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    उन्नाव में कांग्रेस नेता हाउस अरेस्ट:मनरेगा बचाओ संग्राम में शामिल होने से पहले ही रोका गया

    11 hours ago

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    उन्नाव में कांग्रेस के दिव्यांग नेता तन्मय को मंगलवार को पुलिस प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्हें ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होने से रोका गया। तन्मय ने बताया कि यह कार्यक्रम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित किया गया था। उनका आरोप है कि रात से ही पुलिस उनके घर के बाहर निगरानी कर रही थी और सुबह उन्हें बाहर जाने से रोक दिया गया। तन्मय ने कहा, "हमें ऐसे घर में बंद कर दिया गया है, मानो हम अपराधी हों। जब भी हम लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते हैं, सरकार हमें रोकने का काम करती है।" उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने बताया कि 'मनरेगा बचाओ संग्राम' मजदूरों, किसानों और ग्रामीण वर्ग की आवाज है। उनके अनुसार, प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 100 दिन की रोजगार गारंटी को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों को समय पर काम और भुगतान नहीं मिल रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। तन्मय ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें आंदोलन में शामिल होने से रोका गया, तो वे घर पर ही उपवास पर बैठेंगे। उन्होंने वर्ष 2027 में प्रदेश में राजनीतिक परिवर्तन का दावा करते हुए कहा कि किसान, मजदूर और आम जनता इसका जवाब देगी। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से कुछ नेताओं को एहतियातन नजरबंद किया गया है। फिलहाल पुलिस की निगरानी में स्थिति सामान्य बनी हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था का हवाला दे रहा है। मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
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