Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    टी-20 वर्ल्डकप में एसोसिएट देशों का बेहतर प्रदर्शन:भारत-पाकिस्तान और इंग्लैंड को टक्कर दी; एसोसिएट देशों की मांग- हमें ज्यादा मैच चाहिए

    1 hour ago

    1

    0

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एसोसिएट देशों ने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। नीदरलैंड, नेपाल, अमेरिका, इटली और स्कॉटलैंड जैसी टीमों ने क्रिकेट के दिग्गजों को हार की कगार पर खड़ा कर दिया। आंकड़े गवाह हैं कि अब एसोसिएट और फुल मेंबर देशों (टेस्ट खेलने वाले देश) के बीच का अंतर तेजी से कम हो रहा है। हालांकि, इन टीमों के कोच और खिलाड़ियों का दर्द एक ही है उन्हें बड़े देशों के खिलाफ खेलने के पर्याप्त मौके नहीं मिलते। भारत और पाकिस्तान के खिलाफ दिखी टक्कर इस वर्ल्ड कप में कई ऐसे मौके आए जब बड़ी टीमें उलटफेर का शिकार होते-होते बचीं। नीदरलैंड के खिलाफ पाकिस्तान की टीम 148 रन का पीछा करते हुए 114 रन पर उसके 7 विकेट गिर गए थे। मैक्स ओ'डॉड से एक कैच छूटा और फहीम अशरफ ने अंत में छक्का जड़कर मैच पाकिस्तान की झोली में डाल दिया। भारत के खिलाफ अमेरिका ने भी शानदार शुरुआत की थी और 10वें ओवर तक भारत का स्कोर 63/4 कर दिया था। शुभम रांजणे ने अगर सूर्यकुमार यादव का कैच न छोड़ा होता, तो नतीजा कुछ और हो सकता था। सूर्या ने 84 रनों की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई। नेपाल और इटली ने इंग्लैंड को डराया नेपाल की टीम इंग्लैंड के खिलाफ 185 रनों का पीछा करते हुए जीत के बेहद करीब थी। लोकेश बम की 15 गेंदों पर 35 रनों की पारी ने इंग्लैंड की सांसें अटका दी थीं, लेकिन सैम करन ने मैच बचा लिया। उन्होंने 4 ओवर में 27 रन देकर 1 विकेट लिए। वहीं, पहली बार खेल रही इटली की टीम ने भी इंग्लैंड के खिलाफ 203 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जमकर लड़ाई लड़ी और मैच को आखिरी 2 ओवरों तक ले गए। नेट प्रैक्टिस से नहीं, मैच खेलने से आएगा कॉन्फिडेंस UAE के कोच लालचंद राजपूत ने एसोसिएट देशों की समस्या पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा,'आप कितनी भी नेट प्रैक्टिस कर लें, लेकिन जब तक आप मैदान पर मुश्किल स्थितियों (जैसे 80/5 का स्कोर) का सामना नहीं करेंगे, तब तक दबाव झेलना नहीं सीखेंगे। जब आप अच्छी टीमों के खिलाफ खेलेंगे, तभी आप में यह भरोसा आएगा कि अगली बार ऐसी स्थिति में हम जीत सकते हैं।' शाद बिन जफर और बास डी लीडे की मांग: हमें एक्सपोजर चाहिए कनाडा के कप्तान साद बिन जफर ने कहा कि बड़े देशों के खिलाफ खेलना ही असल लर्निंग ग्राउंड है। वहीं नीदरलैंड के बास डी लीडे ने याद दिलाया कि इस वर्ल्ड कप के बाद जून तक उनकी टीम का कोई शेड्यूल नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि बड़े देशों के साथ ट्राई-सीरीज या यूरोपियन टी-20 सीरीज से विकल्प तलाशे जाने चाहिए। मौके न मिलने से टूटती है लय रिकॉर्ड्स बताते हैं कि आईसीसी और बड़े बोर्ड्स अक्सर छोटी टीमों को नजरअंदाज करते हैं। 2024 वर्ल्ड कप में सुपर-8 तक पहुंचने वाली अमेरिका की टीम ने इस वर्ल्ड कप तक किसी बड़े देश के खिलाफ एक भी मैच नहीं खेला। इसी तरह, 2022 में साउथ अफ्रीका को हराने वाली नीदरलैंड की टीम ने अगला टी-20 मैच सीधे 479 दिनों के बाद खेला। टी-20 लीग्स और अनुभवी कोच बदल रहे हैं तस्वीर मौके कम मिलने के बावजूद इन टीमों के बेहतर प्रदर्शन की बड़ी वजह दुनियाभर में चल रही टी-20 लीग्स हैं। एंड्रीज गौस (यूएसए) और मोहम्मद वसीम (यूएई) जैसे खिलाड़ी राशिद खान, निकोलस पूरन और क्रिस वोक्स जैसे दिग्गजों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर कर रहे हैं। साथ ही, स्टुअर्ट लॉ (नेपाल), गैरी कर्स्टन (नामीबिया) और लालचंद राजपूत (यूएई) जैसे अनुभवी कोचों की मौजूदगी ने इन टीमों की सोच को प्रोफेशनल बनाया है। फुल मेंबर्स का सिस्टम छोड़कर दूसरे देशों से खेलने का फायदा एसोसिएट टीमों की मजबूती का एक और स्तंभ वे खिलाड़ी हैं जो अपने मूल देश (फुल मेंबर) में मौके न मिलने पर दूसरे देशों का रुख कर रहे हैं। रोलोफ वैन डर मर्वे (साउथ अफ्रीका से नीदरलैंड) और ग्रांट स्टीवर्ट (इंग्लैंड से इटली) इसके बड़े उदाहरण हैं। वैन डर मर्वे ने अब सुनील नरेन से ज्यादा वर्ल्ड कप विकेट चटकाए हैं। यह 'म्युचुअल अरेंजमेंट' छोटी टीमों को अनुभव प्रदान कर रहा है। ======================= स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़े़… T20 वर्ल्डकप टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब; सूर्या नंबर-3 पर कर सकते हैं बल्लेबाजी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी ने मानी मासूम शर्मा की गलती,VIDEO:बोले-पूर्व सरपंच को भड़काया तो आया गुस्सा, मैं माफी मांगू हूं; लाइव शो में की थी धक्का-मुक्की
    Next Article
    'खिलाड़ी मेंटल कोमा में चले गए हैं'- T20 वर्ल्ड कप के बहिष्कार पर फूटा बांग्लादेश कोच का गुस्सा, आसिफ नजरुल पर बोला हमला

    Related स्पोर्ट्स Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment