Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ट्रंप-मस्क की इस गलती ने मोदी को बनाया 10 गुना ताकतवर, अब अमेरिका पर ही 100% टैरिफ लगेगा?

    4 hours ago

    2

    0

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क के हालिया फैसलों ने अनजाने में ही सही, वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कद को कई गुना मजबूत कर दिया है। सोशल मीडिया पर यह चर्चा गर्म है कि अमेरिकी दबाव की रणनीति भारत के सामने पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि भारत किसी भी महाशक्ति के दबाव में आकर फैसले नहीं लेता, जबकि घरेलू विपक्ष पर अक्सर विदेश नीति को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। एलन मस्क के रुख और बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक आर्थिक दबदबा भारत की संप्रभुता के आगे बेअसर है। मस्क के 'स्टारलिंक' प्रोजेक्ट ने अपने प्रभाव के दम पर श्रीलंका में महज 67 दिनों और भूटान में मात्र 35 दिनों के भीतर प्रवेश हासिल कर लिया था। लेकिन भारत में मामला बिल्कुल अलग रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा संप्रभुता को प्राथमिकता देते हुए बिना किसी जल्दबाजी के कड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराया। विडंबना यह है कि मुख्य विपक्षी दल, जो कभी स्टारलिंक का विरोध कर रहा था, आज उसी सेवा की वकालत करता नजर आ रहा है।इसे भी पढ़ें: US Senator Richard Blumenthal ने Russia से डीजल सौदे को बताया शर्मनाकवहीं दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप की भू-राजनीतिक रणनीतियों ने भी कई मोर्चों पर उलटा असर दिखाया है। पश्चिम एशिया में ईरान को लेकर उठाए गए कदमों के बाद अब ट्रंप प्रशासन की नीतियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि कभी रूस के साथ भारत की कूटनीतिक और व्यापारिक साझेदारी पर सवाल उठाने वाला अमेरिका, अब खुद उसी यथार्थवादी विदेश नीति की राह पर चलने को विवश नजर आ रहा है। कुल मिलाकर, अमेरिका की इन परिस्थितियों ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और मजबूत नेतृत्व को दुनिया के सामने और अधिक सशक्त रूप में स्थापित कर दिया है।डॉनल्ड ट्रंप ने यूक्रेन, नाटो और यूरोपीय देशों को धोखा देते हुए कहा है कि अब अमेरिका रूस से डीजल खरीदेगा। अमेरिका 2027 तक लगातार अब रूस से डीजल खरीदने वाला है। ट्रंप ने कहा है कि समझौते के तहत रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल अमेरिका को देगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन रूसी डीजल अमेरिका भेजा जाएगा। डॉनल्ड ट्रंप ने यूक्रेन नाटो और यूरोप को बिना बताए रूस से डील कर ली। अभी तक अमेरिका बोल रहा था कि भारत रूस से तेल खरीद कर जंग को फंड कर रहा है। मंदबुद्धि अमेरिका इतना गिर गया था कि रूस से तेल खरीदने के लिए उसने पीएम मोदी की पूजा का मजाक बनाया। यहां तक कह दिया कि तेल से मिले मुनाफे का फायदा भारत के ब्राह्मणों को हो रहा है। लेकिन अब अमेरिका कहां जाकर मुंह छिपाएगा? ट्रंप ने सितंबर में ही रूस पर प्रतिबंधों वाले कानून पर साइन किया है। इसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रंप ने 100% टेरिफ लगाने की बात कही थी। जिसमें भारत और चीन शामिल हैं। लेकिन अब अमेरिका खुद तेल खरीद रहा है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Dhurandhar The Revenge ने मारी ग्लोबल छलांग! Grammy Awards की दौड़ में शामिल हुआ फिल्म का संगीत, जानें कौन-कौन से गाने हैं रेस में
    Next Article
    Poland School Attacks: 50 हजार स्कूलों की जांच के बीच पुलिस ने 76 संदिग्धों को पकड़ा

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment