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    वाराणसी में तापमान 43 डिग्री के पार:अप्रैल माह में 14 साल का रिकॉर्ड टूटा,वायु प्रदूषण भी बढ़ा

    18 hours ago

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    वाराणसी में लगातार तापमान में इजाफा देखने को मिल रहा है इसकी वजह से घाट पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। वही गंगा में चलने वाले नाव का संचालन भी पूरी तरह से बंद है। मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि आने वाले एक सप्ताह तक लगातार तापमान में इजाफा देखने को मिलेगा। पूरे यूपी में वाराणसी तीसरा सबसे गर्म जिला है आज तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वाराणसी में गर्मी ने‌ 14 साल का रिकॉर्ड तोड़ा वाराणसी में 14 वर्षों बाद ऐसा हुआ है कि लगभग दो तीन दिन पहले ही अप्रैल के पहले पखवारे में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। पखवाड़े के पहले सप्ताह तापमान 42.8 तक पहुंचकर 14 वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के उपलब्ध आंकड़ों को देखें तो इसके पूर्व वर्ष 2012 में चार अप्रैल को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। उससे भी पहले वर्ष 2010 में एक अप्रैल को ही अधिकतम तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था जो अब तक का अप्रैल का सर्वकालिक रिकार्ड के तौर पर अंकित है। इसके पूर्व के वर्षों में 2016 से 16 अप्रैल के बाद ही तापमान के 40 डिग्री के पार पहुंचता रहा है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी तापमान 40 के पार ही बना रह सकता है। मेष के सूर्य बरसा रहे आग इस बार मेष राशि में गोचर करने के साथ ही सूर्य की किरणें आग बरसाने लगी हैं जबकि पुरानी मान्यता है कि सूर्य के वृष राशि में गोचर करने पर प्रचंड गर्मी पड़ती है। यह समय अमूमन मई से और मध्य जून तक होता है। शुक्रवार की तरह शनिवार को भी शहर के प्रमुख बाजारों, सड़कों पर तीखी गर्मी का असर बखूबी दिखा। वायु प्रदूषण बढ़ा, अर्दली बाजार में सर्वाधिक शहर की हवा फिर प्रदूषित हो चली है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 128 दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों से शहर यलो जोन में है। इससे हृदय और सांस के रोगियों को समस्या हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में निर्माण स्थल पर नियमों की अनदेखी के कारण धूल कण उड़ रहे हैं। यह वायु प्रदूषण बढ़ने की सबसे प्रमुख वजह है। शहर में अर्दली बाजार क्षेत्र की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित है। यहां एक्यूआई 150 रहा। पीएम 2.5 मानक के अनुसार 60 होना चाहिए लेकिन यहां पर पांच गुना ज्यादा 301 दर्ज किया गया। अब जानिए क्यों सबसे गर्म रहता है बांदा अतुल कुमार सिंह ने कहा - बांदा की भौगोलिक स्थिति कर्क रेखा के काफी करीब है। गर्मियों के दौरान सूरज की किरणें इस क्षेत्र पर लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे यहाँ विकिरण की तीव्रता अधिक होती है। इसके अलावा राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएँ सबसे पहले बुंदेलखंड और बांदा जैसे दक्षिण-पश्चिमी जिलों से टकराती हैं। इन 'लू' हवाओं के रास्ते में कोई प्राकृतिक बाधा न होने के कारण यहाँ का पारा तेजी से चढ़ता है। बांदा अक्सर गर्म रहता है, लेकिन अप्रैल के महीने में ही पारा 45.4°C तक पहुँच जाना पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड की बराबरी कर रहा है। इससे पहले 2022 और 2019 के अप्रैल में भी बांदा में इसी तरह की भीषण गर्मी दर्ज की गई थी, जब तापमान 45 से 47 डिग्री के बीच पहुँचा था।
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