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    दुश्मन का पीछा करके...प्लेन हाइजैक की कोशिश के बाद इजरायल की कसम

    14 hours ago

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    दुबई से इज़राइल जा रही फ्लाईदुबई की एक रेगुलर फ़्लाइट में सवार 180 यात्रियों के लिए स्थिति जान पर बन गई, जब सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करने से पहले विमान ने दो अलग-अलग इमरजेंसी कोड भेजे। इनमें से एक कोड संभावित हाईजैकिंग से जुड़ा था। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए फ्लाईदुबई की फ़्लाइट FZ1073 के तौर पर उड़ रहे बोइंग 737 MAX 8 विमान में लगभग 180 यात्री सवार थे, जिनमें से ज़्यादातर इज़राइली नागरिक थे। आखिरकार, विमान उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया। इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए इजरायल सरकार ने साफ किया है कि जिम्मेदारों के साथ हत्यारों जैसा ही सलूक किया जाएगा। वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने दो टूक कहा कि इजरायल सिर्फ परिणाम को नहीं, बल्कि हमले के पीछे की मंशा को देख रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 180 इजरायली नागरिकों की जान लेने की कोशिश करने वाले को हत्यारे जितनी ही सख्त सजा भुगतनी होगी—फिर चाहे इसके पीछे कोई मुल्क हो या कोई आतंकी गिरोह। यात्रियों के सुरक्षित बचने पर ईश्वर का आभार जताते हुए स्मोट्रिच ने दोहराया कि इजरायल अपने हर दुश्मन को ढूंढकर खत्म करेगा। उधर, इस पूरे घटनाक्रम के बाद ट्रांसपोर्ट मंत्री मीरी रेगेव ने फ्लाईदुबई की उड़ानों को तत्काल निलंबित करने और यूएई के साथ हुए विमानन समझौते (Aviation Agreement) की समीक्षा करने की मांग उठाई है।हाईजैक के अलर्ट से इमरजेंसी की स्थिति बनीआम लोगों के लिए उपलब्ध फ़्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान ने शुरू में 'स्क्वॉक कोड 7700' भेजा, जो आम इमरजेंसी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ट्रांसपोंडर कोड है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब विमान ने बाद में 'कोड 7500' पर स्विच किया; इस कोड का इस्तेमाल विमान में गैर-कानूनी दखल (जैसे कि संभावित हाईजैक) का संकेत देने के लिए किया जाता है। इस सिग्नल के मिलते ही तुरंत सुरक्षा कार्रवाई शुरू की गई। खबरों के अनुसार, इज़राइल ने फाइटर जेट्स को तैनात किया क्योंकि उन्हें डर था कि दर्जनों इज़राइली नागरिकों को ले जा रहे कमर्शियल विमान को हाईजैक किया जा सकता है। हालांकि, सिर्फ़ ट्रांसपोंडर कोड से यह पता नहीं चल सका कि विमान के अंदर असल में क्या हो रहा था।इसे भी पढ़ें: UAE President से मिले PM Benjamin Netanyahu, Iran ने दौरे को बताया क्षेत्र के लिए खतरासऊदी अरब में प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंगचिंताएं बढ़ने पर, प्लेन को उसके तय रास्ते से हटाकर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया, जिसका इस्तेमाल आम लोगों और सेना, दोनों के लिए किया जाता है। शुरुआत में इज़राइली अधिकारियों ने इस घटना को हवाई सुरक्षा के लिए संभावित खतरा माना। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने कहा कि उन्होंने इस घटना पर बातचीत की है और हालात पर नज़र रखे हुए हैं। उनके ऑफिस ने कहा कि हवाई सुरक्षा से जुड़ी घटना को लेकर चिंता के बाद, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस मामले पर बातचीत की और हालात पर नज़र रखे हुए हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि स्थिति नियंत्रण में है और इज़राइली यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।इसे भी पढ़ें: 180 यात्रियों की जिंदगी…9/11 जैसे हमले का खतरा, चाकू का वार सहकर भी कैसे FlyDubai के भारतीय कैप्टन ने बचाई लोगों की जानकॉकपिट के अंदर लड़ाईइज़राइली मीडिया से मिली शुरुआती जानकारी, हाईजैक कोड से पैदा हुए डर से बिल्कुल अलग थी। सुरक्षा अधिकारियों का हवाला देते हुए 'द जेरूसलम पोस्ट' ने खबर दी कि इमरजेंसी लैंडिंग दो पायलटों के बीच हिंसक झगड़े के बाद हुई। घटना की जानकारी रखने वाले एक क्षेत्रीय अधिकारी ने 'द एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि कॉकपिट में लड़ाई हुई थी और जाहिर तौर पर इसमें पायलट शामिल थे।
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