Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    यूपी के युवक ने 2.5 साल पैदल नापे 11 ज्योतिर्लिंग:अब हरिद्वार से गंगाजल लेकर केदारनाथ रवाना, शिवरात्रि पर करेंगे संकल्प पूरा

    12 hours ago

    1

    0

    उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर निवासी 23 वर्षीय मनीष राजभर पिछले ढाई साल से भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की पदयात्रा पर हैं। मुंबई की नौकरी छोड़कर निकले मनीष अब तक 11 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुके हैं। अब उन्होंने हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर केदारनाथ के लिए अंतिम चरण की यात्रा शुरू की है। उनका लक्ष्य शिवरात्रि से पहले बाबा केदार के दरबार पहुंचकर 12वें ज्योतिर्लिंग पर गंगाजल अर्पित करना है। इसके बाद वे अपने गांव लौटकर शिव मंदिर और गौशाला की स्थापना करना चाहते हैं। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद शुरू हुई पदयात्रा मनीष ने बताया कि वे 18 जनवरी 2024 को अपने गांव से निकले थे और सबसे पहले अयोध्या पहुंचे, जहां 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक समारोह के साक्षी बने। इसके बाद उन्होंने काशी विश्वनाथ सहित देश के विभिन्न राज्यों में स्थित ज्योतिर्लिंगों की पदयात्रा की। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से होते हुए अब वे उत्तराखंड पहुंचे हैं। पदयात्रा का संकल्प केदारनाथ में पूरा होगा मनीष के अनुसार वे अब तक 11 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुके हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर वे केदारनाथ के लिए रवाना हुए हैं। उनका अनुमान है कि करीब 10 दिन में वे बाबा केदार के धाम पहुंच जाएंगे। शिवरात्रि पर गंगाजल अर्पित करने के साथ ही उनका 12 ज्योतिर्लिंगों की पदयात्रा का संकल्प पूरा हो जाएगा। सपना आया, फिर छोड़ दी मुंबई की नौकरी मनीष ने बताया कि वे पहले मुंबई की एक ऑटोमोबाइल पार्ट्स बनाने वाली कंपनी में नौकरी करते थे। दीपावली की छुट्टियों में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के दौरान उन्हें भगवान शिव की प्रेरणा मिली। उनका दावा है कि सपने में भगवान शिव के दर्शन होने के बाद उन्होंने सभी ज्योतिर्लिंगों की पैदल यात्रा का संकल्प लिया। इसके बाद नौकरी छोड़ दी और यात्रा शुरू कर दी। रास्ते में ही हो जाती है भोजन की व्यवस्था आठवीं तक पढ़े मनीष किसान परिवार से हैं। उनका कहना है कि यह यात्रा किसी पूर्व योजना का हिस्सा नहीं थी, बल्कि भगवान शिव की प्रेरणा से शुरू हुई। वे अधिकतर रात में पैदल चलते हैं। भोजन और विश्राम की व्यवस्था रास्ते में श्रद्धालुओं, होटलों या स्थानीय लोगों के सहयोग से हो जाती है। उनका कहना है कि आस्था ही उन्हें हर कठिनाई से आगे बढ़ने की शक्ति देती है। गांव में बनाएंगे शिव मंदिर और गौशाला यात्रा पूरी होने के बाद मनीष अपने गांव में एक भव्य शिव मंदिर और गौशाला बनवाना चाहते हैं। उनका कहना है कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं होगा, बल्कि वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही युवाओं को सनातन संस्कृति, ध्यान और भारतीय परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। समाज में आस्था और संस्कार बढ़ाने का संदेश मनीष का कहना है कि उनकी यात्रा केवल ज्योतिर्लिंगों के दर्शन तक सीमित नहीं है। वे गौ संरक्षण, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं को संस्कारों से जोड़ने का संदेश भी दे रहे हैं। उनका मानना है कि समाज में आस्था और संस्कार मजबूत होंगे तो कई सामाजिक समस्याओं का समाधान स्वतः हो जाएगा। बोले- केदारनाथ में पूरी होगी ढाई साल की तपस्या मनीष ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि बाबा केदार की कृपा से उनका संकल्प सफल होगा। उन्होंने लोगों से आशीर्वाद की अपील करते हुए कहा कि केदारनाथ में गंगाजल अर्पित करने के साथ ही ढाई साल पहले शुरू हुई उनकी पदयात्रा पूरी हो जाएगी। इसके बाद वे समाज सेवा और धार्मिक कार्यों के लिए स्वयं को समर्पित करेंगे। ---------------- ये खबर भी पढ़ें : सास को कांवड़ में बैठाकर हापुड़ ले जा रही बहू: हरिद्वार से पैदल यात्रा, साथ चल रही नन्ही पोती; कांवड़ यात्रा में सेवा और संस्कार की मिसाल कांवड़ यात्रा में हर साल ऐसे श्रद्धालु दिखाई देते हैं, जो अपने माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर तीर्थ यात्रा कराते हैं और लोग उन्हें आधुनिक श्रवण कुमार कहते हैं। लेकिन इस बार हरिद्वार की सड़कों पर एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हजारों श्रद्धालुओं को ठहरने पर मजबूर कर दिया। यहां एक बहू अपनी बुजुर्ग सास को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से उत्तर प्रदेश के हापुड़ तक करीब 170 km पैदल यात्रा कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    राममंदिर चढ़ावा चोरी के 2 महीने बाद चंपत राय दिखे:अयोध्या में उंगली दिखाकर कैमरे बंद कराए, बोले- मरते दम तक यहीं रहूंगा
    Next Article
    सीतापुर में हिस्ट्रीशीटर ने समधी को गोली मारी, मौत:आरोपी और उसका भाई पुलिस हिरासत में, बेटी के लव मैरिज से नाराज था

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment