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    UP बजट पर लखनऊ के लोगों की राय:किसी ने बताया उम्मीदों का बजट, नौकरी को लेकर छात्रों ने किए सवाल

    8 hours ago

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    चुनावी साल से पहले योगी सरकार के बजट को लेकर प्रदेश भर में लोगों के अंदर उत्सुकता देखी गई। एक्सपर्ट्स से लेकर आम लोगों की निगाहें बजट पर ही टिकी रही। तमाम ऐसे भी लोग रहे जो बेबाक अंदाज में यूपी के बजट 2026 को खुलकर अपनी बात रखते दिखे। पढ़िए बजट पर क्या हैं लखनऊ के लोगों की राय.. लखनऊ विश्वविद्यालय के डिपार्मेंट आफ इकोनॉमिक्स की फैकल्टी डॉ.रोली मिश्रा कहती हैं कि इस बजट को देखकर हम यूपी को 'एक्सप्रेस स्टेट' कह सकते हैं। पहले भी इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहा है इस बार के बजट में भी एक्सप्रेस वे और इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग पर फोकस हैं। ये पहल बिल्कुल सही हैं, हम सही डायरेक्शन में हैं इससे न केवल जीडीपी को ग्रोथ मिलेगी, बड़े पैमाने पर जॉब क्रिएशन भी हो सकेगा। इसके अलावा बजट में AI मिशन को प्रमोट किया गया है। Gen Z के लिहाज से भी यह बेहद अहम हैं। इसके बहुत दूरगामी परिणाम मिलेंगे। साथ ही खेती और किसानी में महिलाओं की परोक्ष रूप से सहभागिता बढ़ाने की दिशा में भी अहम बढ़ाया गया हैं। महिला गन्ना किसानों को सरकारी केंद्रों पर पहले पर्ची देने का ऐलान और प्राथमिकता देने की पहल भी बहुत अच्छी हैं। समय से प्रोजेक्ट पूरा करने की होगी दरकार लखनऊ के दिग्गज अर्थशास्त्री और डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. एपी तिवारी ने बताया कि इस बजट में चुनावी घोषणाओं से बचते हुए आर्थिक मजबूती पर जोर खजाने की स्वस्थ नीति का परिचायक है। फोकस विकास पर है। फिर चाहे वह आर्थिक हो या सामाजिक। यूपी का अभी तक का सबसे बड़ा बजट है। वर्ष 2025-26 की तुलना में बजट का आकार 12.9% से बढ़ाया गया है। पूंजीगत खर्च में 19.5% की वृद्धि की गई है। जो इंन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर विकास की रफ्तार को बढ़ाने वाली होगी। दरकार होगी प्रोजेक्ट्स को समय से पूरा करने की। राजस्व खर्च जो बुनियादी तौर पर अनुत्पादक होता है। उस पर अंकुश रखकर राजस्व बचत की स्थिति को बनाये रखना वित्तीय अनुशासन की संकेत देती है। कृषि, ODOP, एमएसएमई, कौशल विकास,रोजगार, निर्यात संवर्धन, उभरती टेक्नोलॉजी यथा एआई पर खास जोर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, युवा वर्ग और किसानों के लिये खास प्रावधान सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता हैं।
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