Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    5000 मिसाइलें...अमेरिका के हथियार खत्म? बुलाई बैठक, पूरी दुनिया हैरान!

    3 hours from now

    1

    0

    ईरान, अमेरिका, इजराइल युद्ध का आज पांचवा दिन है। दोनों तरफ 5,000 से ज्यादा मिसाइलें दागी जा चुकी हैं। युद्ध के बीच अमेरिका ने हथियार प्रोडक्शन कंपनीज़ की बैठक बुलाई। दावा यह कि अमेरिका के पास हथियारों की कमी है। अगर युद्ध लंबा खींचा तो क्या होगा? ट्रंप हथियारों का प्रोडक्शन करने वाली अमेरिकी कंपनियों से मीटिंग का प्लान बना रहे हैं। ईरान से युद्ध ट्रंप को भारी पड़ने लगा है। खुद को महाशक्ति कहने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के दिल की धड़कनें बढ़ गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में ₹6,900 करोड़ स्वाहा हो गया है। ईरान पर हमले से पहले तैयारियों पर पहले ही ₹5,500 करोड़ खर्च हो चुका है। अगर युद्ध लंबा खिंचा तो ₹18 लाख करोड़ से ज्यादा खर्च हो सकता है। लेकिन ट्रंप पर अमेरिका के लिए पैसे की कमी या खर्च बड़ी समस्या नहीं है। परेशानी युद्ध लड़ने वाले हथियार और मिसाइलों की है। अमेरिका के हाईटेक पर घातक हथियार ही ट्रंप की ताकत है। इसे भी पढ़ें: अब Islamabad भी Iran के खिलाफ युद्ध में कूदा! पाकिस्तान-सऊदी का 'नाटो' पैक्ट एक्टिव, पाकिस्तानी विदेश मंत्री Ishaq Dar की सीधी चेतावनीईरान युद्ध में अमेरिका की यही ताकत कमजोरी बन गई है। दुनिया का दादा बनने वाले अमेरिका की हवा पानी टाइट हो गई है। अगर युद्ध लंबा खींचा तो अमेरिका को हथियारों की कमी का सामना करना पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के पास सिर्फ 10 दिनों तक लड़ने लायक हथियार, गोला बारूद और मिसाइल है। और जब से पेंटागन की इस सीक्रेट रिपोर्ट में हथियारों की कमी का खुलासा हुआ है, ट्रंप परेशान हो गए हैं। हथियार, गोला, बारूद और मिसाइलों के प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए ट्रंप ने रक्षा कंपनियों के अधिकारियों की बैठक बुलाई है। यह बैठक 6 मार्च को वाइट हाउस में होगी। इस बैठक में ट्रंप हथियारों के प्रोडक्शन में कैसे तेजी लाई जाए इसको लेकर बात करेंगे। जिस तरह से ईरान अमेरिका और इजराइल के हमलों का जवाब दे रहा है। खाली देशों में अमेरिकी बेस को टारगेट कर रहा है।इसे भी पढ़ें: Khamenei के उत्तराधिकारी पर सस्पेंस! Iran ने बेटे Mojtaba की नियुक्ति की खबरों को किया खारिजइससे ट्रंप परेशान हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका का सबसे हाईटेक इंटरसेप्टर थार की 25% कमी हो गई। जहाजों पर तैनात रडारों की भी कमी हो गई है। सबसे ज्यादा असर जीपीएस गाइडेड किट पर पड़ा है।  जिस तरह से ईरान अमेरिका के एंबेसी को निशाना बना रहा है। चुन चुन कर मार रहा है। कहीं हथियारों की कमी ट्रंप को भारी ना पड़ जाए। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Delhi Paharganj Fire | पहाड़गंज में खिलौना गोदाम में लगी भीषण आग, मलबे से बरामद हुए दो जले हुए शव
    Next Article
    US-Israel-Iran War | महायुद्ध का छठा दिन! ईरान का इजराइल पर भीषण मिसाइल हमला, हिंद महासागर से लेकर तुर्किये तक दहला इलाका

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment