Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    दबाब कम करने के लिए दी गई छूट, Russia Oil खरीद पर Trump का बयान, भारत ने कहा- किसी की मंजूरी नहीं चाहिए

    3 hours from now

    1

    0

    अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को साफ किया कि भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने का असली मकसद ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर दबाव कम करना है। ट्रंप के मुताबिक, वेस्ट एशिया और गल्फ के सप्लाई रूट में तनाव की वजह से रुकावटें आ रही हैं, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया। एयर फोर्स वन में रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप ने स्कॉट बेसेंट की उस घोषणा का समर्थन किया, जिसमें भारतीय रिफाइनर्स को समुद्र में पहले से मौजूद रूसी क्रूड के शिपमेंट खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट दी गई है।मार्केट को स्थिर रखने की कोशिशहोर्मुज स्ट्रेट के पास सुरक्षा तनाव की वजह से ग्लोबल तेल सप्लाई रुकने की चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति पर कमेंट करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर मार्केट को स्थिर करने के लिए और भी कदम उठाने पड़े, तो वे थोड़ा दबाव कम करने के लिए ऐसा जरूर करेंगे। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि दुनिया भर में और खुद अमेरिका के पास तेल का काफी स्टॉक है और यह स्थिति बहुत जल्दी ठीक हो जाएगी। यूएस ट्रेजरी डिपार्टमेंट की इस छूट से भारत उन रूसी तेल शिपमेंट को इंपोर्ट कर सकेगा, जो नए अमेरिकी बैन के बाद बीच रास्ते में फंस गए थे। इसे भी पढ़ें: Trump की सबसे बड़ा हमला करने की धमकी, पुतिन ने अचानक ईरान को मिलाया फोन, सबसे बड़ी मदद देने का किया ऐलानवॉशिंगटन-नई दिल्ली की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिपअमेरिकी अधिकारियों, स्कॉट बेसेंट और क्रिस राइट ने जोर देकर कहा कि यह एक शॉर्ट-टर्म उपाय है और इसका मतलब रूस के प्रति उनकी बड़ी पॉलिसी में बदलाव नहीं है। बेसेंट ने बताया कि पहले भारत से रूसी तेल न खरीदने को कहा गया था और भारत ने उसका पालन भी किया, लेकिन मौजूदा सुरक्षा हालातों को देखते हुए यह ढील दी गई है।उन्होंने भारत को एक जरूरी स्ट्रैटेजिक पार्टनर बताया और कहा कि यह कदम ईरान की उस कोशिश का मुकाबला करने के लिए है, जिसमें वह ग्लोबल एनर्जी को 'बंधक' बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, भारतीय अधिकारियों का कहना है कि देश कच्चा तेल खरीदने के लिए किसी बाहरी मंजूरी पर निर्भर नहीं है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Abbas Araghchi की Trump को खुली चेतावनी, कहा- US Army को भुगतना पड़ेगा गंभीर अंजाम
    Next Article
    रंग नहीं पुराने झगड़े में खेली गई खूल की होली, दिल्ली के उत्तम नगर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment