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    आयकर जांच में खनन कारोबार में टैक्स चोरी का खुलासा:800 करोड़ की कंपनियों से रियल एस्टेट, खनन में निवेश; 26 टीमों ने रिपोर्ट सौंपी

    2 hours ago

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    बांदा में सात कारोबारियों के यहां आयकर विभाग की छापेमारी पूरी हो गई है। 26 टीमों के 200 अधिकारियों-कर्मियों ने आय से अधिक संपत्ति, काला धन और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका पर यह कार्रवाई की थी। जांच में खनन कारोबार में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। कुल 34 स्थानों पर की गई जांच में पाया गया कि अलग-अलग कंपनियां बनाकर 800 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें से 300 करोड़ रुपये रियल एस्टेट में और 250 करोड़ रुपये खनन कारोबार में लगाए गए थे। खनन में टैक्स चोरी के लिए मौरंग निकासी की रवन्ने की पर्चियों में हेरफेर किया गया। एक ही वाहन को कई बार निकासी दी गई और आय-व्यय का ब्योरा भी कागजातों में सही नहीं दर्शाया गया। निर्धारित दायरे से अधिक खनन भी किया गया था। आय-व्यय से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। आयकर विभाग की टीमें अब कानपुर के डायरेक्ट्रेट कार्यालय में कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगी। यह जांच बुधवार सुबह शुरू हुई थी और रविवार तक चली। आयकर विभाग के उच्च अधिकारी जल्द ही जांच का ब्योरा सार्वजनिक कर सकते हैं। जांच के दौरान बांदा में पूर्व विधायक के भाई और खनन कारोबारी सीरजध्वज सिंह, दिलीप सिंह, सोमेश भारद्वाज (उनकी मध्य प्रदेश स्थित ग्रेनाइट इकाई सहित), खनन कारोबारी शिवशरण सिंह, अस्पताल संचालक अज्ञात गुप्ता, बिजली ठेकेदार शशांक शेखर और राहुल सिंह के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई थी। कारोबारियों के खनन क्षेत्रों की ड्रोन मैपिंग भी कराई गई। महोबा से आयकर टीम के जाने के बाद भी क्रशर कारोबार से जुड़े कारोबारी और उनके मुनीम सहित अन्य लोग किसी से बात नहीं कर रहे हैं। उनके मोबाइल भी बंद बताए जा रहे हैं। अहम सबूत जुटाने के बाद टीमें आयकर डायरेक्ट्रेट कार्यालय कानपुर लौटीं, जहां जांच में शामिल रहीं 26 टीमों ने अपनी रिपोर्ट डीजी डायरेक्ट्रेट और जनरल प्रिंसिपल को सौंपी है। जांच के दौरान सीरजध्वज सिंह के यहां से 5 करोड़ रुपये की नकदी और जेवर मिले थे, जिन्हें बैंक खाते में जमा कराया गया है।
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