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    वाराणसी कोर्ट में राहुल गांधी केस की सुनवाई टली:पेश नहीं हुआ कोई वकील, 6 मई नई तारीख; अमेरिका में कहा था- भगवान राम काल्पनिक हैं

    11 hours ago

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    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी के अपर जिला जज एमपी-एमएलए कोर्ट संख्या पंचम में सोमवार को मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान राहुल गांधी की ओर से कोई अधिवक्ता पेश नहीं हुआ। कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 6 मई 2026 की तारीख तय कर दी है। अब अगली तारीख पर पक्षकारों की ओर से दलीलें रखे जाने की संभावना है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुर्वेद विक्रम सिंह ने राहुल गांधी को आज यानि 13 अप्रैल को कोर्ट में तलब किया है। उन्हें कोर्ट में हाजिर होने के लिए समन भी भेजा गया है, इस पर उन्हें फिजिकली बुलाया है। राहुल गांधी पर अमेरिका के न्यूयॉर्क में ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान राम को काल्पनिक कहने का आरोप है। राहुल ने भगवान श्रीराम को लेकर विवादित बयान दिए थे। उन्होंने भगवान राम को 'पौराणिक' बताया था और उस युग पर बताई जाने वाली कहानियों को काल्पनिक कहा था। इस मामले में वकील हरिशंकर पांडेय ने पुनरीक्षण याचिका दाखिल की है। राहुल गांधी पिछली तारीख पर भी वाराणसी कोर्ट नहीं पहुंचे थे, इस वजह से उनके मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब आज कोर्ट इस परिवार पर फिर सुनवाई करेगा। अदालत ने संकेत दिया है कि यदि आज राहुल गांधी उपस्थित नहीं होते हैं तो आगे की संवैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वकील हरीशंकर की दलील हरीशंकर शंकर पाण्डेय एडवोकेट ने 12 मई 2025 को याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने दावा किया था कि राहुल गांधी 21 अप्रैल को अमेरिका के बोस्टन गए थे। यहां पर ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के साथ उनका एक सेशन था। कोर्ट में कहा- राहुल गांधी 'राम द्रोही' हैं और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाकर देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उनकी सरकार ने राम मंदिर का विरोध किया और वह विदेश में जाकर भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं। आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार सनातन धर्म के पूर्व अवतारों और महान प्रतीकों पर अनाप-शनाप बयान देकर हिंदुओं को अपमानित कर रही। उन्होंने कोर्ट से राहुल के इन स्टेटमेंट पर केस दर्ज किया जाए। कोर्ट में याचिकाकर्ता की मेंटेनिबिलिटी (मानसिकता) पर पहले बहस होगी इसके बाद तय होगा कि राहुल गांधी के खिलाफ केस चलाया जाए या नहीं। हालांकि इससे पहले MP-MLA कोर्ट ने आवेदन देखने के बाद एडवोकेट को 16 मार्च डेट दी थी। कोर्ट ने ऑर्डर रिजर्व रख लिया और बाद में याचिका को खारिज कर दिया। 12 मई को पहली याचिका, फिर 26 सितंबर को रिवीजन पिटीशन हरिशंकर पांडेय ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत में परिवाद दायर किया था। सुनवाई बाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत ने परिवाद को 12 मई, 2025 को निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ हरिशंकर पांडेय ने 26 सितंबर को जिला जज की कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। राहुल ने कहा था- BJP का दृष्टिकोण नफरत फैलाने वाला राहुल गांधी से पूछा गया था कि हिंदू राष्ट्रवाद के दौर में धर्मनिरपेक्ष राजनीति कैसी होनी चाहिए? क्या महात्मा गांधी के विचारों को इसके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है? जवाब में राहुल गांधी ने कहा था- भारत के सभी महान सुधारक और विचारक, जैसे बुद्ध, गुरु नानक, गांधी और अंबेडकर बिना भेदभाव के रहे। ये लोग क्षमाशील, दयालु और सहिष्णु थे। लेकिन, भाजपा का दृष्टिकोण हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं, नफरत फैलाने वाला है।
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