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    अबान के दोस्त उमर-जैद की हालत नाजुक:एक का फेफड़ा फटा, दूसरा अजीब हरकतें कर रहा; अतीक के बेटे अहजम ने कब्रों पर फातेहा पढ़ी

    3 hours ago

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    अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान की हादसे में मौत के बाद उसे 8 अगस्त (शनिवार) को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। घायल अतीक के रिश्तेदार उमर और जैद की हालत नाजुक हो गई है। उमर का इलाज प्रयागराज के आशुतोष हॉस्पिटल में चल रहा था। उसकी 3 पसलियां टूटी हैं। हाथ-पैर में फैक्चर है। उसके लंग्स में ज्यादा दिक्कत आ गई है। बताते हैं कि फेफड़ा फट गया है। शनिवार शाम तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ी, तो उसे दिल्ली के मेदांता ले जाकर शिफ्ट कर दिया गया। रविवार को उसका ऑपरेशन हुआ। दूसरे घायल जैद की भी हालत नाजुक है। रविवार सुबह उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर दिल्ली ले जाया गया। उसे दिल्ली के मिलिट्री अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। जैद की 2 पसलियां टूटी हैं। एक हाथ और दोनों पैर फैक्चर होने के साथ गर्दन के पास जख्म है। जैद के सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से वह कुछ बोल रहा है। अजीब हरकतें कर रहा है। जैद शहर के अमन अस्पताल में भर्ती था। डॉक्टरों की सलाह पर ब्रेन के इलाज के लिए उसे दिल्ली शिफ्ट किया गया है। कार में सवार रहे तीसरे दोस्त फारुख अहजम की हालत ठीक है। उसके हाथ-पैर में चोट आई है। कई जगह मामूली जख्म हैं। ऐसे में उसे करेली के अस्पताल में रखा गया है। अबान के सुपुर्द-ए-खाक के दूसरे दिन भाई अहजम कब्र पर पहुंचा रविवार को अबान का भाई अहजम एक बार फिर भाई की कब्र पर पहुंचा और फातेहा पढ़ी। उसके साथ रिश्तेदार और दोस्त थी मौजूद रहे। अहजम ने अबान की कब्र के साथ ही पिता अतीक, भाई असद और चाचा अशरफ की कब्रों पर भी फातेहा पढ़ी। असल में मुस्लिमों में सुपुर्द-ए-खाक के दूसरे और तीसरे दिन कब्र पर फातेहा पढ़ने परिवार के लोग जाते हैं। फिर हर जुमे की नमाज के बाद पहुंचते हैं। फिर चालीसवें पर कब्र पर फातेहा पढ़ते हैं। बुआ के घर और मस्जिद में गुजर रहा अहजम का वक्त अबान को सुपुर्द-ए-खाक करने के बाद हटवा में गमजदा माहौल है। रविवार को सुबह से शाम तक लोग अहजम से मिलने और परिवार को ढांढस बंधाने आते रहे। अहजम का ज्यादातर वक्त बुआ के घर या फिर मस्जिद में गुजरा। असल में जिस घर में अबान का शव रखा गया था, वहां से गांव की बड़ी मस्जिद महज 100 मीटर दूर है। ऐसे में अहजम दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ घर में बैठा, फिर मस्जिद चला जाता और वहीं बैठा रहता। उससे मिलने पहुंचे लोग भी मस्जिद में मुलाकात करते रहे। अशरफ की बेटियों ने आवाज दी, अली-उमर रुके, पुलिस ने मिलने नहीं दिया शनिवार को झांसी जेल से अली और प्रयागराज जेल से उमर पैरोल पर छोटे भाई अबान के जनाजे में पहुंचे। कसारी मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक के दौरान उमर, अली और अहजम की मौजूदगी में पूरा अतीक परिवार भावुक नजर आया। कब्रिस्तान में एक पल ऐसा भी आया, जब चाचा अशरफ के तीनों बच्चे जनाजा गुजरने के दौरान खड़े थे। कुछ कदम की दूरी पर उमर और अली गुजरे, तो अशरफ की बेटी 12 साल की स्वालिहा ने भाई बोलकर आवाज लगा दी। उमर और अली इस भीड़ में आवाज पहचान गए, अचानक उनके कदम रुक गए। अशरफ की बड़ी बेटी स्वालिहा के साथ 10 साल की छोटी बेटी आलिया और 7 साल का बेटा अब्दुल्ला एक साथ थे। उमर ने लपक कर अब्दुल्ला को गोदी में उठा लिया। दोनों भाइयों ने उसका माथा चूमा। इसी बीच दोनों बेटियां उमर, अली के करीब आने लगीं तो पुलिस ने रोक दिया। आईपीएस अधिकारी ने कहा- हाईकोर्ट के आदेश के हिसाब से ही मिलें। उमर ने पुलिसवालों से कहा- अरे मेरी छोटी बहन है, पुलिस ने कहा- नहीं…। सबसे मिलने की इजाजत नहीं है। इस पर उमर-अली भावुक हो गए। बहनें भी रोने लगीं, लेकिन पुलिस ने मिलने नहीं दिया। अली बिफरा तो उमर ने शांत कराया, भीड़ को चुप कराया कसारी मसारी कब्रिस्तान में एक वक्त ऐसा भी आया कि अली पुलिस की सख्ती पर नाराज हो गया। हालांकि, उमर ने उसे लिपटा कर चुप कराया। दरअसल, अबान को दफनाने के बाद उमर, अली ने मिट्‌टी डाली। इसके बाद पुलिस ने अली से कहा चलो। इसी पर अली से जोर से कहा, अरे फातेहा तो पढ़ने दो। अली की नाराजगी देख भीड़ शोर करने लगी। तुरंत उमर ने अली को लिपटा लिया। कहा- सब्र करो… चुप रहो। भीड़ शोर करने लगी तो उमर ने अपनी उंगली होंठ पर रखी ओर सबको शांत रहने को कहा। अबान भाई से मिलने झांसी जेल जा रहा था, सड़क हादसे में हुई थी मौत अबान की गुरुवार (6 अगस्त) सुबह झांसी में सड़क हादसे में मौत हुई थी। वह प्रयागराज से झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहा था। क्रेटा कार में उसके 4 और दोस्त थे। सुबह 10:30 बजे हाईवे पर जानवर को बचाने के चक्कर में कार डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन दोस्त घायल हो गए थे। अबान और सोनू के शव शुक्रवार तड़के 4 बजे एक ही एंबुलेंस से झांसी से प्रयागराज के हटवा गांव लाए गए। यहां 8 अगस्त की शाम 7 बजे अबान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ अली से जेल में मिलने जा रहा था -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- अतीक की कब्र बेटे उमर-अली ने पहली बार देखी, तीनों भाई सिर रखकर खूब रोए, भाई का जनाजा उठाया प्रयागराज में अतीक अहमद के सबसे छोटे 21 साल के बेटे अबान को 8 अगस्त को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। जेल में बंद उसके दोनों बड़े भाई अली-उमर भी पैरोल पर जनाजे में शामिल हुए। अतीक के तीनों बेटे उमर, अली और अहजम 4 साल बाद एक साथ मिले, तो एक-दूसरे के कंधे पर सिर रखकर खूब रोए। पढ़ें पूरी खबर...
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