Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    अचानक बांग्लादेश क्यों पहुंचे भारत के 4 अफसर, खुफिया एजेंसी DGFI का क्या है खेल?

    1 hour from now

    1

    0

    ढाका से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बांग्लादेश की खुफिया एजेंसी डीजीएफआई के गुप्त बुलावे पर भारत के चार शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों का खुफिया डेलीगेशन अचानक ढाका उतर चुका है। एक तरफ शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस ने बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। तो वहीं दूसरी तरफ  भारत के उच्चायुक्त की प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ होने वाली हाई वोल्टेज मुलाकात से पहले इस सीक्रेट विजिट ने कूटनीतिक गलियारों में इस वक्त हड़कंप मचा कर रख दिया है। रविवार की दोपहर को एयर इंडिया की फ्लाइट से भारत के चार सुरक्षा अधिकारियों का एक डेलीगेशन ढाका पर उतरता है। हैरानी की बात यह है कि इन अधिकारियों की सुरक्षा और मेहमान नवाजी का सारा इंतजाम बांग्लादेश की सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसी डीजीएफआई यानी कि डायरेक्टर जनरल ऑफ फोर्स इंटेलिजेंस ने खुद किया और इन्हें सीधे होटल में ठहराया गया। इसे भी पढ़ें: India Neighborhood First policy: बांग्लादेश से लेकर नेपाल तक भारत का बड़ा गेम, पलटा पासा !यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के साथ भारतीय उच्चायुक्त की आमने-सामने की बैठक पहले से ही तय है। हालांकि अधिकारियों के नाम और पद पूरी तरह गोपनीय रखे गए हैं। लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बहुत बड़ा सुरक्षा समझौता या फिर बातचीत चल रही है। लेकिन इस गरमागरर्मी माहौल के पीछे की असली वजह क्या है? शेख हसीना का वो विस्फोटक बयान। बांग्लादेश छोड़ने के ठीक 2 साल बाद 5 अगस्त को नई दिल्ली से शेख हसीना ने वर्चुअल मीडिया के जरिए जो हुंकार भरी उसने ढाका की नीव हिला कर रख दी। बांग्लादेश के अंतरिम सरकार और विदेश मंत्रालय ने इस पर तीखी अपनी नाराजगी जताई। उनका यह तर्क था, कहना था कि भारत द्वारा हसीना को मंच देना बांग्लादेश की संप्रभुता और जुलाई विद्रोह के शहीदों का अपमान है। इसे भी पढ़ें: Sheikh Hasina के extradition की Bangladesh ने फिर मांग की, भारतीय उच्चायुक्त ने PM रहमान से की मुलाकातजवाब में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दो टूक यह साफ कर दिया है कि यह कार्यक्रम किसी निजी मीडिया संगठन का था और भारत सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है। भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह उन बयानों का समर्थन नहीं करता। लेकिन इस बयानबाजी के बाद जो कूटनीतिक तनाव पैदा हुआ उसकी आग को बुझाने के लिए अब सुरक्षा अधिकारियों का यह डेलीगेशन ढाका में मौजूद है? यह दावा किया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री तारिक रहमान सितंबर में होने वाली बीआईएमएस टीईईसी मीटिंग के लिए नई दिल्ली आएंगे?
    Click here to Read more
    Prev Article
    जिसका डर था वही हुआ! किम जोंग उन ने उतारे 50000 सैनिक, खुशी से झूम उठे पुतिन
    Next Article
    Hebrew University की Research में बड़ा खुलासा: Israel के फूड-एड सिस्टम में भारी असमानता और खामियां

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment