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    UGC के खिलाफ क्षत्रिय करणी सेना का प्रदर्शन:अलीगढ़ में राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले– दिल्ली में 8 मार्च को होगा आंदोलन

    2 hours ago

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    अलीगढ़ में UGC कानून के खिलाफ मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर क्षत्रिय करणी सेना ने प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और यूजीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस नए नियम को काला कानून करार देते हुए तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने यूजीसी रोलबैक के नारे लगाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन एसीएम प्रथम को ज्ञापन सौंपा। ‘सामान्य वर्ग के अधिकारों पर हमला’ डॉ. शेखावत ने कहा कि यूजीसी का नया नियम सामान्य वर्ग के अस्तित्व और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अधिसूचना के माध्यम से एक सुनियोजित तरीके से सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को हाशिए पर धकेलने की साजिश रची जा रही है। समानता का उल्लंघन उन्होंने कहा कि नए कानून में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों का स्पष्ट उल्लेख है, लेकिन सामान्य वर्ग को पूरी तरह से विमर्श से बाहर रखा गया है। यह न केवल संवैधानिक चूक है, बल्कि समानता के अधिकार का खुला उल्लंघन भी है। ​कानून का हो सकता है गलत इस्तेमाल डॉ. शेखावत ने कहा कि इसमें उत्पीड़न की जो परिभाषा दी गई है, वह पूरी तरह एकतरफा है। नए नियमों में गरिमा के विरुद्ध और भावनात्मक रूप से आहत करने जैसे अस्पष्ट शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी आड़ में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को आसानी से झूठे मामलों में फंसाकर ब्लैकमेल किया जा सकता है। UGC से शिक्षण संस्थानों में बनेगा भय का माहौल उन्होंने कहा कि इन नियमों के लागू होने से उच्च शिक्षण संस्थानों की मूल आत्मा यानी स्वस्थ विमर्श और तार्किक असहमति पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इससे परिसर अविश्वास और भय के केंद्र बन जाएंगे। झूठी शिकायतों के खिलाफ दंड का कोई प्रावधान न होना इस कानून को और भी खतरनाक बनाता है। पुराना एंटी–रैगिंग एक्ट लागू करने की मांग उन्होंने घोषणा की कि स्वर्ण समाज समन्वय समिति के बैनर तले पूरे देश के सामान्य वर्ग के संगठनों को एकजुट किया गया है। इसी के तहत 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल और महा-आंदोलन का आयोजन किया जाएगा। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस अधिसूचना को वापस नहीं लिया और पुराने एंटी-रैगिंग एक्ट को बहाल नहीं किया तोआंदोलन राष्ट्रव्यापी रूप ले लेगा।
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