Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Delhi में सबसे गोल-मटोल कुत्ते के खिताब के लिए Gola और Gugu के बीच फाइनल मुकाबला

    11 hours ago

    1

    0

    दिल्ली का सबसे अनोखा चुनाव अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। दो ‘गोल-मटोल’ दावेदारों के समर्थकों ने सोशल मीडिया मंच पर मतदान से आगे बढ़कर कैफे में बने मतदान केंद्रों तक पहुंचकर अपने पसंदीदा कुत्ते को चुनने के लिए कतार लगाई। युवा, बुजुर्ग और इलाके के कुत्तों से प्रेम करने वाले लोगों ने दिवंगत गोला और गूगू के बीच चुनाव में मतदान किया।‘निर्विवाद गोल-मटोल’ कुत्ता चुनने के लिए ऑफलाइन मतदान वसंत विहार, कमला नगर और पंजाबी बाग के कैफे में आयोजित किया गया। इससे यह पूरी तरह ऑनलाइन चल रही प्रतियोगिता एक सामान्य चुनावी प्रक्रिया जैसी नजर आई। लोगों ने कागजी मतपत्रों पर अपनी पसंद दर्ज की, उंगलियों पर स्याही लगवाई और कुछ मतदाताओं को मतदान के बाद स्टार स्टिकर भी मिले।अंतिम मुकाबले में दो अलग-अलग स्वभाव वाले कुत्ते उम्मीदवार हैं -हौज खास का दिवंगत गोला, जिसे कबाब या राजपाल सिंह के नाम से भी जाना जाता है, और साकेत का गूगू। गोला की ओर से उसकी मृत्यु के बाद भी मुकाबला जारी है, जबकि गूगू ने बड़ी संख्या में ऑनलाइन समर्थक जुटाकर फाइनल में जगह बनाई है। प्रतियोगिता के दौरान गोला एक खास लोकप्रियता हासिल कर चुका है।‘फैट डॉग्स ऑफ दिल्ली’ पेज के अनुसार, गोला के समर्थकों ने उसकी मौत के बाद भी उसके लिए प्रचार जारी रखा। उसने 69,638 वोटों से हीरो को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, गूगू का सफर भी काफी अनोखा रहा है।भूरे और सफेद रंग के इस मिश्रित नस्ल के कुत्ते ने शहर के सबसे ‘गोल-मटोल’ कुत्ते के खिताब के लिए मुकाबला करते हुए अपना वजन कम करने पर भी काम किया है। पेज के अनुसार, गूगू ने तारा को 4,873 वोटों से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जिससे अंतिम मुकाबला और दिलचस्प हो गया। ‘फैट डॉग्स ऑफ दिल्ली’ पेज पर 64 कुत्तों के साथ सोशल मीडिया से शुरू हुई यह प्रतियोगिता अब एक बड़े अभियान का रूप ले चुकी है।समर्थकों ने पोस्टर बनाए, रील और मीम साझा किए तथा अपने-अपने इलाकों के कुत्तों के समर्थन में लोगों को जोड़ा। कमला नगर के एक कैफे में यह अभियान सोशल मीडिया मतदान के बजाय एक छोटे सामुदायिक आयोजन जैसा नजर आया। कतारों में ज्यादातर युवा मतदाता थे, लेकिन बुजुर्गों ने भी इसमें हिस्सा लिया, जिससे पता चला कि यह अनोखी प्रतियोगिता पीढ़ियों के अंतर को भी पार कर रही है।कैफे में मतदान करने वाली श्रेया ने कहा, ‘‘यह माहौल खासा अच्छा है और कुत्तों के बीच चुनाव कराने का विचार बेहद अनोखा है।’’ इस प्रतियोगिता से जुड़ी तनीशा ने कहा कि इस उत्साह ने पशु कल्याण को लेकर एक नयी चर्चा शुरू कर दी है। तनीशा ने कहा, ‘‘यह शानदार है कि जेन-जी पशु कल्याण के समर्थन के लिए इतने अनोखे तरीके खोज रही है।’’ यह प्रतियोगिता 24 सितंबर को शुरू हुई थी, जब ‘फैट डॉग्स ऑफ दिल्ली’ पेज ने लोगों से अपने इलाकों के ‘गोल-मटोल’ कुत्तों को नामांकित करने के लिए कहा था। इसके बाद यह मुकाबला सार्वजनिक मतदान के आधार पर नॉकआउट दौर से गुजरता हुआ बुधवार को ग्रैंड फिनाले तक पहुंचा।परिणाम बृहस्पतिवार को घोषित किए जाएंगे। एक अन्य मतदाता अमित ने कहा, ‘‘इस चुनाव को खास बनाने वाली बात यह है कि इसने लोगों का ध्यान उन कुत्तों की ओर आकर्षित किया है, जिन्हें वे रोज देखते हैं लेकिन अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। सामुदायिक कुत्ते हमारे इलाकों का हिस्सा हैं और इस तरह का ध्यान उनमें सहानुभूति बढ़ाने और उनकी देखभाल के लिए लोगों को प्रेरित करने में मदद कर सकता है।’’ बुजुर्ग मतदाता रूपा ने कहा कि इस प्रतियोगिता ने गैर सरकारी संगठनों और पशु कल्याण समूहों को लोगों से जुड़ने का नया अवसर भी दिया है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Allahabad High Court का निर्देश, पुलिस थानों में 24 घंटे चालू रहने चाहिए CCTV कैमरे
    Next Article
    सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार: AAP ने मंत्री Parvesh Verma के खिलाफ ACB में दर्ज कराई शिकायत

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment