ (जमात-ए-इस्लामी की तर्ज पर) करने की कोशिशें की गईं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल दुर्गा पूजा पारंपरिक पंचांग के अनुसार होगी और विसर्जन भी उसी के मुताबिक किया जाएगा। उन्होंने साथ ही कहा कि अष्टमी के दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी।शुभेंदु की इन टिप्पणियों पर माकपा के वरिष्ठ नेता सुजान चक्रवर्ती ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री यह तय करने की कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को क्या पढ़ना चाहिए और उन्हें त्योहार कैसे मनाने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री को रवींद्रनाथ टैगोर का शरदोत्सव पसंद नहीं है और वह बीरेंद्र कृष्ण भद्र की ‘महिषासुर मर्दिनी’ को भी खारिज कर रहे हैं।’’ माकपा नेता ने कहा, ‘‘केवल इसलिए कि कोई मुख्यमंत्री बन गया है, इसका अभिप्राय यह नहीं है कि वह तय कर सकता है कि कौन किस किताब का अध्ययन करेगगा या कौन क्या खाएगा। चीजें वैसे ही होंगी जैसे इतने सालों से होती आई हैं।’’ यह विवाद दुर्गा पूजा समारोहों के दौरान लगने वाले पारंपरिक किताबों की दुकानों तक भी पहुंच गया है।शुभेंदु ने विधानसभा में कहा था कि दुर्गा पूजा पंडालों के पास मार्क्सवादी साहित्य की दुकानें लगाने वाली वामपंथी दलों को ‘शरदोत्सव’ के बजाय ‘दुर्गा पूजा’ शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए। माकपा ने इस सुझाव को खारिज कर दिया और कहा कि उसके स्टॉल और कार्यक्रम पहले की तरह ही जारी रहेंगे। सांस्कृतिक क्षेत्र में भाजपा सरकार का हस्तक्षेप बंगाल की राजनीतिक चर्चा में एक अहम बदलाव को प्रतिबिंबित करता है, जहां धार्मिक त्योहार पहचान और इतिहास को लेकर दावों-प्रतिदावों का अखाड़ा बनते जा रहे हैं।जानकारों के मुताबिक भाजपा की कोशिश बंगाल के राजनीतिक विमर्श को बंटवारे, बंगाली हिंदू पहचान और मुखर्जी की विरासत के इर्द-गिर्द गढ़ने की है, जबकि वामपंथी दल इस बहस को धर्मनिरपेक्षता और बहुसंख्यकवादी राजनीति के बीच की लड़ाई के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    BRICS Summit में नयी दिल्ली घोषणापत्र पर बनी सहमति, देश और दुनिया की मुख्य खबरें
    Next Article
    Himachal Pradesh में Drug Mafia पर बड़ा एक्शन, CM Sukhvinder Singh Sukhu बोले- जब्त होगी हर संपत्ति

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment