Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    UGC के नए नियमों के समर्थन में छात्रों का हंगामा:लखनऊ यूनिवर्सिटी में पुलिस ने घेरा, सड़क पर घसीट-घसीटकर गाड़ी में ठूंसा

    4 hours ago

    1

    0

    लखनऊ विश्वविद्यालय पर UGC के समर्थन में शुक्रवार को विभिन्न छात्र संगठनों ने जोरदार हंगामा किया। छात्रों की कोशिश ‘समता संवर्धन मार्च’ निकालने की थी। पुलिस बल ने उन्हें रोकने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। प्रदर्शन शुरू होता कि उससे पहले पुलिस ने सभी छात्रों को घेर लिया। इस दौरान छात्र जमीन पर बैठ गए। पुलिस ने सबको सड़क पर घसीट-घसीटकर गाड़ी में डाल दिया। इस दौरान एक छात्र ऐसा भी था जिसे पुलिस गाड़ी के अंदर डाल रही थी लेकिन वह चिल्ला रहा था- ‘मैं धरने में नहीं हूं। मैं धरना नहीं कर रहा हूं।’ कुछ देर बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। वह गाड़ी से किसी तरह उतरकर दूर जाकर खड़ा हो गया। प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। 4 तस्वीरें देखिए… नोकझोंक भी हुई, जमीन पर बैठे छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे छात्र और पुलिसकर्मियों में लगातार नोकझोंक हुई। पुलिस ने छात्रों को प्रदर्शन से रोका। उन्हें गेट से बाहर निकलने नहीं दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्र जमीन पर ही बैठ गए। छात्रों की संख्या अधिक होने के चलते RRF ने भी मोर्चा संभाला। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि जब तक UGC लागू नहीं करवा लेंगे, पीछे नहीं हटने वाले। इन संगठनों के छात्रों ने प्रदर्शन किया लखनऊ यूनिवर्सिटी में UGC के समर्थन के प्रदर्शन में समाजवादी छात्र सभा, आईसा, एनएसयूआई, एससीएस, बीएएसएफ, एसएफआई, बाप्सा, युवा और अंबेडकरवादी विद्यार्थी संघ समेत लगभग एक दर्जन छात्र संगठन शामिल हुए। ‘जब भेदभाव नहीं करते तो डरते क्यों हो’ छात्र राणा सुधांशु ने कहा- हम लोगों का प्रदर्शन UGC के उन नए नियमों के समर्थन में है जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। मेरा कहना है कि नए नियमों से इतना डरना क्यों? जब आप एससी-एसटी और ओबीसी छात्रों से भेदभाव नहीं करते हो तो डरते क्यों हो? उनको अपने साथ बैठाते हो, किसी तरह से अपमानित नहीं करते तो फिर UGC के नए नियमों से डर क्यों रहे हो? यह नियम हमें समानता से रहने का मौका देगा। ‘विश्वविद्यालयों में जाति के आधार पर नंबर कटते हैं’ प्रदर्शन में शामिल तेजपाल ने कहा कि UGC इसलिए जरूरी है क्योंकि 2018 से 21 तक में एससी-एसटी और ओबीसी के 98 छात्रों की मौत हुई। रोहित वेमुला जैसे छात्रों की मौत इस बात का उदाहरण है कि यूनिवर्सिटी में कितना भेदभाव है। एम्स के पड़ोस में एक मेडिकल कॉलेज है जहां पर जातिगत आधार पर 30 से अधिक छात्रों के नंबर काटकर फेल कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कमेटी बनी और आगे छात्रों के हित में फैसला हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 2013 के यूजीसी बिल से काम नहीं चल पा रहा है इसलिए नया कानून लाया जा रहा है। आज उसी सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे कर दिया। जो लोग जातिगत विरोध को विशेष अधिकार समझते हैं, वही इसका विरोध कर रहे हैं। आज भी विश्वविद्यालय में जाति के आधार पर नंबर काटे जाते हैं। ‘सरकार जातिवादी है, सवर्णों को सहयोग दिया’ प्रदर्शन कर रहे शांतम निधि ने कहा कि सरकार जातिवादी है। UGC के विरोध में सवर्ण छात्रों ने 3 दिन तक प्रदर्शन किया, उन्हें पूरा सहयोग मिला। मैं भी सवर्ण समाज से हूं मगर मेरे अंदर दिमाग है और UGC के नए नियमों को समझता हूं। यह झूठ फैलाया जा रहा है कि उन नियमों में जनरल नहीं है। नए नियम सभी छात्रों के हितों के लिए हैं। जब सबके लिए समता की बात होती है तो कुछ लोग सड़क पर आकर विरोध शुरू कर देते हैं। इस सूचना की पूर्व सूचना दी गई थी, उसके बाद भी जिलाधिकारी मेमोरेंडम लेने नहीं आए। यह बेहद शर्मनाक है। यहां तानाशाही के साथ जातिगत भेदभाव भी है। विरोध में प्रदर्शन हो तो कुछ नहीं, समर्थन में प्रदर्शन हो तो पुलिस आ जाती है। ‘बड़ी संख्या में पुलिस से हमारा हक दबाया जा रहा’ प्रदर्शन कर रहीं कांची सिंह ने कहा कि हम लोग यूजीसी के समर्थन में मार्च निकलना चाह रहे थे मगर बड़ी संख्या में पुलिस लगाकर छात्रों के हक-अधिकारों को दबाया जा रहा है। पुलिस ने हमारे ऊपर बलपूर्वक प्रहार किया। हमारे साथ अभद्रता की गई। यह पुलिस प्रशासन उस वक्त कहां होता है जब बहन-बेटियों के साथ बलात्कार होता है, सड़कों पर हत्याएं होती हैं। UGC हमारा अधिकार है। हम लेकर रहेंगे। पुलिस हमसे बदतमीजी कर रही है। क्या हम गुंडे और चोर हैं जो ऐसा व्यवहार किया जा रहा है? यह छात्र सरकार के ताबूत में आखिरी कील ठोंकेगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मेरठ कोर्टरूम को बम से उड़ाने की धमकी:मौके पर पहुंचे एसएसपी, पूरा कोर्टरूम खाली कराया गया
    Next Article
    देवरिया में युवक को सड़क पर बेल्ट से पीटा,VIDEO:गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर, 3 नामजद सहित 8 आरोपियों पर मुकदमा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment