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    आकाश बोले- अखिलेश-राहुल 50 साल के बूढ़े, इन्हें अंकल कहूंगा:भाजपा 110 रुपए में गन्ने का रस बेच रही; मायावती के भतीजे की 2 साल बाद रैली

    10 hours ago

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    बसपा सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने सोमवार को हाथरस में चुनावी रैली की। उन्होंने अखिलेश और राहुल गांधी को अंकल कहकर बुलाया। कहा- मैं 30 साल का हूं और अखिलेश जी 50 के। मैं 50 साल के वृद्ध को अंकल नहीं तो और क्या कहूंगा। हालांकि, अखिलेश की सही उम्र 53, जबकि राहुल की 56 साल है। आकाश ने कहा- राहुल अंकल एक किताब लेकर घूमते हैं। संविधान की बात करते हैं। अगर किताब पलट दी जाए तो पता चलेगा कि उसके पन्ने खाली हैं। वे संसद में संविधान की बात करते हैं, लेकिन जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां वही काम कर रहे, जो भाजपा यूपी में कर रही है। आकाश ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा- एथेनॉल पेट्रोल के नाम पर 110 रुपए में गन्ने का रस बेच रहे हैं। देश में बेकार एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे। भाजपा सांसद के भाई ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे बनवाया, क्या उसमें इन्हें भ्रष्टाचार की बू नहीं आ रही? यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक भी गड्ढा नहीं, यह मायावतीजी के शासन में बना था। आकाश ने पिछले साल 10 अक्टूबर को आखिरी बार लखनऊ में सभा की थी। चुनावी रैली की बात करें तो उन्होंने 2 साल 4 महीने बाद ये सभा की। अप्रैल, 2024 में सीतापुर में आकाश ने पार्टी लाइन से हटकर बयान दिया था। कहा था- भाजपा की सरकार बुलडोजर सरकार नहीं, बल्कि आतंकवादी सरकार है। आकाश पर मुकदमा हुआ। इसके बाद मायावती आकाश को उत्तराधिकारी पद के साथ नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया था। हालांकि, बाद में मायावती ने अपना फैसला वापस ले लिया था। आकाश आनंद की 4 बड़ी बातें पढ़िए- 1- भाजपा ने सिर्फ अपनी कमियां छिपाईं बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश ने कहा- यूपी में 2017 से भाजपा की सरकार है। इतने सालों में इन्होंने सिर्फ अपनी कमियां छिपाने का काम किया। आपके 7 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा टैक्स के पैसों से भाजपा ने सिर्फ अपना प्रचार किया। इन पैसों से भाजपा ने अपनी कमियां छिपाईं। झांसी के अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत हो गई। उनके लिए इनके पास अफसोस करने के अलावा और कुछ नहीं है। ये 7000 करोड़ से अपनी कमियां छिपा सकते हैं। लेकिन, झांसी में जो अस्पताल में 10 से ज्यादा बच्चे जो जलकर मर गए, उनके लिए सिर्फ अफसोस कर सकते हैं। 2- काम किसी और का, फीता ये लोग काटते हैं भाजपा की आदत दूसरों के काम पर अपना झंडा लगाने की है। काम किसी और का, फीता ये लोग काटते हैं। ये हाल तब है, जब डबल इंजन की सरकार है। 4 लाख से ज्यादा सरकारी पद खाली पड़े हैं। पेपर लीक हो रहे हैं। अगर यह पैसा व्यवस्था सुधारने पर खर्च होता, तो आज बच्चे सरकारी नौकरी पा रहे होते। 3- 2014 में सिलेंडर 400 रुपए था, तो छाती पीटते थे अगर विज्ञापनों पर खर्च होने वाला पैसा परीक्षाओं को बेहतर बनाने और पेपर लीक रोकने में लगाया जाता, तो कई युवाओं को नौकरी मिल सकती थी। भाजपा सरकार न बहनों को सुरक्षित रख पाई, न रोजगार और न ही बेहतर शिक्षा दे सकी। 25 हजार से अधिक स्कूल बंद किए गए, जिनमें गरीब और वंचित समाज के बच्चे पढ़ते थे। 2014 में गैस सिलेंडर 400 रुपए का हुआ करता था। उस समय इनके सभी नेता सड़क पर उतरकर गैस सिलेंडर सिर पर रखकर छाती पीटते हुए कहते थे- अरे, महंगाई। आज सिलेंडर 1,200 रुपए का है। 4- आप लोगों को भाजपा की असलियत जानना जरूरी भाजपा सरकार की असलियत जानना जरूरी है। विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। ये लोग फिर से झूठे वादे लेकर आएंगे। लेकिन, अब पिछले 10 साल का हिसाब मांगने का समय आ रहा है। इनसे 10 साल का हिसाब मांगना और कहना कि हमारे लिए क्या काम किया है? अब हमें इस सरकार को उखाड़ फेंकना है। बसपा ने अब तक 2 प्रत्याशी घोषित किए आकाश आनंद ने आज हाथरस की सादाबाद सीट से डॉ. अविन शर्मा को बसपा प्रत्याशी घोषित किया। इससे पहले बसपा मऊ की मधुबन विधानसभा सीट से भरत सिंह को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। आकाश ने 2017 में राजनीति में एंट्री की थी आकाश आनंद पहली बार 2017 में सहारनपुर की एक जनसभा में मायावती के साथ दिखे थे। इसके बाद वह लगातार पार्टी का काम कर रहे थे। 2019 में उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया। यह फैसला तब लिया गया, जब सपा और बसपा का गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद टूटा। 2022 के हिमाचल विधानसभा चुनाव में पहली बार आकाश आनंद का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में आया था। आकाश ने लंदन से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की पढ़ाई की है। आकाश की शादी बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ. प्रज्ञा से हुई है। अर्श से फर्श पर पहुंची बसपा 2007 में 206 विधानसभा सीटें जीतने वाली बसपा को 2022 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक सीट मिली थी। 5 अगस्त को पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया था। ऐसे में अब बसपा का विधानसभा में कोई विधायक नहीं है। 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के 15.2 करोड़ वोटर्स में से 12.9% ने बसपा को वोट दिया था। पार्टी को कुल 1 करोड़ 18 लाख 73 हजार 137 वोट मिले थे। लोकसभा चुनाव की बात करें, तो 2024 में बसपा एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। उसका वोट प्रतिशत 2019 के 19.43% से घटकर 9.35% रह गया। यह विधानसभा चुनाव के वोट प्रतिशत से भी करीब 3% कम था। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने 10 सीटें जीती थीं। आकाश आनंद की रैली से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
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