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    दशरथ महल के रामकथा के साथ श्रीरामजन्मोत्सव आरंभ:महंत देवेंद्रप्रसादचार्य बोले-नवमी को दोपहर ठीक 12 बजे होगा रामलला का जन्म

    3 hours ago

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    अयोध्या के हजारों मंदिरों में आज से श्रीरामजन्म महोत्सव आरंभ हो गया है। राजा दशरथ के महल में इसका आरंभ श्रीरामकथा महोत्सव के साथ हुआ। इस अवसर पर महंत देवेंद्र प्रसादचार्य ने कथा व्यास की आरती की। यह कथा 26 मार्च तक चलेगी। इसमें अयोध्या सहित देश के कोने-कोने के संत शामिल होंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर रामकोट स्थित दशरथ महल में आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिभाव के बीच भव्य श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ की पावन स्मृतियों से अनुप्राणित इस राजमहल में कथा का आयोजन संत-महात्माओं की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कथा का उद्घाटन विंदुगाद्याचार्य स्वामी महंत देवेन्द्रप्रसादाचार्य महाराज के सान्निध्य तथा श्रीमज्जगद्गुरु अर्जुनद्वाराचार्य स्वामी कृपालु रामभूषणदेवाचार्य महाराज के संयोजन में हुआ। इस शुभ अवसर पर श्री सत्यम पीठाधीश्वर नरहरिदास भक्तमाली महाराज ने श्रीराम कथा के महत्त्व को रेखांकित किया। कहा कि यह कथा अमृत कलश के समान है, जो जीव मात्र के कल्याण और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।कथा आरंभ में स्वामी देवेन्द्रप्रसादाचार्य महाराज ने विधिवत व्यासपीठ की आरती उतारी और व्यासपीठ पर विराजमान नरहरिदास भक्तमाली का सम्मान किया। इस अवसर पर वि्दुगद्याचार्य महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य ने अपने आशीर्वचन में उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सदा कल्याणकारी होती है। यही मधुमास वह पावन काल है, जब पृथ्वी पर धर्म और मर्यादा की स्थापना के लिए प्रभु श्रीराम ने अवतार लिया। उन्होंने बताया कि जन्मोत्सव के अवसर पर हजारों श्रद्धालु दर्शन पूजन कर इस पावन माहौल का हिस्सा बनते हैं, जिससे उत्सव की श्रद्धा और आनंद कई गुना बढ़ जाता है। जगतगुरु स्वामी रामभूषणदेवाचार्य महाराज ने बताया कि दशरथ महल में प्रत्येक वर्ष जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में कथा का आयोजन परंपरागत रूप से किया जाता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मंदिर में ‘नमः पारायण’ प्रारंभ हो चुका है, सायंकाल बधाई गान होता है तथा वाल्मीकि रामायण का पारायण निरंतर जारी है। आगामी 27 मार्च को राम नवमी के पावन अवसर पर भव्य जन्मोत्सव मनाया जाएगा। कथा का आयोजन प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक होगा। इस अवसर पर जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण, जगतगुरु गुप्तेश्वर जी महाराज, महंत राम शरण दास, रामायणी महंत राम शरण दास, महंत रामकृष्ण दास रामायणी, सुदामा दास, संत दास सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान राम शंकर दास ‘वकील बाबा’ द्वारा किया गया।पूरा आयोजन अयोध्या की आध्यात्मिक गरिमा और भक्ति परंपरा को पुनः जीवंत कर गया, और नगरवासियों में श्रीराम के प्रति अद्भुत श्रद्धा और प्रेम का संचार कर गया।
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