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    यूपी में बिक रहा मिलावटी तेल, 38 कंपनियों को नोटिस:6 करोड़ का सरसों का तेल जब्त; खाने से हो सकती है दिल की बीमारी

    2 hours ago

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    यूपी में खाने के तेल में बड़े पैमाने पर मिलावट हो रही है। सरसों के तेल में घटिया तेल मिलाया जा रहा है। रंग और झाग के लिए केमिकल मिलाकर बनाया और बेचा जा रहा। इसका खुलासा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग (FSDA) की कार्रवाई में हुआ है। FSDA की जांच के दौरान कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए। उन्नाव और मुजफ्फरनगर में FIR दर्ज की गई है। 38 तेल कंपनियों और फर्मों को नोटिस जारी किया गया है। क्यों कार्रवाई यह हुई? किस तरह की मिलावट या कमियां मिलीं? अभियान के दौरान कितनी फर्म की जांच की गई? कितना तेल जब्त किया गया? कितनी FIR हुईं? पढ़िए इस रिपोर्ट में… यूपी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की आयुक्त रोशन जैकब ने होली और रमजान को लेकर पूरे प्रदेश में खाने की सामग्री को लेकर एक बड़ा अभियान चलाया। पहले पानी और फिर तेल का कारोबार करने वाली यूनिटों की जांच की गई। इसमें बड़े पैमाने पर खामियां पाई गईं। दूसरे जिलों की टीमों से कराई गई जांच संयुक्त खाद्य आयुक्त हरिशंकर सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया- कमिश्नर रोशन जैकब के निर्देश पर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया। इसके लिए एक जिले की टीम को दूसरे जिलों में भेज कर जांच कराई गई। कुल 66 यूनिट पर FSDA की टीम पहुंची, जिनमें से 8 बंद मिलीं। 58 पर कार्रवाई की गई, जहां से 231 सैंपल कलेक्ट किए गए। 4 लाख 32 हजार लीटर तेल जब्त किया गया, जिसकी वैल्यू साढ़े 6 करोड़ रुपए है। नाम सरसों का, बेच रहे राइस ब्रान ऑयल हरिशंकर सिंह ने बताया- सरसों का तेल महंगा आता है। कंपनियां अपने फायदे के लिए राइस ब्रान ऑयल (चावल की भूसी का तेल) बेच रही थीं। इसके लिए तेल की बोतल पर लगे फैक्ट्स को भी छिपाया गया था। इसी तरह पाम ऑयल (ताड़ का तेल) को राइस ऑयल बताकर बेचा जा रहा था। उन्नाव और मुजफ्फरनगर में तेल में रंग और एसेंस का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन दोनों जगहों पर लाइसेंस को निलंबित करते हुए स्थानीय थाने पर कंपनी के मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। 58 यूनिट की जांच में 38 में मिली कमियां हरिशंकर ने बताया- FSDA ने जिन 58 यूनिट की जांच की, उनमें से 38 यूनिट में कमियां पाई गईं। इन्हें नोटिस देकर सुधार करने को कहा गया है। सुधार न होने पर इनके लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे। जांच के दौरान जो मामले आए सामने, उनमें सस्ता पाम ऑयल या राइस ब्रान मिलाकर सरसों, सोयाबीन तेल के नाम पर बेचना शामिल है। साथ ही केमिकल कलर, आर्टिफिशियल फ्लेवर और आर्गेमोन ऑयल डालकर तेल को शुद्ध दिखाना, एक्सपायर्ड या गंदे तेल को नए लेबल चिपकाकर बाजार में उतारना और नकली ब्रांडिंग कर घटिया तेल को महंगे दाम पर बेचना भी शामिल है। इन मामलों में हुई FIR मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में काव्या ट्रेडिंग कंपनी से 11,750 लीटर सरसों तेल जब्त किया गया और FIR दर्ज की गई। इसी तरह उन्नाव के बांगरमऊ में 3,855 लीटर तेल जब्त करने के बाद संचालन बंद करा दिया। बड़े पैमाने पर मिलावट पाए जाने पर FIR भी दर्ज की गई है। गोरखपुर में पकड़ा गया एक्सपायर्ड सरसों का तेल गोरखपुर के सहजनवा क्षेत्र में जीआरएल एडिबल प्राइवेट लिमिटेड के कारखाने और गोदाम पर छापे मार कर 24 लाख का तेल पकड़ा गया। इसमें 10 लाख रुपए का एक्सपायरी सरसों तेल जब्त हुआ, जिसकी पुरानी डेट को नए स्टिकर से बदलकर 2026 की तारीख लगाई गई थी। 14 लाख के राधा रानी ब्रांड राइस ब्रान रिफाइंड ऑयल की बिक्री पर रोक लगाई गई। यहां नेपाल से 80 रुपए प्रति लीटर वाला सस्ता पाम ऑयल लाकर केमिकल मिलाकर सरसों तेल के नाम पर बेचा जा रहा था। यह 160 रुपए प्रति लीटर मिलता है। मिलावटी तेल को खाने से क्या नुकसान मिलावटी तेल से होने वाले नुकसान को लेकर हमने गोरखपुर जिला अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता से बात की। वह बताते हैं- सरसों के तेल में जब सस्ते ऑयल जैसे राइस ब्रान ऑयल, पाम ऑयल या अर्गेमोन तेल और केमिकल्स मिलाए जाते हैं, तो वह बेहद खतरनाक हो जाता है। कई मेडिकल रिसर्च में भी यह बात सामने आ चुकी है कि सरसों का मिलावटी तेल गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है। इसकी वजह से हार्ट डिजीज, लिवर डैमेज और ड्रॉप्सी जैसी खतरनाक बीमारियां होने का खतरा होता है। इसमें मौजूद हानिकारक पदार्थ जैसे अर्गेमोन ऑयल से शरीर को काफी नुकसान होता है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में बीमारी बांट रहा बोतलबंद पानी, जांच में 80% प्लांट फेल, 119 में मिले मल-मूत्र के बैक्टीरिया अगर आप बोतल बंद पानी के आदी हैं और उस पर भरोसा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। उत्तर प्रदेश में चल रही जिन वाटर बाटलिंग यूनिट की जांच की गई, उनमें से 80 प्रतिशत यूनिट मानकों पर खरी नहीं उतरीं। कहीं रख-रखाव में कमी मिली, तो कहीं पानी में माइक्रोज (बैक्टीरिया, वायरस, फंगस) में ग्रोथ पाई गई है। पढ़िए पूरी खबर…
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