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    वर्ल्ड अपडेट्स:मलेशिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक

    1 day ago

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    मलेशिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट बनाने पर रोक लगाने वाले नए नियम लागू कर दिए हैं। अब फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म को उम्र जांचने की व्यवस्था करनी होगी। 16 साल से कम उम्र के यूजर्स अकाउंट नहीं बना सकेंगे। नियम तोड़ने पर कंपनियों पर 25 लाख डॉलर यानी करीब 24 करोड़ रूपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि अगर बच्चे किसी तरह नियम तोड़कर अकाउंट बना लेते हैं, तो उनके माता-पिता पर कार्रवाई नहीं होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों को हानिकारक कंटेंट, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया की लत से बचाने के लिए उठाया गया है। मलेशिया के अलावा ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और इंडोनेशिया भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त नियम ला चुके हैं या तैयारी कर रहे हैं। हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स ने कहा कि सरकारी आईडी से उम्र जांचने की शर्त डेटा प्राइवेसी को लेकर चिंता बढा सकती है। वहीं मेटा ने चेतावनी दी है कि पूरी तरह बैन लगाने से बच्चे बिना निगरानी वाले प्लेटफॉर्म की तरफ जा सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… शादी के कुछ घंटों बाद हेलिकॉप्टर हादसे में भारतीय मूल के पायलट की मौत; दुल्हन बची अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में शादी के कुछ घंटों बाद भारतीय मूल के 25 वर्षीय पायलट डेव फिजी की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी जेस्नी घायल हो गईं, जबकि हेलिकॉप्टर पायलट की भी जान चली गई। यह दुर्घटना शुक्रवार रात डॉसन काउंटी के डॉसनविल इलाके में हुई। डेव फिजी डेल्टा एयर लाइंस में पायलट थे। शुक्रवार को उनकी शादी डॉसनविल में हुई थी, जिसमें सैकड़ों मेहमान शामिल हुए थे। शादी के बाद नवविवाहित दंपती हेलिकॉप्टर से पीचट्री-डीकाल्ब एयरपोर्ट जाने वाले थे और फिर अटलांटा में रात बिताने की योजना थी। डेव के पिता जॉर्ज फिजी के मुताबिक, समारोह समाप्त होने तक मौसम खराब हो चुका था। इलाके में कोहरा और बारिश के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई थी। उन्होंने बताया कि डेव ने ऐसी परिस्थितियों में उड़ान को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि वह खुद ऐसी विजिबिलिटी में उड़ान नहीं भरते। इसके बावजूद हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी। कुछ समय बाद पांच सीटों वाला रॉबिन्सन हेलिकॉप्टर डॉसनविल के दक्षिण-पश्चिम में स्थित पहाड़ी और घने जंगल वाले इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में डेव फिजी और हेलिकॉप्टर पायलट की मौत हो गई। जॉर्ज फिजी ने बताया कि जेस्नी करीब पांच घंटे तक मलबे और गिरे हुए पेड़ों के नीचे फंसी रहीं। होश आने पर उन्होंने खुद को मलबे के नीचे पाया। जेस्नी पेशे से नर्स हैं। उन्होंने डेव को आवाज लगाई, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पूरी खबर पढ़ें दक्षिण कोरिया के हनव्हा एयरोस्पेस प्लांट में विस्फोट के बाद आग: 5 की मौत, 2 घायल दक्षिण कोरिया के डेयजॉन शहर में स्थित हनव्हा एयरोस्पेस के एक प्लांट में सोमवार को विस्फोट के बाद आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 2 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। फायर अधिकारियों के मुताबिक फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद आग भड़क उठी। हादसे के समय मौजूद दो लोग किसी तरह खुद बाहर निकलने में सफल रहे। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मृतकों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस वजह से उनकी पहचान की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। हनव्हा एयरोस्पेस दक्षिण कोरिया की प्रमुख रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी है। डेयजॉन स्थित संयंत्र में बड़े प्रोपल्शन इंजन तैयार किए जाते हैं और रॉकेट प्रोपेलेंट्स से जुड़े कार्य होते हैं। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत फैक्ट्री का लेआउट सार्वजनिक नहीं है। इसके चलते जांच और राहत कार्यों में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आईं। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने हादसे के बाद सभी उपलब्ध संसाधनों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराने को भी कहा है। विस्फोट और आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। म्यांमार के विद्रोही इलाके में भीषण धमाका: 46 की मौत; 300 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त म्यांमार के शान राज्य में विद्रोही संगठन ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) के नियंत्रण वाले इलाके में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 6 बच्चे शामिल हैं, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हादसा रविवार दोपहर नामखाम टाउनशिप के काउंग टाट गांव में हुआ, जो चीन सीमा के नजदीक स्थित है। स्थानीय बचावकर्मियों के अनुसार धमाका इतना शक्तिशाली था कि गांव के करीब 200 घर और पास के गांव के लगभग 100 घर क्षतिग्रस्त हो गए। कई परिवारों के घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं। राहतकर्मियों ने बताया कि मृतकों में एक साल का बच्चा भी शामिल है। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। इससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में जमीन पर एक विशाल गड्ढा दिखाई दे रहा है। आसपास की इमारतें ध्वस्त हो गई हैं, जबकि कई पेड़ उखड़ गए और इलाके में मलबा बिखरा पड़ा है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि शुरुआत में लोगों को लगा कि यह किसी हवाई हमले का नतीजा है। विस्फोट के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। टीएनएलए ने बयान जारी कर कहा कि खनन और पत्थर खदानों में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक पदार्थों में आकस्मिक विस्फोट होने से यह हादसा हुआ। संगठन ने घटना की जांच शुरू करने की बात कही है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि विस्फोटकों का भंडारण रिहायशी इलाके के इतने करीब क्यों किया गया। टीएनएलए म्यांमार के सबसे शक्तिशाली जातीय विद्रोही संगठनों में से एक है। रिपोर्टों के अनुसार कई विद्रोही समूह खनिज खनन से मिलने वाली आय के जरिए अपने अभियानों को फंड करते हैं। कमजोर सुरक्षा मानकों के कारण ऐसे इलाकों में खनन संबंधी हादसे पहले भी सामने आते रहे हैं। रूसी तेल टैंकर पर फ्रांस की कार्रवाई:फ्रांसीसी नौसेना ने अटलांटिक में जहाज रोका फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांसीसी नौसेना ने रविवार को अटलांटिक महासागर में रूस से जुड़े एक तेल टैंकर पर चढ़कर जांच की। टैंकर का नाम टैगोर बताया गया है और उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लागू हैं। जहाज रूस से रवाना हुआ था। मैक्रों ने X पर लिखा कि यह अभियान अटलांटिक महासागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में चलाया गया। इसमें यूनाइटेड किंगडम समेत कई साझेदार देशों का सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई समुद्री कानूनों के दायरे में की गई। मैक्रों ने कहा, “जहाजों द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करना, समुद्री कानून का उल्लंघन करना और यूक्रेन के खिलाफ चार साल से अधिक समय से जारी रूस के युद्ध को वित्तीय मदद पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।” अटलांटिक मैरिटाइम प्रीफेक्चर ने सोमवार को जारी अलग बयान में कहा कि फ्रांसीसी नौसेना ने ब्रिटनी के पश्चिमी छोर से 400 नॉटिकल मील (करीब 740 किमी) दूर एक तेल टैंकर को रोका। यह जहाज रूस के मरमांस्क से आ रहा था। बयान के मुताबिक, कार्रवाई का उद्देश्य उस जहाज की राष्ट्रीयता की जांच करना था, जिस पर फर्जी झंडा लगाने का संदेह था। जांच टीम के जहाज पर पहुंचने के बाद दस्तावेजों की जांच की गई। इससे झंडे से जुड़ी अनियमितताओं के संदेह की पुष्टि हुई। फ्रांस और ब्रिटेन दोनों ने रूस की प्रतिबंधित “शैडो फ्लीट” से जुड़े जहाजों के खिलाफ कार्रवाई का संकल्प लिया है। ये वे जहाज हैं, जिन पर रूस के तेल व्यापार को प्रतिबंधों के बावजूद जारी रखने में मदद करने का आरोप है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मार्च में घोषणा की थी कि उन्होंने ब्रिटिश सेना को “शैडो फ्लीट” से जुड़े जहाजों पर चढ़कर जांच करने की अनुमति दे दी है। हालांकि, शिपिंग डेटा के अनुसार रूस से जुड़े प्रतिबंधित दर्जनों जहाज अब भी ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र से होकर गुजर रहे हैं।
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