Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    उन्नाव में मौला अली की शहादत पर निकला मातमी जुलूस:रमज़ान की 19वीं तारीख को अकीदतमंदों ने दी श्रद्धांजलि

    13 hours ago

    1

    0

    उन्नाव में रमज़ान की 19वीं तारीख को हज़रत अली इब्न अबी तालिब की शहादत की याद में सोमवार सुबह मातमी जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने ग़म और अकीदत के साथ जुलूस में हिस्सा लिया, नौहे व मातम के ज़रिए मौला अली को श्रद्धांजलि अर्पित की। मातमी जुलूस उन्नाव क़िला स्थित मस्जिद-ए-फूल शहीद से शुरू हुआ। इससे पहले मस्जिद में आयोजित मजलिस को मौलाना आबिद अब्बास ने संबोधित किया। उन्होंने हज़रत अली के जीवन, आदर्शों और इस्लाम के लिए किए गए संघर्षों पर प्रकाश डाला। मौलाना आबिद अब्बास ने बताया कि हज़रत अली न्याय, बहादुरी, इंसाफ और इंसानियत की मिसाल थे। उनका जीवन लोगों को सच्चाई, साहस और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मजलिस के बाद अज़ादारों ने सीना ज़नी करते हुए मातमी जुलूस निकाला। यह जुलूस मस्जिद-ए-फूल शहीद से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ तालिब सराय स्थित कर्बला तक पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। इस दौरान अज़ादारों ने नौहे पढ़ते हुए और मातम करते हुए मौला अली की शहादत को याद किया। पूरे रास्ते ग़मगीन माहौल रहा और लोग इमाम अली की याद में अश्कबार नज़र आए। जुलूस में शामिल लोगों ने बताया कि यह दिन शिया समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। मुसलमानों के पहले इमाम हज़रत अली इब्न अबी तालिब पर 19 रमज़ान को इराक के कूफा की मस्जिद में नमाज़ के दौरान अब्दुर्रहमान इब्न मुलजिम ने तलवार से हमला किया था। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और 21 रमज़ान को उनकी शहादत हो गई थी। इसी घटना की याद में शिया समुदाय 19, 20 और 21 रमज़ान को ग़म के साथ मनाता है, जिसमें मजलिस, मातम और जुलूस का आयोजन किया जाता है। उन्नाव में भी हर साल इसी परंपरा के तहत बड़ी संख्या में अकीदतमंद इमाम अली की शहादत को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। मातमी जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासन की टीमें जगह-जगह तैनात रहीं, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पाठकजी ने पूछी कुमार विश्वास की आमदनी:मंत्रीजी को किसने रगड़ा? SP के रंगीन राज बाहर आने को बेताब
    Next Article
    फिरोजाबाद में नाबालिग चोर सीसीटीवी से पकड़े गए:बंद फैक्ट्री में घुसकर सामान चुराया था

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment