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    वाराणसी-मणिकर्णिका घाट के छत पर अंतिम संस्कार हो रहा:गंगा का जलस्तर बढ़ा, 84 घाटों का संपर्क टूटा; 46 राहत शिविर अलर्ट

    3 hours ago

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    वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार सुबह नदी का पानी 67.58 मीटर तक पहुंच गया। करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी है। बढ़ते जलस्तर के कारण काशी के कई गंगा घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट पर भी व्यवस्थाएं बदलनी पड़ी हैं। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार सुबह शहर में बादल छाए रहे और तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए 46 राहत शिविरों को अलर्ट कर दिया है। जलपुलिस और एनडीआरएफ की टीमें घाटों और तटवर्ती इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। मणिकर्णिका घाट पर पहुंचा पानी गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ मणिकर्णिका घाट पर भी पानी पहुंच गया है। वहीं हरिश्चंद्र घाट पर सीढ़ियों के ऊपर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। घाटों के बीच रास्ते पानी में डूबने से एक-दूसरे से संपर्क प्रभावित हुआ है। मंगलवार रात 8 बजे गंगा का जलस्तर 67.22 मीटर था। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक उस समय नदी चेतावनी बिंदु से करीब साढ़े तीन मीटर और खतरे के निशान से लगभग चार मीटर नीचे थी। बुधवार को भी पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा। 36 घंटे में स्थिर होने की उम्मीद प्रयागराज में गंगा का जलस्तर स्थिर होने के बाद वाराणसी में भी अगले 36 घंटे में बढ़ाव थमने की उम्मीद है। हालांकि यह पूरी तरह मौसम और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों की स्थिति पर निर्भर करेगा। यदि तेज बारिश नहीं हुई और पड़ोसी राज्यों से गंगा-यमुना में अतिरिक्त पानी नहीं आया तो बनारस में नदी का बढ़ाव रुक सकता है। फिलहाल प्रशासन जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रख रहा है। वरुणा किनारे रहने वालों की बढ़ी चिंता गंगा का पानी बढ़ने के साथ वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। निचले इलाकों में संभावित बाढ़ का खतरा देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। राहत और बचाव से जुड़ी तैयारियों को भी सक्रिय रखा गया है। चिरईगांव में गंगा ने शुरू किया कटान चिरईगांव के ढाब क्षेत्र में गंगा ने कटान शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो बुधवार रात या गुरुवार सुबह तक आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों में सब्जियों की खड़ी फसलें डूब सकती हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। इलाके में दूध उत्पादन प्रभावित होने का भी खतरा बताया जा रहा है। 46 राहत शिविर किए गए अलर्ट बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने 46 राहत शिविरों को अलर्ट कर दिया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को इन शिविरों में सुरक्षित पहुंचाने की तैयारी है। राहत सामग्री, बचाव दल और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर भी नजर रखी जा रही है। घाटों पर एनडीआरएफ और जलपुलिस की गश्त गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जलपुलिस और एनडीआरएफ की निगरानी बढ़ा दी गई है। टीमें घाटों, तटवर्ती क्षेत्रों और बाढ़ प्रभावित होने वाले इलाकों में गश्त कर रही हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों से नदी के करीब नहीं जाने की अपील की जा रही है। बढ़ते पानी को देखते हुए नमो घाट पर होने वाला दैनिक सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘काशी वंदन’ भी स्थगित कर दिया गया है।
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