Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में 125 साल पुराना गुरुद्वारा तोड़े जाने पर भारत ने विरोध जताया

    1 day ago

    3

    0

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के फारूकाबाद में 125 साल पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को तोड़े जाने की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि भारत इस घटना की कड़ी निंदा करता है। यह सिखों के एक पवित्र धार्मिक स्थल को जानबूझकर निशाना बनाकर की गई तोड़फोड़ है। सबसे चिंता की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन और इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाने की ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे साफ है कि वहां धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले अब भी जारी हैं। भारत ने पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि इस मामले की जल्द जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, गुरुद्वारे के जिस हिस्से को तोड़ा गया है, उसका जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अपनी जिम्मेदारी निभाए और वहां रहने वाले अल्पसंख्यकों तथा उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। साथ ही, धार्मिक असहिष्णुता और सांप्रदायिक हिंसा के माहौल को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… अफगानिस्तान का दावा- पाकिस्तान में ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में ISIS के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन ठिकानों का इस्तेमाल अफगानिस्तान में हमलों की योजना बनाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। मंत्रालय ने चेतावनी दी, “हम अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाली हर जगह को निशाना बनाएंगे।” मंत्रालय के मुताबिक, बलूचिस्तान के पिशिन जिले के सरानान, खैबर पख्तूनख्वा के कंबर खेल और चित्राल की शाह सलीम घाटी में कार्रवाई की गई। अफगानिस्तान का दावा है कि इन हमलों में कई आतंकवादी मारे गए। यह भी कहा गया कि सरानान इलाके के एक स्कूल का इस्तेमाल ISIS के अड्डे के रूप में किया जा रहा था। अफगानिस्तान ने कहा कि यह कार्रवाई हाल में पाकिस्तान की ओर से सीमा पार किए गए हवाई हमलों के बाद की गई है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के अनुसार कई आम नागरिक मारे गए थे। भारत ने भी पहले पाकिस्तान के अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों की आलोचना करते हुए उन्हें अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला और क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया था। 19 साल की उम्र में बनी थीं पेरू की फर्स्ट लेडी, अब राष्ट्रपति बनने से एक कदम दूर केइको फुजीमोरी पेरू की पूर्व फर्स्ट लेडी और विपक्षी नेता केइको फुजीमोरी राष्ट्रपति बनने के बेहद करीब पहुंच गई हैं। 100% मतों की गिनती के बाद उन्हें 50.13% वोट मिले हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी वामपंथी उम्मीदवार रोबर्टो सांचेज़ को 49.86% वोट मिले। हालांकि आधिकारिक नतीजे की घोषणा अभी राष्ट्रीय चुनावी जूरी (JNE) को करनी है। 51 वर्षीय केइको फुजीमोरी चौथी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ रही हैं। इससे पहले वह 2011, 2016 और 2021 के चुनाव हार चुकी हैं। केइको 1994 में 19 वर्ष की उम्र में पेरू की फर्स्ट लेडी बनी थीं। उनकी मां सुज़ाना हिगुची के तत्कालीन राष्ट्रपति अल्बर्टो फुजीमोरी से अलग होने के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई, सांसद बनीं और अपनी पार्टी फुएर्जा पॉपुलर की स्थापना की। उनके पिता अल्बर्टो फुजीमोरी का राजनीतिक रिकॉर्ड आज भी पेरू में विवाद का विषय है। समर्थक उन्हें आर्थिक सुधारों और उग्रवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए याद करते हैं, जबकि आलोचक मानवाधिकार उल्लंघन और भ्रष्टाचार के मामलों का हवाला देते हैं। इसी वजह से केइको फुजीमोरी के समर्थन और विरोध—दोनों का मजबूत आधार बना हुआ है। चेक गणराज्य में जेलेंस्की का सर्वोच्च सम्मान वापस लेने की मांग चेक गणराज्य की विपक्षी पार्टी फ्रीडम एंड डायरेक्ट डेमोक्रेसी (SPD) ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान वापस लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जेलेंस्की द्वारा एक सैन्य इकाई को यूक्रेनी इंसर्जेंट आर्मी (UPA) के सम्मान में मानद उपाधि दिए जाने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। स्थानीय मीडिया के अनुसार SPD संसद में ऐसा प्रस्ताव लाएगी, जिसमें राष्ट्रपति पेट्र पावेल से जेलेंस्की को दिया गया ऑर्डर ऑफ द व्हाइट लायन सम्मान वापस लेने की सिफारिश की जाएगी। जेलेंस्की को यह सम्मान अक्टूबर 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति मिलोश ज़ेमन ने यूक्रेन युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व के लिए दिया था। जेलेंस्की ने पिछले महीने एक सैन्य इकाई को 'हीरोज ऑफ द यूक्रेनियन इंसर्जेंट आर्मी (UPA)' की मानद उपाधि देने का आदेश जारी किया था। इस फैसले के बाद पोलैंड में भी विवाद खड़ा हो गया। UPA, ऑर्गनाइजेशन ऑफ यूक्रेनियन नेशनलिस्ट्स (OUN) का सशस्त्र संगठन था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस संगठन पर नाजी जर्मनी के साथ सहयोग करने तथा पोलिश, यहूदी और रूसी नागरिकों के नरसंहार में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। वहीं यूक्रेन और कुछ इतिहासकार UPA की भूमिका को अलग ऐतिहासिक संदर्भ में देखते हैं। इस कारण संगठन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं। बाल दुष्कर्म मामलों में दोषी पाकिस्तानी मूल का शबीर रिहा होगा, ब्रिटिश नागरिकता रद्द होने के बावजूद नहीं होगा निर्वासित ब्रिटेन के चर्चित रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का दोषी शबीर अहमद गुरुवार को 14 साल जेल में बिताने के बाद रिहा होने वाला है। ब्रिटिश मीडिया के अनुसार उसकी नागरिकता रद्द की जा चुकी है, लेकिन मौजूदा इमिग्रेशन कानून के तहत उसे पाकिस्तान निर्वासित नहीं किया जा सकता। 73 वर्षीय अहमद को 2012 में नाबालिग से दुष्कर्म, यौन शोषण के लिए मानव तस्करी और अन्य अपराधों में दोषी ठहराते हुए 19 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में उसी वर्ष उसे बाल दुष्कर्म के 30 अतिरिक्त मामलों में 22 साल की सजा मिली। दोनों सजाएं साथ-साथ चलने के कारण वह अब रिहा हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार रिहाई के बाद उसे 24 घंटे निगरानी वाले आवास में रखा जाएगा। उस पर कर्फ्यू, कुछ क्षेत्रों में जाने पर प्रतिबंध और अन्य निगरानी संबंधी शर्तें लागू रहेंगी। रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का मामला ब्रिटेन में उन प्रमुख मामलों में शामिल है, जिनमें पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर पीड़ितों की शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे थे। ब्रिटेन के दो तटीय शहरों में सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने पर 3 साल की रोक इंग्लैंड के केंट तट पर स्थित मार्गेट और रैम्सगेट शहरों में बढ़ती हिंसा और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश बुधवार से लागू होगा। इसके तहत पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर शराब जब्त कर सकेगी और आदेश का पालन नहीं करने वालों पर 1,000 पाउंड (करीब 1.3 लाख रुपए) तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इंग्लैंड और वेल्स के अधिकांश हिस्सों में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना कानूनी है, लेकिन स्थानीय परिषदें पब्लिक स्पेसेज प्रोटेक्शन ऑर्डर (PSPO) के तहत संवेदनशील इलाकों में ऐसे प्रतिबंध लागू कर सकती हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार मार्गेट शहर में दर्ज होने वाली करीब 70% से अधिक कानून-व्यवस्था संबंधी घटनाएं शराब के नशे से जुड़ी असामाजिक गतिविधियों से संबंधित हैं। इनमें सड़क पर मारपीट, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाना और उपद्रव शामिल हैं। केंट पुलिस के मुताबिक हाल के समय में बड़ी संख्या में बाहरी इलाकों से आए युवाओं के कारण समुद्र तटों पर सामूहिक झगड़े और रेलवे स्टेशन पर हमले जैसी घटनाएं हुईं। सबसे लोकप्रिय जर्मन पार्टी की नेता बोलीं को अर्थव्यवस्था संभलने के लिए रूस से फिर खरीदें तेल-गैस जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) की सह-अध्यक्ष एलिस वाइडेल ने रूस से तेल और गैस आयात पर लगी रोक हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि सस्ती रूसी ऊर्जा बंद होने से जर्मन अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर उनकी पार्टी रूस के साथ आर्थिक संबंध बहाल करेगी। रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में वाइडेल ने कहा, "रूस से मिलने वाली सस्ती ऊर्जा 'मेड इन जर्मनी' की सफलता का आधार थी। हमें उसे वापस लाना होगा।" यूक्रेन युद्ध के बाद 2022 में पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के तहत जर्मनी ने रूस से ऊर्जा आयात में भारी कटौती की थी। इससे पहले जर्मनी अपनी प्राकृतिक गैस का लगभग 55% रूस से प्राप्त करता था। ताजा INSA सर्वे में एएफडी को 29% समर्थन मिलने का अनुमान है, जो चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की सीडीयू से सात प्रतिशत अंक अधिक है। हालांकि जर्मनी की अन्य प्रमुख पार्टियां अब भी एएफडी के साथ गठबंधन करने से इनकार करती हैं। अगला आम चुनाव 2029 में प्रस्तावित है। बेल्जियम: 10 मंजिला अपार्टमेंट में भीषण आग, कई लोगों की मौत बेल्जियम के एंट्वर्प शहर में बुधवार को एक 10 मंजिला अपार्टमेंट इमारत में भीषण आग लगने से कई लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। एंट्वर्प पुलिस के अनुसार आग शहर के लिंकेरोएवर इलाके में स्थित इमारत की आठवीं मंजिल पर लगी। पुलिस ने बताया कि इस अपार्टमेंट में 200 से अधिक लोग रहते हैं। आग लगने के बाद इमारत से घना धुआं निकलने लगा, जिसके चलते पूरे भवन को खाली कराने का अभियान शुरू किया गया। पुलिस के मुताबिक आग काफी बड़ी और तेज थी, जिससे दमकल कर्मियों को उसे बुझाने में कठिनाई हुई। मौके पर दमकल विभाग, पुलिस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की कई टीमें मौजूद हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मृतकों और घायलों की सटीक संख्या भी अधिकारियों ने अभी जारी नहीं की है। घटना की जांच जारी है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    वर्ल्ड अपडेट्स:अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग; 3 क्रू मेंबर सुरक्षित निकाले गए, 1 लापता
    Next Article
    ईरान 6 अरब डॉलर के फ्रीज-फंड से जरूरी सामान खरीदेगा:अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप; उल्लंघन की निगरानी के लिए अलग चैनल बनेगा

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment