Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    यूपी में फिर बनेगा PDM?:ओवैसी-पल्लवी पटेल के साथ चंद्रशेखर आजाद 2027 चुनाव से पहले 3 फ्रंट बना सकते हैं, जानकार बोले- PDA की चिंता बढ़ेगी

    4 hours ago

    1

    0

    कानपुर में 20 सितंबर को ओवैसी ने गठबंधन के लिए मंच से 2 अक्टूबर तक सपा को समय दिया। इसके बाद यूपी चुनाव के लिए गठबंधन का ऐलान किया। यूपी विधानसभा 2027 के चुनाव से पहले एक बार फिर PDM एलायंस बन सकता है? लोकसभा चुनाव 2024 में इस गठबंधन में AIMIM और अपना दल (कमेरावादी) के बीच गठबंधन हुआ था। लेकिन इस बार PDM के पिछड़ा, दलित और मुस्लिम समीकरण वाले गठबंधन में असदुद्दीन ओवैसी, पल्लवी पटेल के साथ आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद भी शामिल हो सकते हैं। ओवैसी का मंच से ऐलान और बनते राजनीतिक समीकरण कुछ इसी ओर इशारा कर रहे हैं। मंच से ओवैसी ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर हमला बोला और गठबंधन के लिए हाथ बढ़ाने के बाद अखिलेश यादव के मना करने की बात भी कही। इसी तरह चंद्रशेखर की पार्टी से भी सपा ने गठबंधन को लेकर बातचीत के बाद एलायंस करने से इनकार कर दिया था। यूपी में आने वाले दिनों में अगर इस तरह का PDM गठबंधन बनता है, तो समाजवादी पार्टी के PDA पर भी इसका असर पड़ सकता है। जिसका असर सपा के 2027 चुनावी खेल को प्रभावित कर सकता है। पहले समझते हैं यूपी में दलित, मुस्लिम और पिछड़ा वोटरों का आंकड़ा यूपी में सबसे ज्यादा वोटरों की हिस्सेदारी की बात की जाए तो यहां OBC वोटर सबसे ज्यादा हैं। लगभग 45 से 50 प्रतिशत OBC वोटर हैं, जो किसी भी चुनाव में सबसे बड़ा निर्णायक वोटर समूह माना जाता है। दूसरे नंबर पर करीब 21 प्रतिशत दलित वोटर हैं, जिनकी भूमिका भी अहम रहती है। इसी तरह यूपी में लगभग 19 प्रतिशत मुस्लिम वोटर हैं। मुस्लिम वोटर सियासी दलों के लिए इसलिए अहम हो जाते हैं, क्योंकि एक तरफा वोटिंग की स्थिति में यह किसी पार्टी के लिए जीत का कारण बन सकती है। पढ़िए, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रदेश अध्यक्ष ने जो कहा सपा के PDA को लेकर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि अखिलेश का PDA 'परिवार डेवलपमेंट एजेंसी' है। सपा को यूपी में मुसलमानों ने झोली भर-भरकर वोट दिया है, लेकिन मुसलमान मुख्यधारा से कटा हुआ है। जो पहले की सरकारें यूपी में रहीं, उन्होंने भी कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी चाहती है कि एक मजबूत गठबंधन बने, जिससे बीजेपी को रोका जा सके, क्योंकि बीजेपी की सरकार बनने पर सबसे ज्यादा नुकसान मुसलमानों का होता है। हम यूपी में चाहते थे कि सपा से हमारा गठबंधन हो, लेकिन सपा ने हमारे लिए दरवाजे बंद कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में एक थर्ड फ्रंट जरूर बनेगा, जो मजबूती से चुनाव में सामने आएगा। अब पढ़िए, आजाद समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य ने क्या कहा आजाद समाज पार्टी के संस्थापक सदस्य और भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष कौशल वाल्मीकि ने बताया कि प्रदेश में पहले भी सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सपा से गठबंधन के लिए प्रस्ताव रखा था, लेकिन गठबंधन नहीं हुआ था। अब नया फ्रंट बनता है तो उसमें शामिल होने का फैसला सांसद चंद्रशेखर आजाद ही लेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई नया एलायंस बनता है, जो बीजेपी को हरा सकता है, तो उसके साथ शामिल होने में परहेज नहीं। कौशल वाल्मीकि ने कहा कि सपा PDA को लेकर स्वयं ही फंस गई है। सपा खुद तय नहीं कर पा रही है कि P का क्या मतलब है, D का क्या मतलब है और A का क्या मतलब है। बार-बार इनके अर्थ बदले जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश छोटे दलों के साथ गठबंधन इसलिए नहीं करते, क्योंकि उन्हें लगता है कि कहीं वे आगे न बढ़ जाएं। पल्लवी पटेल का क्या है रुख? अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पल्लवी पटेल से बात करने की कोशिश की गई। उनके सामने सवाल रखा गया कि क्या वह गठबंधन में शामिल होंगी। इस पर उन्होंने विचार कर फैसला लेने की बात कही। हालांकि, लोकसभा चुनाव 2024 में अपना दल कमेरावादी PDM गठबंधन में शामिल हुई थीं। अब आने वाले दिनों में देखना होगा कि पल्लवी पटेल इसपर क्या रुख अपनाती हैं। वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकार और जानकार ने यूपी में PDM को लेकर क्या कहा? वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकार और जानकार पंकज प्रसून त्रिपाठी ने कहा कि ओवैसी एक ऐसा चेहरा हैं, जो केवल मुस्लिम वोटों को अपनी तरफ करने के लिए जाने जाते हैं। इसलिए जो भी तीसरा फ्रंट बनेगा, उसमें ओवैसी की पार्टी की मौजूदगी मुस्लिम वोटों को खींचने का काम कर सकती है। इसी तरह नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ युवा दलित तेजी से जुड़ा है। इसके अलावा जो दलित वोटर बीजेपी या फिर बसपा यानी मायावती के साथ है, वह उनका कोर वोटर है। यूपी में दलित युवाओं की नई लॉबी चंद्रशेखर आजाद के साथ नजर आती है। ऐसे में सपा को मिलने वाले मुस्लिम वोटों का कुछ प्रतिशत छिटक सकता है। इसके अलावा यूपी में तीसरा फ्रंट भी बन सकता है। पंकज प्रसून त्रिपाठी के मुताबिक, अखिलेश ने ओवैसी को मना किया है, क्योंकि वह कांग्रेस के साथ गठबंधन में रहेंगे। ऐसे में इस PDM से अगर किसी का नुकसान होता है, तो वह सिर्फ सपा को ही होता नजर आ रहा है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    युवक से थाने ले जाकर 5 लाख की रंगदारी मांगी:हथियार पकड़ाकर बनाया वीडियो, 1.05 लाख नकद वसूलने की शिकायत
    Next Article
    ताजमहल आए अमेरिकी दंपती का डॉलरों से भरा पर्स चुराया:दो बच्चों पर पैसे लेकर भागने का आरोप, CCTV में हुए कैद, पुलिस तलाश में जुटी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment