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    अलीगढ़ में साइबर वर्कशॉप में दिए टिप्स:एडीजी बोले-एक क्लिक में खाली होता खाता, जागरूकता सबसे बड़ा हथियार

    2 hours ago

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    साइबर ठग अब सिर्फ ओटीपी पूछकर खाते खाली नहीं कर रहे, बल्कि डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर, फर्जी निवेश का लालच देकर और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। एक अनजान लिंक पर क्लिक करना, गोपनीय जानकारी साझा करना या बिना जांचे निवेश करना भारी नुकसान की वजह बन सकता है। साइबर अपराध के बदलते तरीकों के बीच शनिवार को मैरिस रोड स्थित हबीब गार्डन में अलीगढ़ पुलिस ने साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें आगरा जोन के एडीजी एसके भगत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने साइबर सुरक्षा को समय की जरूरत बताते हुए लोगों से डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (ICCCC) के तत्वावधान में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत आयोजित कार्यक्रम में साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल ने ऑनलाइन ठगी के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। डीआईजी प्रभाकर चौधरी, डीएम अविनाश कुमार सिंह और एसएसपी नीरज जादौन ने भी साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने पोस्टर प्रतियोगिता के जरिए ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। एडीजी बोले- डर और लालच, साइबर ठगों के सबसे बड़े हथियार आगरा जोन के एडीजी एसके भगत ने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों की जानकारी होना भी जरूरी है। साइबर ठग लोगों की घबराहट, लालच और जानकारी की कमी का फायदा उठाते हैं। इसलिए किसी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, निवेश के आकर्षक प्रस्ताव या धमकी भरे संदेश पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी व्यक्ति या संस्था के नाम पर फोन आने पर उसकी सत्यता की जांच करें। साइबर अपराध से बचाव केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सतर्कता से जुड़ा विषय है। लोगों को खुद जागरूक होने के साथ परिवार, बच्चों और आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग करना चाहिए। डीआईजी प्रभाकर चौधरी: ऑनलाइन दुनिया में सतर्कता जरूरी डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने, निजी और बैंकिंग संबंधी जानकारी सुरक्षित रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की अनदेखी नहीं करने पर जोर दिया। साइबर ठगी की आशंका होने पर समय रहते पुलिस को सूचना देना और शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। डीएम अविनाश कुमार सिंह: जागरूकता से रोकी जा सकती है ठगी डीएम अविनाश कुमार सिंह ने साइबर सुरक्षा को आमजन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते समय नागरिकों को सावधानी बरतनी चाहिए और बिना सत्यापन किसी भी कॉल, संदेश या ऑनलाइन प्रस्ताव पर भरोसा नहीं करना चाहिए। साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में स्कूलों, परिवारों और सामाजिक संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। एसएसपी नीरज जादौन: ओटीपी, पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल किसी को न दें एसएसपी नीरज जादौन ने लोगों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाते से संबंधित विवरण, ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचने और सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचने के लिए प्रेरित किया। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। साइबर एक्सपर्ट ने समझाया- कैसे बुना जाता है ठगी का जाल साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल ने छात्रों और उपस्थित लोगों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल और लिंक, ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों तथा बैंकिंग फ्रॉड के प्रति सतर्क किया। उन्होंने डिजिटल सुरक्षा के लिए किसी भी संदेश या कॉल की सत्यता जांचने, गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने और जल्दबाजी में वित्तीय लेनदेन से बचने की सलाह दी। पोस्टर प्रतियोगिता में बच्चों ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के लिए साइबर जागरूकता विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। बच्चों ने आकर्षक और संदेशपरक पोस्टरों के माध्यम से ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव का संदेश दिया। प्रतियोगिता में कृष्णा इंटर कॉलेज, विजडम पब्लिक स्कूल, सेंट फिदेलिस स्कूल, ओएलएफ स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर गोंडा और एसएसओ पब्लिक स्कूल के बच्चों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में शामिल बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एसपी देहात मनीष मिश्रा ने जताया आभार कार्यक्रम के अंत में साइबर नोडल अधिकारी एवं एसपी देहात मनीष मिश्रा ने उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों, साइबर एक्सपर्ट, स्कूलों के प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर नगरायुक्त प्रेम प्रकाश मीना, एसपी सिटी आदित्य बंसल, एसपी ट्रैफिक प्रवीण कुमार, एसपी क्राइम सहित सभी क्षेत्राधिकारी (सीओ), प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, पत्रकार, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, स्कूली छात्र और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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