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    VB-G RAM G के खिलाफ मनरेगा बचाओ यात्रा पहुंची बनारस:आज वाराणसी कचहरी पर होगी समाप्त, अंबेडकर प्रतिमा पर करेंगे युवा उपवास

    15 hours ago

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    मोदी सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए मजदूर-विरोधी बदलावों और नए कानून VB-G RAM G के विरोध में निकाली जा रही गांधीवादी युवाओं की ‘मनरेगा बचाओ यात्रा’ आज वाराणसी में समाप्त होगी। 17 जनवरी को गोरखपुर के चौरी-चौरा से निकली साइकिल यात्रा गोरखपुर, देवरिया, बलिया, मऊ और गाजीपुर होते हुए बनारस पहुंची। गांधीवादी युवाओं ने गांव-गांव जाकर आम लोगों से नए कानून VB-G RAM G के मजदूर-विरोधी प्रावधानों और काम के संवैधानिक अधिकार पर किए जा रहे सुनियोजित हमले पर चर्चा की तथा मनरेगा बहाली के लिए उन्हें संगठित किया। सोमवार की शाम यह यात्रा बेलवा से शुरू होकर बड़ागांव, टिकरी खुर्द, भोपतपुर, हरहुआ, चांदमारी, भोजूबीर और कचहरी होते हुए बनारस शहर पहुंची। आज इस यात्रा का समापन होगा। यात्रा भारत माता मंदिर से बीएचयू के छात्रों के नेतृत्व में भरता माता मंदिर से कच्छारी स्थित अंबेडकर पार्क पहुंचेगी और उपवास के बाद समाप्त होगी। VB-G RAM G सरकार की बयानबाजी को दर्शाता है यात्रा में शामिल पुष्कर पाल ने कहा - सरकार मनरेगा जैसे जनहित के कानून को खत्म कर मजदूरों पर हमला कर रही है। यह गरीब, पिछड़े वर्ग, दलित, भूमिहीन मजदूरों और महिलाओं के सम्मानजनक रोजगार के रास्ते बंद कर देगा। बड़ागांव में महिला मजदूरों के साथ हुई बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता नीति ने कहा कि मनरेगा को मजदूरों के हित में मजबूत करने के बजाय सरकार ने रोजगार की गारंटी को ही खत्म कर दिया। VB-G RAM G सरकार की कोरी बयानबाजी को दर्शाता है। मजदूरों को उनके गांव में सम्मानजनक काम मिले और लोग मजबूरी में पलायन न करें। मोदी सरकार पूंजीपतियों की सरकार यात्रा में शामिल इलाहाबाद विश्वविद्यालय की शोध छात्रा मृदुला मंगलम ने कहा कि मनरेगा कानून लागू होने के बाद महिलाएं पहली बार बड़ी संख्या में मुख्यधारा के काम से जुड़ीं। इससे वे आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हुईं और उनकी ताकत में भी इज़ाफ़ा हुआ। हरहुआ में BHU के शोध छात्र रोशन ने कहा कि मोदी सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। एक तरफ उनके लाखों-करोड़ों रुपये के कर्ज माफ़ हो रहे हैं और कौड़ियों के भाव देश की सरकारी संपत्तियां उन्हें दी जा रही हैं। वहीं मनरेगा को खत्म कर मजदूरों के अधिकारों पर एक और हमला किया गया है। BHU छात्र सुमन ने कहा - हम विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र अपने देश को बचाने के लिए निकले हैं। देश को मजदूर, किसान और जवान बनाते हैं, और आज उन्हीं पर हमला हो रहा है। यात्रा के दौरान किसानों और मनरेगा कर्मियों से मुलकात कर छात्रों ने उन्हें उनका हक याद दिलाया। इस यात्रा में मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बेगूसराय, सहरसा, मुजफ्फरपुर और नवादा के छात्र भी शामिल रहे।इस यात्रा की मुख्य मांग है - 1. काम के संवैधानिक अधिकार को बहाल किया जाए। 2. मजदूर-विरोधी कानून VB-G RAM G को तुरंत वापस लिया जाए। 3. मनरेगा की न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन की जाए।
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