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    14 दिन बाद नवयौवन स्वरूप में दिखे भगवान जगन्नाथ:शंखध्वनि के बीच खुले कपाट, उमड़े श्रद्धालु; 16 जुलाई को रथयात्रा निकलेगी

    1 day ago

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    14 दिन के विश्राम (अनवसर) के बाद मंगलवार को शहर के श्रीजगन्नाथ मंदिरों में भगवान श्रीजगन्नाथ ने बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। कमला नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में शंखध्वनि के बीच जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर "हरे राम, हरे कृष्ण" और "हरि बोल" के जयघोष से गूंज उठा। यमुना किनारा स्थित प्राचीन श्रीजगन्नाथ मंदिर में महा हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नयन उत्सव का शुभारंभ हुआ। दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। कमला नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान का कमल, बेला और मोगरा के फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया। तुलसी की माला और पारंपरिक आभूषणों से सजे भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालु सुबह से ही मंदिर पहुंचने लगे थे। कपाट खुलने से पहले श्रद्धालु कीर्तन करते रहे। आरती के दौरान पूरा मंदिर भक्ति में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने "गीत गोविंद" और "जगन्नाथ अष्टकम" का गायन करते हुए भजन-कीर्तन किया। इस्कॉन आगरा के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने बताया कि भगवान के स्वास्थ्य लाभ के बाद हल्का श्रृंगार कर विधिवत आरती की गई। मंदिर की रसोई में 56 प्रकार के चावल तैयार किए गए, जिनमें गुड़, गन्ने के रस, मीठे और नमकीन चावल शामिल रहे। वहीं श्रद्धालु अपने घरों से भी कचौड़ी, पूरी, मठरी, पराठे, ढोकला, सब्जियां और मिठाइयां मिट्टी के पात्रों में बनाकर भगवान को अर्पित करने पहुंचे। यमुना किनारा स्थित प्राचीन श्रीजगन्नाथ जी महाराज मंदिर में महा हवन के साथ नयन उत्सव की शुरुआत हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति दी और विश्व कल्याण की कामना की। इसके बाद भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के नवयौवन स्वरूप के दर्शन कराए गए। मंदिर के सेवायत पंडित लक्ष्मण शर्मा ने बताया कि स्नान यात्रा के बाद भगवान एकांत विश्राम में रहते हैं और इसके बाद होने वाले प्रथम दर्शन को नवयौवन दर्शन कहा जाता है। मंदिर की मुखिया सरिता शर्मा ने बताया कि इस पर्व को नयन उत्सव इसलिए कहा जाता है क्योंकि लंबे अंतराल के बाद भक्त अपने आराध्य के दर्शन करते हैं। 16 जुलाई को निकलेगी रथयात्रा कमला नगर स्थित इस्कॉन मंदिर से 16 जुलाई को दोपहर 2 बजे बल्केश्वर महादेव मंदिर से श्रीजगन्नाथ रथयात्रा निकलेगी, जो शाम करीब 8 बजे कमला नगर मंदिर पहुंचेगी। वहीं यमुना किनारा स्थित प्राचीन मंदिर में भी 16 जुलाई को शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक शोभायात्रा निकलेगी और शाम 7 बजे से महाप्रसादी का वितरण होगा। इससे पहले 15 जुलाई को इस्कॉन मंदिर में शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक छप्पन भोग के दर्शन कराए जाएंगे।
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