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    10 बेड के रजिस्ट्रेशन पर चल रहा बड़ा सेटअप:बिना लाइसेंस पैथोलॉजी और एक्स-रे, अलग-अलग बिल्डिंग में भर्ती मरीज; CMO बोले- जांच कराएंगे

    2 hours ago

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    सिद्धार्थनगर जिले में स्वास्थ्य मानकों का खुला उल्लंघन सामने आया है। नौगढ़ तहसील के मोहाना चौराहा स्थित मोगीस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक विभागीय रिकॉर्ड में केवल 10 बेड का पंजीकृत है, जबकि जमीनी हकीकत में यह तीन अलग-अलग इमारतों में संचालित हो रहा है। पड़ताल में पाया गया कि तीनों इमारतें आपस में सटी हुई हैं और एक ही नाम से पूरे अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। तीनों जगह बेड लगे मिले और लगभग हर बेड पर मरीज भर्ती थे, जो विभाग में दर्ज 10 बेड की क्षमता से कई गुना अधिक है। बिना लाइसेंस चल रही जांच सेवाएं अस्पताल में संचालित पैथोलॉजी और एक्स-रे के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला। इसके बावजूद मरीजों की जांच की जा रही है और उनसे शुल्क वसूला जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार बिना मानक और अनुमति के ऐसी जांचें मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। डमी मरीज भेजकर देखी हकीकत पड़ताल के दौरान एक डमी मरीज को खांसी और बलगम की शिकायत के साथ भेजा गया। तुरंत पैथोलॉजी जांच और एक्स-रे लिख दिया गया। रिपोर्ट के बाद इंजेक्शन और दवा देने की सलाह दी गई। यह पूरा प्रक्रिया बिना किसी मानक प्रोटोकॉल और इलाज करने वाले व्यक्ति की योग्यता स्पष्ट किए बिना की गई। बिना डिग्री वाले कर रहे इलाज का आरोप जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोग मरीजों को देख रहे थे, दवा लिख रहे थे और इंजेक्शन लगा रहे थे, जिनकी मेडिकल योग्यता स्पष्ट नहीं थी। चिकित्सा मानकों के अनुसार बिना प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा इलाज करने से एलर्जी, संक्रमण, गलत डोज और गंभीर जटिलताओं का खतरा रहता है। गलत जांच से गलत इलाज का खतरा विशेषज्ञ बताते हैं कि गलत पैथोलॉजी रिपोर्ट से बीमारी की पहचान ही गलत हो सकती है। अनियंत्रित एक्स-रे से रेडिएशन जोखिम बढ़ता है। गलत निदान से मरीज की स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसी स्थिति में इलाज की पूरी प्रक्रिया ही संदिग्ध हो जाती है। क्षमता से कई गुना अधिक संचालन तीनों इमारतों में भर्ती मरीजों की संख्या यह संकेत देती है कि अस्पताल पंजीकरण क्षमता से कहीं अधिक विस्तार कर चुका है। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीज सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी दर्शाता है। जिले में और भी जगहों पर ऐसे संचालन की आशंका स्थानीय स्तर पर यह मामला अकेला नहीं माना जा रहा। कई कस्बों और चौराहों पर इसी तरह बिना मानक अस्पताल, पैथोलॉजी और जांच केंद्र संचालित होने की चर्चा है, जहां निरीक्षण और नियमन की कमी साफ दिखाई देती है। CMO बोले- जांच कराएंगे मामले में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि “जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
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