Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    दिल्ली प्रदर्शन पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:पुलिस कार्रवाई और इंटरनेट बंद करने का मामला; पिछली सुनवाई में CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे

    3 hours ago

    1

    0

    सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को दिल्ली में अक्टूबर में हुए प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। ये प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में हुए थे। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इनमें पुलिस की कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने, सार्वजनिक जगहों पर आवाजाही रोकने और प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। याचिकाओं के मुताबिक, 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के लिए जुटे 7 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया था। पत्रकारों और वकीलों के साथ मारपीट, इंटरनेट बंद करने और मेट्रो बंद करके सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करने के आरोप भी लगाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को जारी किए थे नोटिस सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 15 अक्टूबर को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किए थे। कोर्ट ने घटनास्थल के CCTV फुटेज और डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया था। कोर्ट ने एक जैसे मुद्दों वाली याचिकाओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने और उनके जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया था। सुप्रीम कोर्ट में आज इन 8 मामलों पर सुनवाई 1. मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बंद करने का मामला: प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद करने और दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों पर पाबंदियां लगाने के फैसले को चुनौती दी गई है। 2. सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला: आरोप है कि अधिकारियों ने 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं करने के निर्देश का पालन नहीं किया। इस मामले में कोर्ट के आदेश की अवमानना का मुद्दा उठाया गया है। 3. प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का मामला: 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई और हिरासत की कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। 4. वकीलों के साथ मारपीट: प्रदर्शन के दौरान वकीलों को हिरासत में लेने और पुलिस स्टेशन के अंदर उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोपों से जुड़ी याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी। 5. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति: याचिकाकर्ताओं ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले को चुनौती दी है। उनकी मांग है कि वहां दोबारा प्रदर्शन की अनुमति दी जाए। 6. धारा 163 के तहत लगाई गई पाबंदियां: दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने इन पाबंदियों के आधार और उन्हें लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने संबंधित आदेशों की प्रतियां पेश करने को कहा है। 7. रास्ते बंद करने और आवाजाही रोकने का मामला: प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर बैरिकेडिंग करने, लोगों की आवाजाही रोकने और पुलिस की ओर से लगाई गई पाबंदियों को भी चुनौती दी गई है। 8. पहले दिए गए अदालती आदेशों के पालन का मामला: 11 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लेने और मेट्रो, ट्रेन और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रखने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इस पर भी कोर्ट सुनवाई करेगा। दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़ी पिछली 3 सुनवाईं… 9 अक्टूबर: CJI बोले- मक्खी मारने के लिए हथौड़ा न चलाएं कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर ज्यादा सख्ती पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई थी। CJI सूर्यकांत ने कहा- आपको कुछ चीजों को रोकना ही होगा। उन्हें रोकने के लिए सिर्फ उतनी ही कार्रवाई करें जितनी जरूरी हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करें। पूरी खबर पढ़ें… 11 अक्टूबर: सुप्रीम कोर्ट बोला- शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में न लें दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो-ट्रेन सेवाएं बंद करने, इंटरनेट बाधित करने और लोगों को हिरासत में लेने से जुड़ी याचिकाओं पर रविवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए। इंटरनेट बाधित नहीं होना चाहिए और लोगों की आवाजाही नहीं रोकी जानी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 15 अक्टूबर: CJI बोले- कोई सुप्रीम कोर्ट पर दबाव नहीं बना सकता सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डरा-धमकाकर दबाव में नहीं ला सकता और ऐसी कोशिशें बेकार हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट को बाहर और अंदर हो रही हर बात की जानकारी है और वह किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं जी रहा। CJI ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर सवाल उठाए जाएंगे और उन्हें इस पर अपनी सफाई देनी होगी। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    श्रीनगर के सांसद पार्टी और सांसदी से इस्तीफा देंगे:कहा- सरकार ने धारा 370 पर वादा पूरा नहीं किए; नेशनल कॉन्फ्रेंस के 25 विधायक अल्टीमेटम दे चुके
    Next Article
    खबर हटके- भालुओं ने गाड़ी से बीयर चुराई:चूहा मारने पर 4 लोगों पर FIR; अरबपति ने 48 साल से पानी नहीं पिया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment