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    FCRA संशोधन बिल JPC को भेजेगी सरकार? विपक्ष के विरोध के बीच बड़ा संकेत

    3 hours from now

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    मंगलवार को सूत्रों ने बताया कि सरकार 'विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' (FCRA) को विस्तृत जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज सकती है। गौरतलब है कि इस विधेयक का मकसद एक तय अथॉरिटी के ज़रिए विदेशी योगदान और संपत्तियों की निगरानी, ​​प्रबंधन और निपटान के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात के बाद मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि FCRA बिल पर 12 अगस्त को संसद में चर्चा और उसे पास करने की प्रक्रिया होगी, और इसे पिछली तारीख से लागू नहीं किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Student Protest पर Congress की विरोधाभासी नीति, Jharkhand में लाठीचार्ज पर BJP ने मांगा जवाबलालदुहोमा, मिज़ोरम के चर्च नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ शाह से मिले ताकि प्रस्तावित कानून के बारे में अपनी चिंताएं बता सकें। इस कानून का मकसद विदेशी फंडिंग पाने वाले संगठनों पर निगरानी बढ़ाना है; इसके तहत एक मज़बूत अथॉरिटी बनाई जाएगी जो उन NGO की संपत्ति को अपने नियंत्रण में ले सकेगी जिनका FCRA लाइसेंस रद्द हो गया है। लालदुहोमा ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि हमने नए FCRA बिल को लेकर अपनी चिंताएं गृह मंत्री के सामने रखीं। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि यह बिल पिछली तारीख से लागू नहीं होगा।कानून के समय-सीमा के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने बताया कि शाह ने प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी कि 12 अगस्त को संसद में इस बिल पर बहस होगी। यह प्रस्तावित कानून 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था। फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 सरकार को एक डेज़िग्नेटेड अथॉरिटी बनाने का अधिकार देता है। यह अथॉरिटी विदेशी योगदान और उससे बनाई गई संपत्तियों का मैनेजमेंट संभालेगी, जब किसी संगठन का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाए, सरेंडर कर दिया जाए या रिन्यू न होने की वजह से खत्म हो जाए।इसे भी पढ़ें: Jharkhand Assembly में घमासान, Hemant Soren बोले- BJP कर रही छात्र आंदोलन से राजनीति! स बिल में यह भी कहा गया है कि अगर संपत्ति कोई पूजा स्थल है, तो अथॉरिटी को यह पक्का करना होगा कि उसका धार्मिक स्वरूप बना रहे। इसके अलावा, प्रस्तावित कानून में एक्ट के उल्लंघन के लिए अधिकतम सज़ा को पांच साल की जेल से घटाकर एक साल करने का भी प्रावधान है। FCRA पोर्टल के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक 14,449 एक्टिव FCRA सर्टिफिकेट थे, 22,498 रद्द किए गए थे और 15,212 की समय-सीमा खत्म मानी गई थी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 
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