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    यूपी के 28 जिलों में सूखा, 78% तक कम बारिश:2 महीने में कैसे होगी भरपाई; अगस्त-सितंबर में स्थिति बिगड़ेगी या सुधरेंगे हालात…?

    17 hours ago

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    मानसून का आधा सीजन बीत चुका है, लेकिन यूपी के 28 जिलों में सूखे की स्थिति है। इसमें पूर्वांचल के सबसे ज्यादा 19 जिले हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 1 जून से 31 जुलाई के बीच सामान्य से 27% कम बारिश हुई है। जबकि, अप्रैल में मौसम विभाग (IMD) ने इस सीजन (1 जून से 30 सितंबर) 8 से 10% कम बारिश का अनुमान जताया था। पूर्वी और पश्चिमी यूपी की बारिश में भी बड़ा अंतर दिख रहा है। क्या अगस्त-सितंबर में बारिश के कोटे की भरपाई हो पाएगी या सूखे की स्थिति और गंभीर होगी? जानेंगे यूपी के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: मानसून के शुरुआती 2 महीनों में बारिश की क्या स्थिति रही? जवाब- सवाल-2: जून की अपेक्षा जुलाई में तो काफी अच्छी बारिश हुई है? जवाब: जी हां, अलनीनो के बावजूद जून के मुकाबले जुलाई में बेहतर बारिश हुई। जून के अंत तक यूपी में 60% तक कम बारिश हुई थी। प्रदेश के 34 जिले 'गंभीर सूखे' की चपेट में थे। वहीं, जुलाई में अच्छी बारिश होने से भारी सूखे वाले जिले घटकर 13 रह गए हैं। बारिश की कमी भी घटकर 27% रह गई। अगस्त-सितंबर में अलनीनो के और मजबूत होने का अनुमान है। सवाल-3: अलनीनो बना है, तो जुलाई में अच्छी बारिश कैसे हुई? जवाब: IMD के पूर्व महानिदेशक डॉ. केजे रमेश के मुताबिक इसके पीछे दो वजहें रहीं… पहला- फिलीपींस के पास प्रशांत महासागर का पानी असामान्य तौर पर गर्म हुआ। इससे उठे साइक्लोनिक सर्कुलेशन म्यांमार होते हुए बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो प्रेशर एरिया बनाते रहे और मानसून को सहारा दिया। दूसरा- सामान्य से ज्यादा मजबूत पश्चिमी विक्षोभ, जिससे अरब सागर से भारी नमी खिंचकर आई। इससे असम में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। इन्हीं सिस्टम की वजह से पूर्वी यूपी के मुकाबले पश्चिमी यूपी में बारिश भी बेहतर हुई। पश्चिमी यूपी- सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का सीधा फायदा मिलता रहा। अरब सागर की नमी गुजरात-राजस्थान होते हुए पश्चिमी यूपी तक आई। इसी वजह से सहारनपुर-मुजफ्फरनगर-मेरठ बेल्ट में हाल में लगातार भारी बारिश हो रही है। बारिश की घाटा सिर्फ 13-15% पर सिमटा है। पूर्वी यूपी- बंगाल की खाड़ी में बनने वाला लो प्रेशर एरिया मुख्यतः ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम की तरफ जोर मारता है। पूर्वी यूपी तक पहुंचते-पहुंचते उनका असर कम हो जाता है। यही वजह है कि पूर्वांचल में बारिश कोटे से 34% कम हुई है। सवाल- 4: अगस्त-सितंबर में कितनी बारिश होने का अनुमान है? जवाब: अगस्त- IMD के 31 जुलाई को जारी अगस्त-सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक 2 से 4 अगस्त के बीच यूपी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के संकेत हैं। शुरुआत में पूर्वी यूपी में थोड़ी कम बारिश होगी। लेकिन, बाद में यहां मानसून थोड़ा तेज हो सकता है। पश्चिमी यूपी के कुछ सीमावर्ती जिलों (सहारनपुर, बिजनौर जैसे उत्तराखंड-सटे इलाके) में सामान्य या उससे थोड़ी ज्यादा बारिश की गुंजाइश है। मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ जैसे मैदानी हिस्सों समेत पूरे यूपी में मानसून के बचे सीजन में सामान्य से कम बारिश के आसार हैं। सितंबर- आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह बताते हैं- यूपी में अगस्त-सितंबर में सामान्य से 6% कम बारिश की आशंका है। तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है। यानी बारिश की कमी के साथ-साथ उमस और गर्मी दोनों बने रह सकते हैं। रातें (न्यूनतम तापमान) भी सामान्य से ज्यादा गर्म हो सकती हैं। पूर्वी यूपी के लिए स्थिति और कमजोर दिखती है। प्रदेश की पूर्वोत्तर सीमा से सटे इलाकों (जैसे बलरामपुर, श्रावस्ती जैसे नेपाल सीमा से सटे जिले) को छोड़कर गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आजमगढ़ जैसे बड़े हिस्सों में सामान्य से कम बारिश के आसार हैं। पूरे पूर्वी यूपी में तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की आशंका है। यानी दिन और रात दोनों गर्म रहेंगी। इससे पूर्वी यूपी के लिए ज्यादा चिंताजनक स्थिति बनती है। सवाल-5: क्या अगस्त-सितंबर में बारिश का कोटा पूरा हो सकता है? जवाब: ----------------------------------- ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें… क्या राम मंदिर CEO सिर्फ डमी बनकर रह जाएगा, नियुक्ति के बाद भी महासचिव सबसे ज्यादा ताकतवर, चढ़ावे का असली रखवाला कौन...? राम मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है, रक्षाबंधन तक कोई रिटायर्ड नौकरशाह यह जिम्मेदारी संभाल लेगा। इसके विज्ञापन में कहा गया था कि CEO ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेगा। तो क्या CEO की नियुक्ति के बाद भी महासचिव के पास ही सारी ताकत रहेगी? कहीं CEO सिर्फ डमी बनकर तो नहीं रह जाएगा? जानिए यूपी एक्सप्लेनर में…
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