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    देवरिया में 50 साल पुरानी मजार पर चला बुलडोजर:एमआईएम के यूथ अध्यक्ष धरने पर बैठे, दो जेसीबी और पोकलैंड से ध्वस्तीकरण जारी

    7 hours ago

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    देवरिया शहर में रेलवे ओवरब्रिज के पास स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार को कोर्ट के आदेश पर गिराया जा रहा है। एसडीएम कोर्ट ने मजार को सरकारी बंजर भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर बना बताया था। आदेश के बाद रविवार को तीन बुलडोजर लगाकर गिराया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दूसरे दिन सोमवार को भी चल रही है। प्रशासन और पुलिस मौके पर मौजूद है। रविवार को करीब 6 घंटे तक 3 बुलडोजर ने मजार परिसर में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। मेन गेट, बाउंड्री, 6 पिलर, 3 दुकानें और गुंबद को तोड़ा गया। इसके बाद आज की कार्रवाई रोक दी गई। अब सोमवार को 11 बजे के बाद फिर से ध्वस्तीकरण शुरू होगा। बेसमेंट का छत और हॉल तोड़ा जाएगा। नगर पालिका ने ध्वस्तीकरण को लेकर शुक्रवार को नोटिस दिया था। रविवार दोपहर करीब 12 बजे 6 थानों की 300 पुलिस फोर्स के साथ नगर पालिका की टीम गोरखपुर ओवरब्रिज से सटी मजार को तोड़ने पहुंची थी। परिसर को खाली कराने के बाद घेराबंदी की गई थी। फिर मजार का ध्वस्तीकरण शुरू किया गया था। इस दौरान एसडीएम श्रुति शर्मा भी मौके पर मौजूद थी। तीन तस्वीरें देखिए... पढ़िए कब से शुरू हुआ विवाद... अब्दुल शाह गनी मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी हुई जगह पर बनी है। 2019 में इसकी पहली शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से की गई। डीएम ने आरबीओ जेई, तहसीलदार, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौका मुआयना करने और प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया था। 14 दिसंबर 2019 को विपक्षी प्रबंध समिति को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद से ही लगातार तारीख पर तारीख पड़ रही थी। शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व जयदीप गुप्ता ने बताया कि एसडीएम कोर्ट ने इस भूमि को पहले ही बंजर घोषित कर दिया था। कोर्ट में बचाव पक्ष से मानचित्र मांगा गया, लेकिन न तो मानचित्र मिला और न ही कब का मजार बना है, उसके ही कागजात दिए गए। इसके बाद नोटिस जारी करके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश दिया गया।
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