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    वृंदावन नाव हादसे के 7वें दिन मिला मैनेजर का शव:बॉडी फूलकर ऊपर आई, गोताखोरों ने 30 Km एरिया में ऑपरेशन चलाया

    11 hours ago

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    वृंदावन के नाव हादसे में लापता मैनेजर पंकज मल्होत्रा का शव सातवें दिन बरामद कर लिया गया। शव हादसे की जगह से ढाई किमी आगे देवरहा घाट और पानीगांव पुल के नीचे मिला। बॉडी फूलकर ऊपर आ गई थी। गोताखोरों और सेना के जवानों ने उसे बाहर निकाला। जिसके बाद से हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। इससे पहले, सोमवार को सुबह 8 बजे हादसे वाली जगह से 12 किलोमीटर दूर बंगाली घाट से एक महिला और देवरा बाबा आश्रम के पास से एक युवक की लाश मिली थी। महिला की पहचान लुधियाना की रहने वाली मोनिका टंडन के रूप में हुई। वह अपनी सास सविता के साथ आई थी। 6 महीने पहले ही शादी हुई थी। पति विदेश में हैं। मोनिका भी जल्द ही विदेश जाने वाली थी। हादसे के दिन मोनिका नाव में पड़ोसी महिला डिंकी के साथ बैठी थी। डिंकी की लाश 12 अप्रैल को मिली थी। वहीं, युवक की पहचान लुधियाना के रहने वाले यश भल्ला (22) के रूप में हुई है। यश पहली बार वृंदावन आए थे। बांके बिहारी ग्रुप के साथ जुड़े थे। धार्मिक संकीर्तन में ढोलक बजाते थे। नाव डूबने से पहले का जो वीडियो सामने आया था, उसमें यश ढोलक बजाते दिखाई दे रहे थे। यश के बड़े भाई अकाउंटेंट है। मां सुनीता हाउस वाइफ हैं। पिता रेहड़ी-फड्डी लगाकर कपड़े बेचते है। प्रशासन के मुताबिक, शव फूलकर नदी के ऊपर आ गए थे। पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। यह हादसा 10 अक्टूबर शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे नाव पलटने के कारण हुआ था। हादसे के बाद से ही पंकज मल्होत्रा की तलाश पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) और स्थानीय गोताखोरों की एक संयुक्त टीम लगातार यमुना नदी में तलाशी अभियान चला रही थी। लगभग ढाई सौ लोगों की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। सबसे पहले हादसे की दो तस्वीरें देखिए अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए 10 अप्रैल को वृंदावन घूमने आए थे एसपी ग्रामीण सुरेश चद्र रावत ने बताया- पंकज मल्होत्रा हिमांचल में स्टील कंपनी में मैनेजर थे। 10 अप्रैल को अकेले वृंदावन आये थे। वह नाव से ग्रुप में यमुना में घूम रहे थे। इसी दौरान नाव पलटने से डूब गए थे। उनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था। हादसे के सातवें दिन आज उनका शव देवरहा बाबा घाट के पास से मिला है। उनके परिजन को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया जाएगा। भाई बोला- पंकज हर साल परिवार के साथ मथुरा आते थे अनिकेत ने बताया- पंकज मल्होत्रा मेरे बुआ के बेटे थे। उनके निधन से हम लोग बहुत ही ज्यादा दुखी हैं। हम लोग कई दिनों से चाह रहे थे कि उनकी लाश मिल जाए। इस उम्मीद में यहां पर ठहरे हुए थे। आज जाकर उनकी लाश मिल पाई। वह हर साल परिवार के साथ मथुरा आते थे। उनकी शादी हो चुकी है। उनके दो बच्चे एक तीन साल की बेटी और एक 9 साल का बेटा है। उनकी दो बहनें हैं वह उनमें सबसे बड़े थे। उनके परिवार के 5- 6 लोग और थे। जिनकी इस हादसे में मौत हुई है। कैसे हुआ हादसा? जान लीजिए- हादसे में जिंदा बचे एक युवक ने बताया- नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। हवा करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक का नियंत्रण छूट गया। पर्यटकों ने कहा कि पुल आने वाला है, नाव रोक लीजिए, लेकिन उसने नहीं सुनी। दो बार नाव पुल से टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर हो गई और नाव डूब गई। अब रेस्क्यू ऑपरेशन की दो तस्वीरें देखिए घटना से लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन तक कब क्या क्या- हुआ, जानिए पर्यटक रजिंदर कौर की जुबानी पूरी कहानी… हादसे से पहले चार लोग उतारे: रजिंदर कौर का कहना है कि स्टीमर में 37 लोग बैठे थे। बीच में स्टीमर रुका। सभी ने पूछा कि क्यों रोका तो नाविक ने कहा कि दूसरी नाव में शिफ्ट हो जाओ, महिलाओं ने मना कर दिया। बाद में चार बुजुर्ग दूसरी नाव में शिफ्ट हो गए। ओवरलोड वाली कोई बात नहीं थी, क्योंकि मैं पहले भी नाव में सफर कर चुकी हूं। पुल हमारी तरफ आ रहा था, रस्सी फंसी: रजिंदर कौर ने बताया कि जब स्टीमर खड़ा था तो पुल हमारी तरफ आने लगा। स्टीमर वाले ने कहा कि पुल के आने से पहले वो क्रॉस करवा देगा। इतने में तेजी से पुल आया और नाव से टकरा गया। नाव पुल की रस्सी में फंस गई और वो पलट गई। इसके बाद पूरा पुल नाव के ऊपर आ गया। मैं, एक लड़की व लड़का खड़े थे: रजिंदर कौर ने बताया कि नाव जब पलटी तो मैंने उसे पकड़ लिया क्योंकि मैं उस समय खड़े होकर वीडियो बना रही थी। जब पुल नाव के ऊपर आया तो मैंने नाव छोड़ दी और फिर पानी में डूब गई। पुल के ऊपर आने से नाव के नीचे दबे लोग बाहर नहीं आ सके। पांच बार सिर से टकराई नाव: रजिंदर कौर ने बताया कि जब मैं पानी में डूबी तो नाव पांच बार पानी के अंदर मेरे सिर से टकराई। सिर पर हाथ रखा, ताकि चोट न लगे। फिर पानी में से घुट-घुट की आवाज आई तो मुझे लगा कि अब नाव अलग हो गई। फिर मैंने बाहर आने की कोशिश की। किसी ने सेफ्टी बेल्ट फेंकी, कुंडा पकड़ा: दूसरी नाव से किसी ने सेफ्टी बेल्ट फेंकी। मैंने सेफ्टी बेल्ट तो पकड़ी, लेकिन तब तक शरीद थक चुका था। नाक से हल्के से सांस लेने पड़े तो पानी अंदर जाने लगा। फिर मैंने बाहर निकलने की सोची। सेंटर की तरफ जाती तो वहां बहुत लोग थे, वहां से बाहर निकला मुश्किल था। वहां से एक नाव निकल रही थी फिर उसका कुंडा पकड़ लिया। मैंने फिर कुंडा नहीं छोड़ा। माता जी आपकी सांसें चल रही, दूसरी की टूट रही: रजिंदर कौर ने बताया कि जब मैंने नाव का कुंडा पकड़ा तो नाव वाले ने मुझे देख लिया। वहीं एक और महिला थी, जिसकी सांसें टूट रही थी। नाव वाले ने कहा कि माता जी आपकी सांसें चल रही हैं और दूसरी की सांसें टूट रही हैं। उसे बचा लें। मैंने उन्हें कहा कि पहले उसे बचा लो। आंटी-आंटी चिल्ला रहा था युवक: रजिंदर कौर ने बताया कि पुल के पास एक युवक ने जब मुझे देखा तो वो जोर-जोर से आंटी-आंटी चिल्लाने लगा। इसके बाद मैंने नाव वाले को कहा कि उसे भी बचा लो। फिर उसे बचाने गए। तब तक वह अपने हाथ पैर छोड़ चुका था और उससे जोर नहीं लग रहा था। फिर मैंने नाव वालों को कहा कि उसे पैर की तरफ से उठाओ। फिर उन्होंने उसे पैरों से उठाकर बाहर निकाला और उसकी जान बचा दी। --------------------- ये खबर भी पढ़िए- नोएडा बवाल- RJD की 2 महिला प्रवक्ताओं पर FIR, गलत VIDEO पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने का आरोप नोएडा में 2 दिन हुए बवाल के बाद आज यानी बुधवार को फैक्ट्रियां खुल गई हैं। हालात सामान्य हैं। जगह-जगह फोर्स तैनात है। CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 16 कंपनी RAF और पीएसी लगाई गई है। नोएडा सेक्टर 63, 84, 85, 80, फेस 2 में पुलिस ने फ्लैगमार्च किया। इस बीच, नोएडा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में राजद की दो महिला प्रवक्ताओं कंचना यादव और प्रियंका भारती पर FIR दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़िए
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