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    250 करोड़ की ठगी के सरगना की अय्याशी-VIDEO:दुबई के डिस्को में रशियन पर उड़ाए नोट, अकाउंट फ्रीज होने पर खुद भरता था पैसा

    9 hours ago

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    कानपुर में 250 करोड़ के साइबर फ्रॉड के मामले में राजवीर सिंह और शिवम सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टर माइंड अभय शुक्ला उर्फ सुल्तान मिर्जा उर्फ वेलेंटाइन दुबई के पब में रशियन पर ठगी से कमाई रकम उड़ाता था। जेल गए आरोपी शिवम सिन्हा के मोबाइल डाटा रिकवर में पुलिस के हाथ दो वीडियो लगे हैं, जिसमें वह डिस्को में बार बाला के साथ झूमते हुए उनपर नोटों की बरसात करता हुआ दिख रहा है। पुलिस की अब तक की जांच में अभय के देश छोड़ने की बात सामने आ रही है। पहले देखिए गैंग के सरगना का अय्याशी की तस्वीरें… 2021 में कॉलेज में हुई थी शिवम से दोस्ती एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि 250 करोड़ की ठगी के मामले में अरेस्ट बर्रा निवासी राजवीर सिंह व मूलरूप से बिहार के सासाराम व मौजूदा समय में रतनलाल नगर निवासी शिवम सिन्हा को अरेस्ट किया था। पीएसआईटी से बैचलर ऑफ टूरिज्म की पढ़ाई करने वाले शिवम सिन्हा ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना गोविंद नगर निवासी अभय शुक्ला है। अभय शुक्ला से उसकी मुलाकात वर्ष 2021 में कॉलेज में हुई थी। अभय भी पीएसआईटी कॉलेज से बीटेक कर रहा था। अभय ने आसानी से पैसे कमाने का बात कहकर उसे साइबर फ्रॉड के गोरखधंधे में शामिल कर लिया था, इसके बाद पैसों की भरमार लग गई। इस पर शिवम ने गोविंद नगर में कपड़ों का शोरूम खोला, बिहार के सासाराम स्थित गांव में दो करोड़ का गेस्ट हाउस बनवाया। इसके साथ ही वीआईपी नंबर वाली क्रेटा, आई–20 कार व हंटर बाइक खरीदी। शिवम ने बताया कि वह 2022 व 2024 में दुबई और बैंकॉक भी अय्याशी करने गया था। 2024 में वह अभय शुक्ला के साथ दुबई गया था। शिवम ने बताया कि दुबई के एक आलीशान पब में उसने अभय के साथ महंगी शराब पी, फिर नशे में धुत अभय डिस्कोथेक पहुंचा, जहां उसने स्टेज पर झूम रही रसियन के साथ डांस किया और उसपर करीब 2 लाख रुपए उड़ाए, जिसका उसने वीडियो भी बनाया था। पुलिस ने शिवम की बतायी गई बातों की हकीकत परखने के लिए उसका मोबाइल खंगाला तो वह खाली निकला। साइबर सेल की टीम ने डाटा रिकवर किया तो उसमें पुलिस के हाथ एक मिनट 12 सेकेंड व 14 सेकेंड के वीडियो हाथ लगे, जिसमें वह रसियन के साथ अय्याशी करता दिख रहा है। अब पढ़िए पुलिस के हाथ लगे वीडियो में क्या है एक मिनट 12 सेकेंड के वीडियो में अभय डिस्कोथेक में एक बने एक रिंगनुमा बने स्टेज पर बॉलीवुड सांग पर एक दो रसियन डांसर थिरकती दिख रही है, जिसमें से एक डांसर के साथ चश्मा लगाकर अभय शुक्ला डांस करता दिख रहा है। अभय के हाथ में नोटों की गडि्डयां है और रसियन के हर स्टेप पर नोटों की बरसात करता दिख रहा है। वीडियो में पूरा स्टेज नोटों से पटा हुआ दिखाई दे रहा है। अभय शुक्ला के साथ एक अन्य युवक भी झूम रहा है। इसके बाद डिस्कोथेक में मशहूर बॉलीवुड सांग शरारा…शरारा… बजते ही अभय बिंदास अंदाज से रसियन डांसर पर नोट उड़ाता दिख रहा है। फ्रॉड की रकम सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी अभय की थी पुलिस की पूछताछ में शिवम सिन्हा ने बताया कि गैंग के पास जितने भी म्यूल के लिए खाते थे, उनका हैंडलर अभय शुक्ला ही था। जबकि उसका काम पैसों की डिलीवरी का जिम्मा था। शिवम ने बताया कि खातों में गेमिंग एप, बेटिंग एप, इंवेस्टमेंट फ्रॉड से आयी रकम का 60 प्रतिशत हिस्सा अभय रखता था, जबकि 40 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित कैश भिजवाने का जिम्मा अभय का ही था। शिवम ने बताया कि सुबह 9 से शाम 6 बजे तक ही कैश और ऑनलाइन पेमेंट की डिलीवरी की जाती थी। कैश सही समय पर न पहुंचने पर रकम का 5 से 10 गुना जुर्माना अभय पर लगता था। पुलिस ने जब शिवम से पूछा कि आखिर ठगी की रकम में 60 प्रतिशत का हिस्सा अभय क्यो रखता था ? इस पर उसने बताया कि पूरे कानपुर में रकम को सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी अभय ने उसे दे रखी थी। उसके पास प्रतिदिन पांच लाख रुपए तक की रकम खाते से निकालने का एक्सेस था। ठगी की रकम खाते में आने के बाद कई बार पीड़ित 1930 पर कॉल कर देता था, जिस पर पुलिस अकाउंट फ्रीज करा देती थी। इसलिए खाते में आयी रकम को सुरक्षित साइबर ठगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अभय की होती थी। अगर खाते में रकम आने के बाद पुलिस अकाउंट फ्रीज भी करा देती तो रकम का 40 प्रतिशत हिस्सा अभय को 10 दिनों के भीतर ठगों तक पहुंचाना पड़ता था। इसलिए रकम का 60 प्रतिशत हिस्सा अभय रखता था। एक साल से नहीं मिली लोकेशन वहीं मामले में बर्रा इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभय के खिलाफ अक्टूबर 2025 में 100 करोड़ की ठगी का पहला मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद अभय की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई थी, लेकिन उसने कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल कर ली थी। इसके बाद अभय ने शहर छोड़ दिया था। काफी प्रयास के बावजूद पिछले एक साल से उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। जानकारी के मुताबिक 125 करोड़ के मामले में बैंककर्मियों के जेल जाने के बाद अभय के नेपाल और दुबई में छिपे होने की जानकारी सामने आ रही है। पूछताछ में शिवम ने अभय के दुबई में होने की जानकारी दी है। पासपोर्ट का लुक आउट सर्कुलर जारी होगा मामले में डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि अभय की गिरफ्तारी के लिए उसके पासपोर्ट की जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही अभय, राजवीर व शिवम सिन्हा के आधार कार्ड की 360 डिग्री पर जांच कराई जा रही है, जिससे आरोपियों की संपत्ति के बारे में पता लगाया जा रहा है। जल्द ही अभय के पासपोर्ट का LOC (लुक आउट सर्कुलर) जारी किया जाएगा।
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