Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Allahabad High Court का निर्देश, पुलिस थानों में 24 घंटे चालू रहने चाहिए CCTV कैमरे

    11 hours ago

    1

    0

    इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि पुलिस थानों में सीसीटीवी प्रणाली साल के सभी 365 दिन चौबीसों घंटे चालू रहनी चाहिए और जब यह निगरानी व्यवस्था काम न कर रही हो तो पुलिस को कुछ सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए। उसने कहा कि यदि सीसीटीवी प्रणाली काम नहीं कर रही है तो ऐसी स्थिति में पूछताछ के लिए लाए गए या गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों का विवरण तत्काल ‘जनरल डायरी’ (जीडी) में दर्ज किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा, ‘‘इस मामले के तथ्य प्रथम दृष्टया स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता की ओर से वसूली एजेंट की तरह काम किया।’’ न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की पीठ ने राघवेंद्र दुबे और एक अन्य व्यक्ति की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।पीठ ने केवल पुलिसकर्मियों को गवाह बनाकर तैयार किए गए ‘‘कई खामियों वाले’’ गिरफ्तारी ज्ञापन के कारण याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी रद्द करते हुए उसे रिहा करने और 24 घंटे की अवैध हिरासत के लिए 10,000 रुपये मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि सीसीटीवी प्रणाली विफल होती है तो थाना प्रभारी को जीडी में उसके खराब होने का सटीक समय दर्ज करना होगा और उस अधिकारी का नाम भी लिखना होगा जिसे इसकी जानकारी लिखित रूप में दी गई और जिले के पुलिस अधीक्षक को भी इसकी सूचना देनी होगी ताकि प्रणाली को यथाशीघ्र ठीक कराया जा सके और मरम्मत के लिए उठाए गए कदमों का रिकॉर्ड रखा जा सके। अदालत ने कहा, ‘‘इस मामले का एक और चिंताजनक पहलू, जिस पर इस अदालत को ध्यान देना चाहिए, वह यह है कि बार-बार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिनमें पुलिस थाने के परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की जाती है।’’ पीठ ने कहा कि सीसीटीवी के काम न करने की अवधि में प्रत्येक संदिग्ध के थाने में आने और जाने का समय तथा उससे की गई पूछताछ का विवरण जीडी में दर्ज किया जाना चाहिए।रिहाई के समय संबंधित व्यक्ति या उसके निकट संबंधी से हस्ताक्षरयुक्त रसीद भी ली जानी चाहिए। अदालत ने 23 सितंबर को दिए अपने आदेश में निर्देश दिया कि पुलिस थानों के भीतर लगी सीसीटीवी प्रणालियां साल के 365 दिन चौबीसों घंटे चालू रहनी चाहिए। याचिकाकर्ता के मुताबिक, रेत खनन समझौते के विवाद की वजह से उसे आसनसोल से अवैध रूप से हिरासत में लेकर चित्रकूट में सरधुवा थाने लाया गया।राज्य सरकार के वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद गैर-जमानती वारंट जारी होने पर उसे गिरफ्तार किया गया था। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि याचिकाकर्ता ने 13 जुलाई 2026 को सुबह नौ बजे थाने में प्रवेश किया और वह पूर्वाह्न 10 बजकर 19 मिनट पर जांच अधिकारी के साथ शिकायतकर्ता के वाहन में वहां से निकला तथा रात आठ बजकर 24 मिनट पर वापस लौटा। हालांकि गिरफ्तारी ज्ञापन में उसकी गिरफ्तारी अपराह्न साढ़े तीन बजे दिखाई गई और जीडी में उसका हवालात में प्रवेश शाम छह बजकर 41 मिनट पर दर्ज किया गया।थाने के भीतर लगे तीन कैमरों की सीसीटीवी फुटेज या तो उपलब्ध नहीं थी या उसे मिटा दिया गया था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Russian Army में भर्ती न हों भारतीय नागरिक, Ministry of External Affairs ने जारी की एडवाइजरी
    Next Article
    Delhi में सबसे गोल-मटोल कुत्ते के खिताब के लिए Gola और Gugu के बीच फाइनल मुकाबला

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment