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    अमेरिका-इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे, मोजतबा खामेनेई ने किया साफ- शांति का समय खत्म, अब सिर्फ इंतकाम होगा!

    3 hours from now

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    ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने मध्य पूर्व में संघर्ष विराम की संभावना को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका और इज़राइल को घुटने टेकने पर मजबूर किया जाएगा और दोनों को हार स्वीकार करके हर्जाना देना होगा। यह बयान अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के उस दावे के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों में मोजतबा गंभीर रूप से घायल हो गए थे और संभवतः उनका शरीर विकृत हो गया था।इसे भी पढ़ें: Iran-Israel War: पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर मंथन, विदेश मंत्रालय देगा ब्रीफिंगरॉयटर्स द्वारा उद्धृत एक ईरानी अधिकारी के अनुसार, सर्वोच्च नेता ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि तेहरान अमेरिका और इज़राइल से बहुत कठोर और गंभीर बदला लेगा। खबरों के मुताबिक, मोजतबा ने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति के लिए यह सही समय नहीं है। ईरान पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले के दो सप्ताह बाद भी दोनों पक्षों में लड़ाई जारी रही। इजराइल ने जहां लेबनान में ईरान समर्थक हिजबुल्ला के ठिकानों पर बम वर्षा की वहीं, ईरान ने जवाबी हमले के रूप में इजराइल के अलावा पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और तेल अवसंरचना को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इजरायल द्वारा रविवार देर रात लेबनान की राजधानी बेरूत पर किए गए हमले में धमाकों की गूंज सुनाई दी। इजरायल ने तेहरान पर भी नए सिरे से हमले शुरू किए, वहीं दुबई को अपने हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि एक ईरानी ड्रोन ने ईंधन टैंक को निशाना बनाया था। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी यातायात को भी प्रभावी रूप से रोक दिया है, जिसके माध्यम से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। इसे भी पढ़ें: बाजिस फोर्स के चीफ सुलेमानी की मौत, इजरायल का बड़ा दावाइसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाएं बढ़ रही हैं और अमेरिका पर दबाव बढ़ रहा है क्योंकि उपभोक्ता पहले से ही पेट्रोल पंपों पर महंगाई का सामना कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सोमवार को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर स्थिर रही। शुरुआती कारोबार में यह 104 अमेरिकी डॉलर पर था, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। संघर्ष के दौरान इसकी कीमत लगभग 120 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई थी।  
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