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    देवरिया में अवैध खनन का आरोप:छोटी गंडक नदी किनारे खुदाई से बाढ़ का खतरा, ग्रामीण आक्रोशित

    6 hours ago

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    देवरिया जिले के तरकुलवा विकासखंड अंतर्गत हरपुर गांव में कथित अवैध बालू और मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। गांव के लोगों का आरोप है कि छोटी गंडक नदी के किनारे बड़े पैमाने पर मशीनों से खुदाई कराई जा रही है, जिससे भविष्य में बाढ़ और कटान का खतरा उत्पन्न हो सकता है। ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत भी की है। हालांकि, अब तक ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत हरपुर के निवासियों के अनुसार, उनका गांव छोटी गंडक नदी के बिल्कुल समीप बसा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से नदी के नाम दर्ज सरकारी भूमि पर पोकलेन मशीनों के माध्यम से 8 से 10 फीट गहराई तक बालू और मिट्टी का खनन किया जा रहा है। इस अवैध खनन से नदी के किनारों पर तेजी से कटाव हो रहा है, जिससे गांव की सुरक्षा को लेकर लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य के लिए न तो ग्राम सभा से अनुमति ली गई और न ही किसानों को किसी प्रकार की सूचना दी गई। ग्रामीणों ने तहसील स्तर के कुछ राजस्व अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के बीच मिलीभगत होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण अवैध खनन का कार्य खुलेआम जारी है। लोगों का आरोप है कि खनन से निकाली जा रही मिट्टी और बालू को लगभग 25 किलोमीटर दूर बाइपास सड़क निर्माण में प्रयोग किया जा रहा है, जो बिना वैध अनुमति के किया जा रहा है। इससे सरकारी भूमि के दुरुपयोग के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित हो रहा है। पर्यावरण और कृषि पर मंडराता खतरा ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही खुदाई से नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे भविष्य में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। खेतों की उपजाऊ मिट्टी बहने का खतरा भी बढ़ गया है। किसानों को आशंका है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो उनकी कृषि भूमि बर्बाद हो सकती है और गांव का अस्तित्व भी संकट में पड़ सकता है। ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी धर्मेंद्र राव, चंद्रशेन, रामसमझ, सनेही राव, विपिन राव और विनय राव सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल खनन पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांव, किसानों की जमीन और पर्यावरण सुरक्षित रह सके। प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में असंतोष बना हुआ है। गांव के लोग अब उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की उम्मीद लगाए हुए हैं, ताकि अवैध खनन पर रोक लग सके और संभावित बाढ़ व कटान जैसी समस्याओं से समय रहते बचाव हो सके।
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