Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    20 वर्षीय मितांश बने माइनर लीग के सबसे युवा शतकवीर:छह महीने की उम्र में अमेरिका शिफ्ट हुआ था परिवार; भुवी-प्रसिद्ध के साथ खेल चुके

    2 hours ago

    1

    0

    अमेरिका की माइनर लीग क्रिकेट में मुंबई में जन्मे 20 वर्षीय मितांश नित्यानंदम ने इतिहास रच दिया है। मितांश इस टी20 लीग के इतिहास में शतक जड़ने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने शिकागो किंग्समेन के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ महज 68 गेंदों पर 114 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस ऐतिहासिक पारी में सात छक्के और आठ चौके शामिल रहे। यह शतक इसलिए भी खास है क्योंकि ठीक एक दिन पहले वह मैच की पहली ही गेंद पर एक आसान फुल टॉस पर शून्य पर आउट हो गए थे। लेकिन अगले ही दिन अपनी गलती से सीखते हुए उन्होंने यह कीर्तिमान स्थापित कर दिया। मितांश की इस सफलता के पीछे मुंबई में बिताए उनके कड़े संघर्ष का बड़ा हाथ है। उनका जन्म मुंबई में हुआ था, लेकिन महज छह महीने की उम्र में ही उनका परिवार अमेरिका शिफ्ट हो गया था। अमेरिका में साल भर क्रिकेट ट्रेनिंग का ढांचा न होने के कारण मितांश ने हाई स्कूल के बाद कॉलेज जाने के बजाय एक बड़ा जोखिम लिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई एक साल के लिए टाली और क्रिकेट की बारीकियां सीखने के लिए अकेले मुंबई के चेंबूर आकर आठ महीने बिताए। मुंबई में अचीवर्स क्रिकेट अकादमी और कोच सुबू की मदद से उन्होंने खुद को निखारा। 15 मैचों तक बेंच पर बैठने के बाद उन्हें डीवाई पाटिल क्लब की तरफ से खेलने का मौका मिला। क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया के खिलाफ उन्होंने 30 गेंदों पर चार छक्कों की मदद से 41 रन बनाकर अपनी जगह पक्की की। इसके बाद उन्होंने टाइम्स शील्ड ए डिवीजन और प्रतिष्ठित डीवाई पाटिल टी-20 कप (जिसे आईपीएल का ऑडिशन माना जाता है) में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भुवनेश्वर कुमार, प्रसिद्ध कृष्णा, यश ढुल और प्रियम गर्ग जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया और उनसे दबाव में खेलना सीखा। मुंबई की लाल मिट्टी वाली पिचों पर खेलते हुए मितांश ने स्पिन के खिलाफ अपनी तकनीक मजबूत की। उन्होंने यहीं स्वीप और रिवर्स-स्वीप जैसे शॉट खेलने सीखे, जो अमेरिका में उनके गेम का हिस्सा नहीं थे। शिकागो के खिलाफ अपने ऐतिहासिक शतक के दौरान उन्होंने करीब 40 रन इन्हीं स्वीप शॉट्स की मदद से बनाए। मितांश के पिता भारतीय टीम के कट्टर समर्थक हैं और बचपन में मितांश उनके साथ सुबह 4 बजे उठकर भारत के मैच देखते थे। मितांश का टैलेंट देखकर लीग ने नजरअंदाज कर दिए उम्र के नियम 2021 में शिकागो में एक अभ्यास मैच के दौरान शिकागो ब्लास्टर्स के तत्कालीन कप्तान अशर मेहदी ने 15 वर्षीय मितांश को पहली दो गेंदों पर छक्के जड़ते देखा था। तब उम्र कम होने के कारण उन्हें खेलने के लिए विशेष अनुमति दिलवाई गई क्योंकि लीग नियमों के अनुसार खिलाड़ी का 16 साल का होना जरूरी था। इससे मितांश लीग के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। इसके बाद 17 साल की उम्र में वह लीग के सबसे युवा अर्धशतकवीर बने और अब 20 साल की उम्र में सबसे युवा शतकवीर बनने का रिकॉर्ड भी उनके नाम हो गया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    टी-20 रैंकिंग में श्रेयस अय्यर को 7 स्थान का फायदा:सिकंदर रजा वनडे ऑलराउंडर रैंकिंग में नंबर-1 के करीब, 5 पायदान चढ़े
    Next Article
    ईशान किशन के और करीब पहुंचे अभिषेक शर्मा, आईसीसी रैंकिंग में हैरी ब्रूक और जॉस बटलर का आया तूफान

    Related स्पोर्ट्स Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment