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    धागा कारोबारी से रंगदारी वसूलने वाले दरोगा प्रयागराज से गिरफ्तार:जमानत, एफआईआर रद्द कराने का ढूंढ रहे थे कानूनी रास्ता, शनिवार को पेश करेगी पुलिस

    1 hour ago

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    मेरठ के धागा कारोबारी से रंगदारी वसूलने वाले दोनों दरोगा गिरफ्तार हो गए हैं। दोनों पिछले काफी समय से प्रयागराज में रहकर गिरफ्तारी स्टे लेने की तैयारी कर रहे थे लेकिन पुलिस को भनक लग गई। शुक्रवार शाम एक अधिवक्ता के चेंबर से पुलिस ने दोनों को धर दबोचा। शनिवार सुबह तक पुलिस दोनों को लेकर मेरठ पहुंच जाएगी, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है। पहले एक नजर वारदात पर मेरठ के दक्षिणी इस्लामाबाद निवासी धागा कारोबारी मोहम्मद रासिख अंसारी 8 दिसंबर की शाम नमाज पढ़कर लौट रहे थे। आजाद रोड पर पीछे से आई एक कार ने ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया। कार से उतरे दरोगा ने रासिख को बाइक से उतारा और गाड़ी में बैठा लिया और इसके बाद सीधे हापुड़ लेकर रवाना हो गए। कार में बैठने का दबाव बनाने के लिए रासिख पर फंडिंग करने का आरोप लगाया गया। यहां तक धमकी दी गई कि उस पर एनएसए की कार्रवाई होगी। अलीपुर के जंगल में बनाई वीडियो कार में दो सब इंस्पेक्टर लोकेंद्र साहू व महेश गंगवार मौजूद थे जो रासिख को हापुड़ ले गए। उन्होंने रासिख पर हवाला में पैसा लगाने का आरोप लगाया। इतना डरा दिया कि रासिख खुद को बचाने के लिए वही करने लगा जो दरोगा बोलते गए। हापुड़ से लौटते वक्त दोनों दरोगा रासिख को अल्लीपुर के जंगल ले गए। वहां मनमानी वीडियो बनवाई और फिर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। बामुश्किल 20 लाख रुपये में दरोगा मानें। इसके बाद रासिख ने अपने बहनोई के जरिए 14 लाख रुपये मंगाकर दोनों दरोगाओं को सौंप दिए। अगले दिन फिर दिए छह लाख घर पहुंचने के बाद रासिख ने किसी को कुछ नहीं बताया। अगले दिन छह लाख रुपये की व्यवस्था की और दरोगाओं के बताए स्थान पर पहुंच गए। तब एक दरोगा बोला- कल 14 नहीं 13 लाख रुपये लाए थे। अब एक लाख और लाकर दे। इस बार शहर में ही वह रकम ले लेंगे। उन्होंने एक लाख रुपये लेकर नौचंदी मैदान में बुला लिया। दिल्ली ब्लास्ट में फंसाने की धमकी रासिख ने बताया कि दरोगाओं के कहे अनुसार वह एक लाख रुपये लेकर नौचंदी मैदान पहुंच गए। यहां दरोगा ने रकम ली और धमकी दी कि अगर कहीं मुंह खोला तो इस बार दिल्ली ब्लास्ट में तुझे फंसा देंगे। पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे सड़ता रहेगा। तेरे परिवार को भी शांति से जीने नहीं देंगे। रासिख चुपचाप लौट गए। पुलिस अफसर बनकर आए फरिश्ते रासिख टूट चुके थे। दहशत उनके जहन में घर कर गई थी। परिवार का चेहरा बार बार आंखों के सामने घूम रहा था। वह बताते हैं कि अचानक ऊपरवाले ने उन्हें हिम्मत दी और वह एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के दफ्तर पहुंच गए। पूरी घटना बता दी। एसपी सिटी ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला डाला और रासिख को मदद का भरोसा दिलाया। रुपये मिलते ही दर्ज कराई FiR एसएसपी अविनाश पांडेय व SP City आयुष विक्रम सिंह का पहला मकसद कारोबारी को उसकी रकम लौटाना था। जैसे ही उन्हें पता चला कि 14 लाख वापस हो गए हैं, उन्होंने बिना देर किए दोनों दरोगाओं के विरूद्ध गंभीर धाराओं में FiR करा दी। इसके बाद दोनों दरोगा फरार हो गए। प्रयागराज में मिल रही थी लोकेशन पुलिस की टीमें लोकेंद्र साहू व महेश गंगवार को ढूंढ रहीं थीं। शुरुआत में ही दोनों की लोकेशन प्रयागराज मिली। पुलिस ने दबिश दी लेकिन दोनों फरार हो गए। दरअसल, दोनों अग्रिम जमानत के साथ ही एफआईआर खत्म कराने का कानूनी रास्ता ढूंढ रहे थे। शुक्रवार शाम पुलिस ने दबोचा कई दिन से पुलिस टीमें प्रयागराज में डेरा डाले हुए थीं। शुक्रवार को पुलिस टीम को सूचना मिली कि दोनों दरोगा कचहरी में किसी अधिवक्ता के पास आने वाले हैं। उन्होंने अधिवक्ता के चैंबर की घेराबंदी कर ली। शाम को जैसे ही लोकेंद्र साहू व महेश गंगवार दरोगा के चैंबर में पहुंचे, पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। बताया जाता है कि दोनों ने भागने का काफी प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हुए। अब पुलिस दोनों को मेरठ के लिए लेकर रवाना हो गई है।
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