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    यूपी कॉलेज में हत्या के बाद छात्रों का कैंडल मार्च:नारे लगाए- सूर्या हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं; 200 से ज्यादा जवान तैनात

    2 hours ago

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    वाराणसी के UP कॉलेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के चौथे दिन सोमवार को छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। छात्र-छात्राओं ने कैंपस से मार्च निकालकर सूर्य प्रताप को श्रद्धांजलि दी। हाथों में कैंडल और बैनर लिए हजारों छात्र जुलूस में शामिल हुए। छात्रों ने हत्यारे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। छात्रों ने नारेबाजी की- जब तक सूरज चांद रहेगा, सूर्या तेरा नाम रहेगा… सूर्या हम शर्मिंदा है, तेरे कातिल जिंदा हैं… सूर्या भाई अमर रहें… कैंडल मार्च में हत्याकांड की चश्मदीद छात्रा भी सबसे आगे मौजूद रही। छात्रों का कहना है कि कॉलेज परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। श्रद्धांजलि सभा के दौरान छात्रों ने सूर्य प्रताप को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। स्थिति को देखते हुए कॉलेज कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर 3 IPS, 7 ACP समेत करीब 200 पुलिसकर्मी और 2 सेक्शन PAC को लगाया गया है। पुलिस अधिकारी लगातार कैंपस और आसपास के इलाकों में निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न हो सके। 4 तस्वीरें देखिए- शुकवार दोपहर कॉलेज में ही बीए के छात्र को गोली मारी थी दरअसल, शुकवार दोपहर 11.30 बजे यूपी कॉलेज (उदय प्रताप कॉलेज) के अंदर बीए के छात्र मंजीत सिंह चौहान ने सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसका एक वीडियो भी देर शाम को सामने आया। इसमें सूर्य प्रताप जमीन पर पड़ा है। मंजीत सीने पर चढ़कर उसे गोली मार रहा है। वारदात की वजह रैगिंग विवाद और वर्चस्व से जोड़ी जा रही है। मंजीत जहां क्रिमिनल माइंड का है, वहीं सूर्य पढ़ने में होशियार था। तीन महीने से दोनों के बीच झगड़ा चल रहा था। शुक्रवार को प्रिंसिपल ने दोनों को अपने ऑफिस में बुलाया था। वहां भी दोनों में बहस हो गई। इस दौरान सूर्य प्रताप ने उसे देख लेने की बात कह दी। यह धमकी मंजीत को नागवार गुजरी। थोड़ी देर बाद हत्या कर दी। अब जानिए पूरा मामला… 20 दिन बाद शुक्रवार को कॉलेज पहुंचा था छात्र छात्र सूर्य प्रताप सिंह के पिता ऋषि देव सिंह अतुलानंद स्कूल में ड्राइवर हैं। उनकी मां किरण सिंह अतुलानंद स्कूल में सहायिका हैं। सूर्य की दो बहनें हैं, एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी बहन अभी पढ़ रही है। सूर्य प्रताप को 20 दिन पहले चेचक निकल आई थी। इसके चलते वह कॉलेज नहीं आ रहा था। ठीक होने के बाद वह 20 मार्च को ही कॉलेज पहुंचा था। तभी उसकी हत्या कर दी गई। क्राइम सीन और बाद का घटनाक्रम… सुबह के 11 बज रहे थे। छात्र अपनी-अपनी क्लास में पढ़ाई कर रहे थे। तभी कॉलेज परिसर में बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बीए सेकेंड ईयर के छात्र मंजीत सिंह चौहान ने प्रिसिंपल और छात्रों के सामने फिल्मी स्टाइल में गोली मारी। एक छात्र ने लाइव वारदात का वीडियो रिकॉर्ड किया। हत्या के बाद आरोपी पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। इसके बाद सभी के सामने एक सवाल था- मंजीत ने सूर्य को क्यों मार डाला? बताया गया कि हॉस्टल में सूर्य सीनियर छात्रों को बुलाता था। जूनियर छात्रों की रैगिंग करता था। मंजीत ने इसकी शिकायत प्रिंसिपल से की थी। प्रिंसिपल ने दोनों को तलब किया था। शुक्रवार को मंजीत और सूर्य के बीच प्रिंसिपल से मिलने के बाद विवाद हुआ। जिसमें मंजीत ने अपनी शर्ट की बांहें चढ़ा लीं, इस पर सूर्य ने गाली-गलौज करते हुए मंजीत का कॉलर पकड़ लिया। उस वक्त दोस्तों ने बीच-बचाव करा दिया। मंजीत अपने घर चला गया। वहां से एक साथी के साथ वह पिस्टल लेकर कॉलेज आया। अपनी पल्सर गाड़ी कॉलेज के बाहर गेट के पास खड़ी कर दी। फिर कला संकाय के बरामदे में सूर्य को देखते ही उस पर फायरिंग कर दी। वह गिर पड़ा, फिर भी उस पर पिस्टल से गोली चलाता रहा। 12 फीट ऊंचाई से कूदने पर टूटा मंजीत का पैर हत्या के बाद मंजीत को लगा कि गेट से भागने पर उसे पकड़ लिया जाएगा, इससे बचने के लिए वह छत से कूद गया। करीब 12 फिट ऊंचाई से कूदने पर उसका एक पैर टूट गया। उसकी बाइक गेट पर खड़ी थी, लेकिन खुद को घिरता देखकर वह टूटे पैर से ही आगे एयरपोर्ट रोड की ओर भागा। एक ई-रिक्शा से लिफ्ट लेकर गिलट बाजार चौराहे पहुंचा और फिर फोन बंद कर लिया। इसके बाद सूनसान जगह पर पहुंचकर इलाज कराने का प्रयास किया। पैर टूटने के बाद वह शहर के बाहर भाग नहीं सकता था। उधर, परिजनों पर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का दबाव बनाया। गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा किया वारदात के बाद गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर में हंगामा कर दिया। कैंपस के अंदर कुर्सियां तोड़ दीं। करीब 4 घंटे बाद पुलिस ने कॉलेज का गेट खुलवाया। घेरा बनाकर कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों को बाहर निकाला गया। छात्रों के पथराव में तीन प्रोफेसर घायल हो गए। पुलिस ने लाठी फटकार कर प्रदर्शनकारी छात्रों को भगाया। इधर, मां-पिता अपने इकलौते बेटे की लाश देखकर बेहोश हो गए। अब जानिए सूर्य प्रताप सिंह के बारे में… 21 साल का सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर जिले का रहने वाला था। 8वीं तक पढ़ाई उसने गाजीपुर से ही की। यूपी कॉलेज में वह 9वीं से पढ़ने आया था। तब से वह यहीं पढ़ाई कर रहा था। सूर्य प्रताप सिंह पढ़ने में बहुत होनहार था। यूपी कॉलेज से ही PCM से 12वीं की परीक्षा फर्स्ट डिवीजन से पास की थी। फिर यहीं BSC मैथ में एंट्रेंस परीक्षा पास कर एडमिशन लिया। साथी छात्रों ने बताया, सूर्य प्रताप सिंह बेहद मिलनसार था। वह खुद को पढ़ाई में व्यस्त रखता था। BSC के बाद वह यहीं से MSC मैथ्स से रिसर्च करना चाहता था। एकेडमिक में जाने का उसका सपना था। छात्र सूर्य प्रताप सिंह के पिता ऋषि देव सिंह लखनऊ में ट्रैवल एजेंसी के ड्राइवर हैं। उसकी मां किरण सिंह एक स्कूल में सहायिका के रूप में कार्यरत हैं। छात्र की दो बहनें हैं, एक की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी अविवाहित है। सूर्य प्रताप को 20 दिन पहले चेचक निकल आई थी, जिसके चलते वह कॉलेज नहीं आ रहा था। ठीक होने के बाद वह आज ही कॉलेज पहुंचा था। आरोपी मंजीत चौहान पर दर्ज है केस आरोपी छात्र मंजीत चौहान BA सेकेंड ईयर का छात्र है। मंजीत वाराणसी के ही चांदमारी का रहने वाला है। उस पर पहले भी शिवपुर थाने में 323 का मुकदमा दर्ज था, जबकि उसके साथी अनुज पर भी कई मुकदमे दर्ज हैं। बात-बात में मारपीट करने वाला मंजीत चौहान मनबढ़ प्रवृत्ति का है। सोशल मीडिया पर उसकी बैड बॉय की इमेज है। इंस्टाग्राम पर खुद को माफिया बताता है। मंजीत चौहान भोजूबीर, शिवपुर और बड़ा लालपुर जैसे लोकल थानों में भी चर्चित है। सोशल मीडियां पर 1818 गैंग चलाता है। उसने इंस्टाग्राम के बॉयो में लिखा है- आपका सम्मान तभी तक है, जब तक मेरे स्वाभिमान को ठेस न पहुंचे। जय मां भवानी। -------------------- ये खबर भी पढ़िए- BSC छात्र के हत्यारोपी को टांगकर कोर्ट ले गई पुलिस: काशी में दौड़ाया तो लड़खड़ाकर गिरा; एडीएम से भिड़े स्टूडेंट वाराणसी के यूपी कॉलेज में छात्र के हत्यारोपी को शनिवार शाम कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस को आशंका थी कि वकील और छात्र मंजीत की पिटाई कर सकते हैं। इसलिए पुलिस ने मंजीत को दौड़ाने की कोशिश की, लेकिन पैर टूटा होने की वजह से वह लड़खड़ा गया। इस पर पुलिसकर्मी उसे टांगकर कोर्ट रूम में ले गए। मंजीत को सीजेएम ने 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। पुलिस ने छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या करने वाले मंजीत को शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। हालांकि, मंजीत का साथ देने वाला उसका साथी अनुज सिंह अभी फरार है। पढ़ें पूरी खबर…
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