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    योगी ने बंदर की कहानी सुनाई, बोले-इंसानों को सीखना चाहिए:बच्चों को रोने-नाराज होने दें, लेकिन स्मार्टफोन न दें

    2 hours ago

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    सीएम योगी ने सोमवार को राजस्थान में जालोर के श्री रत्नेश्वर महादेव मंदिर (सिरे मंदिर) के 375 साल पूरे होने पर आयोजित महायज्ञ और विशाल धर्मसभा में हिस्सा लिया। मंदिर पहुंचने से पहले रास्ते में योगी ने बंदरों को खाना खिलाया। बाद में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा- इंसानों को बंदरों से सीखना चाहिए। बंदरों की तरह से लोभ से बचना भी साधना है। सीएम ने सिरे मंदिर के आसपास बंदरों के चौराहे का जिक्र करते हुए कहा- कल जब हम लोग यहां रुके तो ढेर सारे बंदर आ गए। हमने एक बंदर को रोटी दी तो वह खाने लगा, लेकिन जब तक उसने पहली रोटी खा नहीं ली, तब तक दूसरी रोटी नहीं ली। इंसानों को यह शालीनता सीखनी चाहिए। इंसान हड़पने और जमा करने की बजाय जरूरतमंद तक पहुंचाने का भाव रखें। योगी ने महिलाओं से अपील की कि छोटी उम्र के बच्चों को रोने-नाराज होने दें, कुछ देर में वे ठीक हो जाएंगे, लेकिन उन्हें स्मार्टफोन कतई न दें। यह उनकी सोचने की शक्ति को कम कर देता है। बुद्धि को कुंठित कर देता है। लोग डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। स्मार्टफोन का लगातार प्रयोग नशे जैसा ही खतरनाक है। योगी के संबोधन की बड़ी बातें… 1. 'परिवार के लिए समय निकालिए, बातचीत कीजिए' योगी ने युवा पीढ़ी को सीख देते हुए कहा कि जितना जरूरी है, उतना ही स्मार्टफोन का प्रयोग कीजिए। परिवार के लिए समय निकालिए, बातचीत कीजिए। खाते वक्त, पूजा के समय फोन न उठाइए, बाद में कॉलबैक कीजिए। स्मार्टफोन एक समय बाद डिप्रेशन की बीमारी पैदा करने वाला है। छोटी-छोटी बातों के कारण आत्महत्याओं की प्रवृत्ति बढ़ी है। कभी विफलता मिली है तो कारण ढूंढ़कर उसे सफलता में बदलना ही जीवन है। 2. 'नशे के सौदागरों को गांव में घुसने न देना' सीएम ने कहा- देश के दुश्मन और नशे के सौदागर युवा पीढ़ी को नशे के आगोश में ले जाना चाहते हैं। नशे के कारोबारियों को सफल नहीं होने देना है। किसी देश के भविष्य को देखना है तो युवा पीढ़ी को देखें। यह सही दिशा में है तो देश नई ऊंचाई तक पहुंचता है। सीएम ने अपील की कि नशे के सौदागरों को परिवार, समाज, नगर, कस्बे या गांव, कहीं नहीं घुसने देना है। 3. 'धर्म जोड़ता है, जातिवाद व्यवस्था को कमजोर करता है' योगी ने कहा- धर्म जोड़ने का माध्यम है, लेकिन जातिवाद व्यवस्था को कमजोर करता है। संत, योगी, योगेश्वर सदैव अजर-अमर हैं। इनकी कृपा भक्तों और आस्थावान श्रद्धालुओं पर बरसती है। हम भी प्रयास करें, क्योंकि देश, समाज, धर्म के लिए किया गया योगदान कभी व्यर्थ नहीं जाता। समाज को बांटने का पाप करने वाले को समझाएं और उसे दूर करने का प्रयास करें। 4. 'वीरों-वीरांगनाओं के बलिदान से बना है यह देश' सीएम ने कहा कि यह देश वीरों व वीरांगनाओं के बलिदान से बना है। चित्तौड़गढ़ में रानी पद्मिनी ने हजारों वीरांगनाओं के साथ जौहर किया था। जालोर में भी अलाउद्दीन खिलजी और उसके बाद भी यह परंपरा देखने को मिली। सीएम ने सिरे मंदिर की बारीक कारीगरी, दुर्लभ कला, शिलालेखों का जिक्र करते हुए महाराजा मान सिंह के योगदान की भी चर्चा की। 5. 'पहले की सरकारों ने बांटा, मोदी ने देश को जोड़ा' सीएम योगी ने कहा कि भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया की बड़ी ताकत बनने जा रहा है। पहले की सरकारों ने बांटने पर विश्वास किया था तो हम जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटे थे। कश्मीर और नक्सलवाद की समस्या, भाषाई विवाद, जातीय संघर्ष, अराजकता का तांडव था। शासन की सुविधाओं का लाभ गरीबों, दलितों, वंचितों, अतिपिछड़ों को नहीं मिलता था। पीएम मोदी ने देश को एक स्वर में जोड़ने का काम किया। कश्मीर, नक्सलवाद की समस्या का समाधान निकाला और गरीबों को बिना भेदभाव सुविधाएं और अधिकार दिलाए। 6. 'पिछली सरकारें आस्था को अंधविश्वास मानती थीं' योगी ने कहा कि पिछली सरकारें आस्था को अंधविश्वास मानती थीं, लेकिन मोदी ने कहा कि सनातन धर्म की आस्था भारत की आस्था है। आस्था के बिना कोई समाज आगे नहीं बढ़ सकता। इसके लिए उन्होंने काम भी शुरू किया। राम मंदिर का निर्माण 1947, 1948, 1949 या 1950 में भी हो सकता था, लेकिन नहीं हुआ। हम अभिवादन में राम-राम कहते हैं, लेकिन पिछली सरकारें कहती थीं कि राम-कृष्ण हुए ही नहीं। जिसने राम को नकारा, उन्हें प्रभु ने भी ठुकरा दिया। अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो गया। काशी में काशी विश्वनाथ धाम बन गया। मथुरा-वृंदावन में भी ऐसी व्यवस्था चल रही है। बस करने की इच्छाशक्ति और मन में भाव होना चाहिए।
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