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    विधानसभा में महिला आरक्षण पर बोलीं नसीम सोलंकी:एक आम महिला को नेता बनने पर मजबूर किया गया, 33% आरक्षण लागू हो

    12 hours ago

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    कानपुर की सीसामऊ विधानसभा से सपा विधायक नसीम सोलंकी ने विधानसभा सदन में महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने के पक्ष में बात रखी। इस दौरान सदन में नसीम ने कहा कि दुनियादारी का अनुभव नहीं था, चुनाव का अनुभव नहीं था। वो कभी नेता नहीं बन पातीं अगर आप सब नेता न बनाते। क्योंकि एक महिला होकर जिस तरह से मुझे नेता बनने के लिए मजबूर किया गया, इसलिए मैं नेता बन सकी। सदन में बोलीं विधायक नसीम महिला आरक्षण पर बात रखने से पहले उन्होंने स्वयं के उपचुनाव से बात शुरू की। उन्होंने कहा कि एक महिला होने के बाद भी जिस तरह से उपचुनाव के समय मेरे साथ बहुत अत्याचार किया गया। मैं पूरे सिस्टम से लड़ रही थी। महिला पर ही अत्याचार हो रहा था। मेरे पति को कानपुर जेल से 400 किमी दूर भेज दिया गया था। उपचुनाव में जो मेरे सामने बीजेपी के प्रत्याशी थे, वो एक पुरुष थे। मैं उनके सामने लड़कर संघर्ष कर रही थी। उपचुनाव मे जिस तरह से संघर्ष किया, मैं यही कहना चाहती हूं कि इस तरह से महिलाओं का उत्पीड़न न करें। मैं अपनी सीसामऊ की जनता को सलाम करती हूं। अपनी पार्टी को सलाम करती हूं। मुझे चुनाव का कोई अनुभव नहीं था, दुनियादारी का अनुभव नहीं था, वो तो आप लोगों ने सिखा दिया, इसका बहुत शुक्रिया। एक आम महिला को नेता कैसे बनाते हैं, वो आपने बना दिया। मैं बहुत साधारण महिला थी, अपने बच्चों को संभाल रही थी, अपना घर संभाल रही थी, लेकिन आप लोगों ने मजबूर कर दिया कि एक महिला को नेता कैसे बनाया जाता है। इसलिए मेरी गुजारिश है कि इस तरह से महिलाओं को परेशान न किया जाए, नहीं तो बहुत-सी महिलाएं बिना आरक्षण के ही मैदान में आ जाएंगी। ये तो मेरी आपबीती थी। महिलाओं पर जिस तरह से अत्याचार भी कम नहीं हुए हैं। जब 2023 में महिला आरक्षण बिल लाया गया तो हमारी पार्टी ने इसका समर्थन भी किया। ये विधेयक पास हुआ, लेकिन अभी तक लागू नहीं किया गया। महिलाओं के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। मैं सदन से मांग करती हूं कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाना चाहिए।
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