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    उन्नाव जिला न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन:बैंक ऋण और विभिन्न लंबित मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण

    8 hours ago

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    उन्नाव जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों और बैंक ऋण संबंधी विवादों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। लोक अदालत के अंतर्गत लगाए गए विशेष कैंप में बड़ी संख्या में वादकारी और बैंक उपभोक्ता पहुंचे, जिन्होंने अपने मामलों का समाधान कराया। राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत विशेष रूप से ऐसे खातों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो लंबे समय से खराब या डिफॉल्टर की श्रेणी में आ गए थे। बैंक अधिकारियों और संबंधित पक्षों की मौजूदगी में समझौते के माध्यम से बकाया मामलों को निपटाने का प्रयास किया गया, ताकि लोगों को अदालतों की लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से राहत मिल सके। इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर राजकुमार गौतम ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आम लोगों को सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि डिफॉल्टर खातों और बैंक ऋण मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण कराया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को राहत मिल रही है और बैंकिंग प्रणाली भी सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि केसीसी धारकों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ भी मिलता है। यदि किसी उधारकर्ता की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिजनों को 50 हजार रुपये तक का दुर्घटना बीमा दिया जाता है। इस जानकारी से कई किसानों और उपभोक्ताओं को योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। लोक अदालत में बैंक ऋण विवादों के अलावा मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े दावे, बिजली बिल संबंधी लंबित मामले तथा अन्य सिविल वादों का भी निस्तारण किया गया। संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और लोगों की समस्याओं को सुनकर तत्काल समाधान का प्रयास किया गया। आयोजन के दौरान लोगों को समझाया गया कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का निपटारा आपसी सहमति से कम समय और कम खर्च में किया जा सकता है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है और पक्षकारों को शीघ्र राहत मिलती है। जिला न्यायालय परिसर में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और अपने मामलों का समाधान कर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों ने भविष्य में भी अधिक से अधिक लोगों से लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की है।
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