Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अब रूस से Su-57 लेने का वक्त आ गया...चीन ने सीमा के पास तैनात किए 11 J-20 स्टील्थ फाइटर जेट, सैटेलाइट तस्वीरों से क्या बड़ा खुलासा हो गया

    2 hours from now

    1

    0

    चीन ने भारत से लगी सीमा पर अपने सबसे एडवांस फाइटर जेट को तैनात किया है और यह खुलासा सेटेलाइट से आई तस्वीरों के जरिए हुआ है। सेटेलाइट तस्वीरों से पता यह चला है कि चीन ने अपने दो एयरबेस पर 11 J20 फाइटर जेट तैनात कर दिए हैं। J20 को माइटी ड्रैगन के नाम से भी जाना जाता है और यह लड़ाकू विमान रडार की पकड़ से बचने से अत्यधिक सक्षम और उन्नत एआईएसए रडार से लैस है और इस कारण भारत की सीमा पर चीनी जे लड़ाकू विमान की तैनाती को काफी अहम भी माना जा रहा है। एनडीटीवी की रिपोर्ट की मानें तो चीन ने भारत से लगी सीमा पर जिन दो एयरबेस पर J20 लड़ाकू विमानों को तैनात किया है उनमें पहला शिनजियांग उईगुर ऑटोनॉमस रीजन में मौजूद है और होटन एयरबेस और दूसरा तिब्बत के लहससा इलाके में मौजूद है। डेनस एयरबेस इसका नाम है। होटान एयरबेस पर सात J20 जेट खड़े दिखाई दिए। इसके अलावा यह बेस लेह से 389 किमी उत्तर पूर्व में और उत्तरी लद्दाख में भारतीय वायुसेना के दौलत बैग ओल्डी एयर फील्ड से सिर्फ 245 किमी उत्तर पूर्व में मौजूद हैं। इसे भी पढ़ें: भारत का सबसे गुप्त नेवल बेस INS Varsha, चीन की उड़ गई नींद !अब सेटेलाइट तस्वीरों में तिब्बत के लहासा के पास स्थित डमसंग एयरबेस की फ्लाइट लाइन पर चार जेट दिखाई दिए। वेंटर से मिली इस रिपोर्ट की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि चीन ने इस साल जून के आखिर और जुलाई की शुरुआत में दो एयरबेस पर ग्यारह J-20 जेट तैनात किए थे। अमेरिकी डिफेंस एक्सपर्ट क्रिस्टोफर क्लेरी ने इस रिपोर्ट को लेकर लिखा है 'अगर रिपोर्ट में बताई गई बात सही है कि चीन हर साल ऐसे 100 से ज्यादा विमान बना रहा है तो यह बस समय की बात है कि भारत के साथ लगी सीमा पर ऐसे बहुत सारे विमान दिखाई देने लगेंगे। जब आपके पास बहुत सारा एडवांस्ड हार्डवेयर हो तो कम अहमियत वाले इलाकों में भी एडवांस्ड हार्डवेयर पहुंच सकता है!इसे भी पढ़ें: अचानक चीन पहुूंचा भारत, शुरू हुई दनादन बैठक, क्या बदलने वाला है दिल्ली-बीजिंग का रिश्ता?चीन की एयरफोर्स जो है वो जानती है कि उनका असली जो युद्ध है वो ताइवान की तरफ होगा। इसीलिए उन्होंने अपनी पूर्वी सीमा पर सी ऑफ़ जापान के साथ ईस्ट चाइना सी, साउथ चाइना सी वहां पर अपनी पीएलए एयरफोर्स की डिप्लॉयमेंट मजबूती से की है। उनका सारा फोकस उस तरफ ही है। भारत के तिब्बत बॉर्डर पर आमतौर पर चाइनीज एयरफोर्स की बहुत लिमिटेड होती है। गलवान के टाइम में जब सर्च हुआ था तब भी ऐसा ही कुछ डेप्लॉयमेंट हुआ था। हमारी एयरफोर्स में फिलहाल 29 फाइटर स्क्वाडन हैं। तो जरूरत पड़ने पर हम इनमें से ज्यादा फाइटर स्क्वाड ज्यादातर फाइटर स्क्वाड को उत्तरी सीमा में या पूर्वी सीमा में चीन के खिलाफ डिप्लॉय कर सकते हैं।  S400 हमारे पास आ गया है। वो भी गेम चेंजर है। हमने S400 का एक स्क्वाडन पूरब में डेप्लॉय किया है और S400 का एक स्क्वाडन उत्तर में  पंजाब में डिप्लॉय किया हुआ है। पंजाब से भी वो चीन की तरफ देख लेता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    PoK में मुनीर की सेना का आतंक, कई लोगों पर चलाई दिन-दहाड़े गोलियां!
    Next Article
    अचानक चीन पहुूंचा भारत, शुरू हुई दनादन बैठक, क्या बदलने वाला है दिल्ली-बीजिंग का रिश्ता?

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment