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    50 की उम्र में बार-बार टॉयलेट जाना कैंसर का लक्षण:कानपुर में एक्सपर्ट बोले- झोलछाप डॉक्टर से इलाज कराना नुकसानदेह

    1 hour ago

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    अगर आप भी स्वाद के चक्कर में बाजार के जंक और फास्ट फूड पर निर्भर हैं, तो सावधान हो जाइए। कानपुर के बाजार में बिकने वाला चटपटा खाना न केवल बीपी, शुगर और मोटापा बढ़ा रहा है, बल्कि यह बड़ी आंत के कैंसर (कोलोरेक्टल कैंसर) का भी बड़ा कारण बन रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले 10 सालों में आंत के कैंसर के मामलों में करीब 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है, जो एक चिंताजनक संकेत है। पाइल्स समझने की गलती पड़ सकती है भारी अक्सर लोग मल के साथ खून आने या मोशन की समस्या को साधारण 'पाइल्स' (बवासीर) मान लेते हैं। जानकारी के अभाव में लोग विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाने के बजाय झोलाछाप से इलाज शुरू कर देते हैं। यही लापरवाही बीमारी को और अधिक गंभीर बना देती है। स्थिति तब भयावह हो जाती है जब मरीज अस्पताल पहुंचता है और पता चलता है कि कैंसर आखिरी स्टेज पर है। विशेष रूप से महिलाओं में संकोच के कारण यह बीमारी और भी घातक हो रही है क्योंकि वे अक्सर शुरुआती लक्षणों को छिपाती हैं। इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज अगर आपकी उम्र 45 से 50 साल के बीच है, तो शरीर में होने वाले बदलावों पर पैनी नजर रखना जरूरी है। बिना किसी कारण शरीर में हीमोग्लोबिन या खून की कमी होना, शौच के दौरान ब्लीडिंग होना या दिन में कई बार टॉयलेट जाने जैसी समस्याओं को अनदेखा करना भारी पड़ सकता है। ये सभी बड़ी आंत में होने वाली गड़बड़ी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। फास्ट फूड और शरीर में बढ़ती सूजन फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड में वसा, चीनी और सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। यह घातक कॉम्बिनेशन शरीर के भीतर अंदरूनी सूजन पैदा करता है, जो धीरे-धीरे बड़ी आंत को नुकसान पहुँचाती है। खाने में फाइबर की कमी और इंसुलिन के बिगड़ते स्तर के कारण आंतों में गांठ बनने का खतरा बढ़ जाता है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेती है। खान-पान में बुरा बैक्टीरिया बढ़ने से आंतों की सेहत बिगड़ रही है।
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