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    तेजस्वी सूर्या 26km पैदल चलकर कांवड़ लेकर ऋषिकेश पहुंचे:व्रत रख हरकी पैड़ी से उठाया था जल; बोले- बेंगलुरु में करूंगा जलाभिषेक

    11 hours ago

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    हरिद्वार के हरकी पैड़ी से कांवड़ उठाकर चले भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद तेजस्वी सूर्या ऋषिकेश स्थित ऐतिहासिक वीरभद्र महादेव मंदिर पहुंच गए हैं। यहां पहुंचने पर मंदिर के महंत ने फूल-माला पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, युवा नेता नेहा जोशी समेत भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और युवा नेता मौजूद रहे। इससे पहले शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे तेजस्वी सूर्या हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की। इसके बाद हरकी पैड़ी पर वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से मां गंगा की आरती व पूजन करने के बाद सुबह 9:30 बजे उन्होंने कंधे पर कांवड़ उठाई। सूर्या ने पूरे दिन का व्रत रखकर हरिद्वार से ऋषिकेश तक करीब 26 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय की। रास्ते में कई जगहों पर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। वीरभद्र महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद उनकी यात्रा अपने अंतिम पड़ाव ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम स्थित शिव गंगा घाट की ओर बढ़ेगी, जहां वे गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी कांवड़ यात्रा का समापन करेंगे। ऋषिकेश की तस्वीरें- हरिद्वार की तस्वीरें- तेजस्वी सूर्या की बड़ी बातें 5 पॉइंट में… 1. मन की इच्छा पूरी हुई, बेंगलुरु ले जाएंगे जल: दक्षिण भारत (कर्नाटक) से आने के कारण कई सालों से हरिद्वार से ऋषिकेश तक कांवड़ लाने की इच्छा थी, जो बाबा भोलेनाथ की कृपा से पूरी हुई। अब इस गंगाजल को बेंगलुरु ले जाकर अपने घर के मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। 2. बिना आयोजक की सबसे बड़ी युवा यात्रा- कांवड़ यात्रा दुनिया की सबसे बड़ी स्व-प्रेरित यात्रा है, जिसमें 99 प्रतिशत युवा भागीदारी है। इसका कोई आयोजक या फीस नहीं है; यह राजनीति और भेदभाव से परे पूरी तरह आस्था और आत्मिक उन्नति के लिए है। 3. युवाओं से पहला आग्रह- नशामुक्त भारत- कांवड़ यात्रा भक्ति, सेवा और साधना का संगम है। यात्रा के दौरान युवा जिस तरह का अनुशासन, व्रत और नशामुक्त जीवन अपनाते हैं, उसे केवल यात्रा तक सीमित न रखकर पूरे साल बनाए रखें। 4. दूसरा आग्रह- स्वच्छता ही परम धर्म- मां गंगा की पूजा का सबसे बड़ा संदेश स्वच्छता है। देश के युवाओं को आगे आकर गंगा, नदियों, तीर्थस्थलों और अपने शहरों को साफ-सुथरा रखने का संकल्प लेना चाहिए। 5. सांस्कृतिक एकता का प्रतीक- कांवड़ यात्रा, कर्नाटक की अयप्पा यात्रा, ओडिशा की जगन्नाथ यात्रा और जम्मू की अमरनाथ यात्रा जैसे आयोजन पूरे भारत को सनातन धर्म और सांस्कृतिक एकता के एक सूत्र में बांधते हैं। 12 फिट से ऊंची कांवड़ और DJ लेकर किया प्रवेश, पुलिस ने लौटाया हरिद्वार में 10 फीट चौड़ाई और 12 फीट ऊंचाई से बड़े आकार वाले डीजे और कांवड़ों के प्रवेश पर जिला प्रशासन ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। DM मयूर दीक्षित के सख्त निर्देशों के बाद, तय मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को नारसन बॉर्डर से ही वापस लौटाया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है, इसलिए सभी आयोजक और कांवड़िये जारी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… ऋषिकेश में कांवड़िया बहा, टिहरी में लैंडस्लाइड:पोकलैंड बकेट की मदद से स्कूल जा रहे बच्चे, 7 नदियां उफान पर उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद शुक्रवार को ज्यादातर इलाकों में मौसम सामान्य बना हुआ है। ऋषिकेश में जल भरते समय दिल्ली से आया कांवड़िया बह गया, जिसे घाट पर तैनात SDRF के हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश कुकरेती ने तुरंत गंगा में छलांग लगाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। (पढ़ें पूरी खबर)
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