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    दूसरी मंजिल से गिरने वाले मजदूरों के परिजनों का हंगामा:मुआवजे की मांग को लेकर अंतिम संस्कार से मना किया, एक घंटे तक गर्म रहा

    2 hours ago

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    आगरा के एत्माद्दौला क्षेत्र के ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस एक में शनिवार शाम को मकान के दूसरे तल पर निर्माणाधीन ढांचा गिरने से ठेकेदार और दो श्रमिकों की मौत हो गई। हादसा द्वितीय तल पर स्टोर रूम की छत पर गर्डर पर पटिया रखने के दौरान हुआ। हादसे के बाद रविवार को पोस्टमार्टम के बाद मजदूरों के शव गांव पहुंचे तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। परिजन मुआवजे की मांग करने लगे। सूचना पर एसडीएम और एसीपी मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे के बाद प्रशासन ने समझा बुझाकर अंतिम संस्कार करवाया। घटना शनिवार शाम लगभग सवा चार बजे की है। ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस एक निवासी रवि प्रताप के घर में द्वितीय तल पर स्टोर रूम का निर्माण चल रहा है। एत्मादपुर के धौरा निवासी ठेकेदार मुन्नालाल, श्रमिक रंजीत और नगला छदामी एत्माद्दौला निवासी जगदीश दीवारों पर गर्डर रखने के बाद उस पर पटिया लगाने का काम कर रहे थे। तीनों पटिया पर खड़े थे। तीनों पटिया पर खड़े थे। इसी दौरान गर्डर एक ओर झुकने से पूरा ढांचा असंतुलित होकर ढह गया। श्रमिक गर्डर, पत्थर, सीमेंट की बोरियों समेत तीनों श्रमिक दूसरे तल से सड़क पर आ गिरे। हादसे से वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। घायल तीनों श्रमिकों को कृष्णा हॉस्पिटल और गोयल हॉस्पीटल लेकर गए। यहां डाक्टरों ने 30 वर्ष के रंजीत को मृत घोषित कर दिया। वहीं, ठेकेदार 60 वर्ष के मुन्नालाल की हालत गंभीर देख उसे गोयल हॉस्पीटल से शाम साढ़े सात बजे एसएन इमरजेंसी रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्रमिक 55 वर्ष के जगदीश को कृष्णा हॉस्पीटल से केजीएमसी लखनऊ रेफर किया गया था। रात साढ़े आठ बजे वह केजीएमसी पहुंचे, लेकिन देर हो चुकी थी। केजीएमसी में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चार घंटे के अंतराल में तीनों श्रमिकों की मौत की जानकारी होने पर उनके परिवारों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी की मौत के बाद रंजीत पर थी दोनों बेटों की जिम्मेदारी हादसे की जानकारी होने पर रंजीत के परिजन मौके पर पहुंच गए। दोनों बेटों विवेक और ऋषि का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोगों ने बताया कि रंजीत की पत्नी रेनू की बीमारी के चलते दो वर्ष पहले मौत हो गई थी। जिसके बाद दोनों बेटों की जिम्मेदारी उस पर थी। वह मां और पिता दोनों की जिम्मेदारी उठा रहा था। धौर्रा गांव में परिजनों का हंगामा पोस्टमार्टम के बाद ठेकेदार मुन्नालाल और मजदूर रंजीत का शव धौर्रा गांव पहुंचा। यहां पर परिजन और ग्रामीण एकत्रित थे। उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर शवों का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। उनका कहना था कि दोनों ही परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। परिजनों को 5 लाख रुपए व जमीन का पट्‌टा दिया जाए। इस मांग को लेकर करीब एक घंटे तक हंगामा हुआ। बाद में आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार किया गया।
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