Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Thane Coastal Road 2 के मूल मार्ग को MCZMA से हरी झंडी, 680 मैंग्रोव होंगे खत्म

    3 hours from now

    1

    0

    महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (एमसीजेडएमए) ने 7.12 किलोमीटर लंबी ‘ठाणे तटीय सड़क-2’ परियोजना के मूल मार्ग को बिना किसी बदलाव के मंजूरी दे दी है। यह सड़क ‘ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो अभयारण्य’ के पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) से होकर गुजरेगी, जिसके चलते 680 मैंग्रोव (तटीय दलदली वन) नष्ट हो जाएंगे। ‘मैंग्रोव’ ऐसे सदाबहार तटीय दलदली वन होते हैं जो खारे पानी में उगते हैं और समुद्र या खाड़ी के किनारे की ज़मीन को बहने से रोकते हैं।एमसीजेडएमए की 24 सितंबर को आयोजित 202वीं बैठक के विवरण के अनुसार, प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव की सिफारिश केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को भेज दी है। प्राधिकरण ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) की उस बात को स्वीकार कर लिया है, जिसमें कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इस ‘रामसर स्थल’ को बचाते हुए कोई दूसरा वैकल्पिक मार्ग बनाना संभव नहीं है।एमएमआरडीए द्वारा बनाई जा रही ठाणे तटीय सड़क-2 परियोजना के पूरे क्षेत्र में कुल 3,754 मैंग्रोव प्रभावित होंगे। ‘पीटीआई-भाषा’ के पास मौजूद बैठक के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, लगभग 1.7 हेक्टेयर में फैले 680 मैंग्रोव हमेशा के लिए नष्ट हो जाएंगे, क्योंकि ये उस जगह पर आ रहे हैं जहां सेतु (एलिवेटेड) मार्ग के खंभे बनाए जाने प्रस्तावित हैं।दस्तावेज में कहा गया है कि निर्माण कार्य के दौरान 1,053 अन्य मैंग्रोव क्षतिग्रस्त होंगे जिन्हें बाद में पुनर्स्थापित किया जाएगा, जबकि शेष 2,021 मैंग्रोव को काफी हद तक अछूते रहेंगे। इससे पहले अगस्त में, एमसीजेडएमए ने अपने फैसले को टाल दिया था और एमएमआरडीए से मैंग्रोव तथा पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र को कम से कम नुकसान पहुंचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों की तलाश करने को कहा था। हालांकि, एमएमआरडीए ने प्राधिकरण को सूचित किया कि ‘‘ऐसा कोई दूसरा मार्ग नहीं है जिससे मैंग्रोव को बड़े पैमाने पर बचाया जा सके’’, क्योंकि प्रस्तावित मार्ग पश्चिम की तरफ बने मौजूदा ढांचों और पूर्व की तरफ ठाणे खाड़ी के बीच में स्थित है।विकास प्राधिकरण ने मैंग्रोव को नुकसान से बचाने और खंभों की संख्या कम करने के लिए सड़क को ‘एलिवेटेड वायाडक्ट’ (जमीन से ऊपर उठे सेतु मार्ग) के रूप में बनाने तथा दो खंभों के बीच की दूरी 30 मीटर से बढ़ाकर 50 मीटर करने का प्रस्ताव दिया है। यह 7.129 किलोमीटर लंबा नया गलियारा मुलुंड पूर्वी के आनंद नगर से ठाणे के बालकुम तक ठाणे क्रीक के किनारे बनेगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    CJP नेता Sourav Das और आशुतोष रांका SEM Court में हुए पेश, अगली सुनवाई 17 नवंबर को
    Next Article
    CM Pushkar Singh Dhami ने Daler Mehndi से की बात, बोले- उत्तराखंड में कलाकारों का सम्मान

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment