Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Amravati के अस्पताल के NICU में आग लगने से 3 नवजातों की मौत, 36 सुरक्षित बचाए गए

    1 hour from now

    2

    0

    (फोटो के साथ) अमरावती (महाराष्ट्र), 24 अगस्त महाराष्ट्र के अमरावती में जिला महिला अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। अधिकारियों ने बताया कि आग तड़के करीब 3:15 बजे एनआईसीयू में उस जगह लगी, जहां समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को रखा गया था। उन्होंने कहा कि धुएं से भरे इस हिस्से से 36 अन्य नवजात शिशुओं को बचा लिया गया।महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस ‘‘दिल दहला देने वाली’’ घटना पर गहरा दुख जताया और आग लगने के कारणों तथा प्रशासन की लापरवाही का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। फडणवीस ने एक बयान में कहा, ‘‘स्वास्थ्य प्रशासन को उच्चस्तरीय जांच करने का निर्देश दिया गया है।’’ उन्होंने आश्वासन दिया कि जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाशराव अबितकर और स्वास्थ्य सचिव को स्थिति की समीक्षा के लिए तुरंत पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती जाने का निर्देश दिया।उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि घायल बच्चों का इलाज सरकारी खर्च पर किया जाए। उन्होंने प्रत्येक मृत नवजात के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, एनआईसीयू में एक वेंटिलेटर में विस्फोट होने के कारण आग लगी।घटना के समय घटनास्थल पर कुल 39 बच्चे भर्ती थे। कर्मचारियों और बचावकर्मियों ने प्रभावित हिस्से से छह बच्चों को बाहर निकाल लिया, लेकिन तीन नवजात शिशुओं की आग में झुलसने से मौत हो गई। अमरावती के पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने बताया कि बचाए गए छह नवजात शिशुओं को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया, जबकि चार अन्य बच्चों को संभागीय रेफरल सेवा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक बच्चे की हालत गंभीर है।उन्होंने बताया कि जान गंवाने वाले तीन नवजात शिशुओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस घटना से अस्पताल के बाहर इंतजार कर रहे माता-पिता और रिश्तेदारों में भारी गुस्सा फैल गया। उन्होंने गंभीर लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया।प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि वार्ड में आग लगने पर अलार्म नहीं बजा और धुआं तेजी से भरने के बावजूद अपने आप पानी छिड़कने वाली व्यवस्था भी शुरू नहीं हुई। माता-पिता ने बताया कि वहां अफरा-तफरी और डर का माहौल था। दमकल की गाड़ियां पहुंचने से पहले सुरक्षाकर्मियों और ड्यूटी पर मौजूद नर्सों ने घने धुएं और तेज गर्मी के बीच बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की।अचलपुर के निवासी योगेश सावरकर ने बताया कि उनके आठ दिन के बच्चे को पहली मंजिल पर भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि वह रात में अस्पताल के बाहर सो रहे थे, तभी अफरा-तफरी मच गई। सावरकर ने कहा, ‘‘मेरा बच्चा पहली मंजिल पर था और मैं खुद जाकर उसे नीचे लेकर आया।” उन्होंने बताया कि धुएं से भरे वार्ड में सबसे पहले सुरक्षाकर्मी और एक नर्स पहुंचे थे।ड्यूटी पर मौजूद नर्सों ने बताया कि कम दिखाई देने के बावजूद उन्होंने बच्चों को बचाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वहां स्थिति भयावह थी। ड्यूटी पर मौजूद दो नर्सों ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जब वेंटिलेटर जल रहा था, तब हमने बच्चों को बाहर निकाला।मैं इसे शब्दों में नहीं बता सकती, यह बहुत भयानक था। उसके पास ही बच्चे जल रहे थे। हमने उन्हें बचाया, इन्क्यूबेटर बाहर निकाला और बच्चों को दूसरी जगह ले गए।’’ उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद सभी नौ बच्चों को बाहर निकालने तक वे लगातार कोशिश करती रहीं।कई परिवारों के लिए बच्चे के जन्म की खुशी अचानक गहरे दुख में बदल गई। पुलगांव गांव के निवासी स्वप्निल बरगे ने बताया कि उन्होंने कुछ घंटे पहले ही अपने परिवार को फोन करके बेटे के जन्म की खुशखबरी दी थी। उनके बेटे का जन्म रविवार को हुआ था।बरगे ने कहा, ‘‘करीब 3:30 बजे मैं एक दोस्त के साथ अस्पताल के गेट पर खड़ा था, तभी मैंने एक महिला के चिल्लाने की आवाज सुनी... फिर अफरा-तफरी मच गई और दमकल की गाड़ी आ गई। मैं अपने बच्चे और पत्नी को ढूंढता रहा, बहुत तलाश किया, लेकिन उसे नहीं ढूंढ सका।’’ उन्होंने बताया कि सुबह 7:30 बजे उन्हें यह दुखद खबर मिली कि आग में उनके नवजात शिशु की मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति प्रफुल्ल चोपड़े के पांच दिन के बेटे की भी आग में मौत हो गई।उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। चोपड़े ने कहा कि उनकी पत्नी ने पिछले पांच दिन में अपने बच्चे को देखा तक नहीं था। उन्होंने सवाल किया कि आग लगने पर अलार्म क्यों नहीं बजा और अधिकारियों ने तुरंत काम करने वाली सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल करने के बजाय दमकल की गाड़ियों का इंतजार क्यों किया।इस घटना को लेकर महाराष्ट्र में जल्द ही बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों ने प्रशासन की कथित लापरवाही और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आरोप लगाया कि 2021 में भंडारा अस्पताल में लगी आग के बाद एक समिति ने जो सिफारिशें की थीं, उन्हें लागू नहीं किया गया।भंडारा अस्पताल में आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की मौत हुई थी। देशमुख ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में तुरंत अग्निशमन और बिजली व्यवस्था की जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर ने घटना के बाद अस्पताल का दौरा किया।उन्होंने वेंटिलेटर में विस्फोट होने के आधिकारिक दावे पर सवाल उठाया और कहा कि अस्पताल में पहले भी इसी तरह की आग लग चुकी है। उन्होंने बिजली के कनेक्शनों की सुरक्षा की जांच और उपकरणों की आपूर्ति करने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री अबितकर ने चिकित्सा कर्मचारियों का बचाव करते हुए घटना पर गहरा दुख जताया।उन्होंने कहा कि अस्पताल के कर्मचारियों ने बच्चों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और हर संभव प्रयास किया। राज्य के राजस्व मंत्री और अमरावती के प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भरोसा दिलाया कि दमकल कर्मचारियों और लोक निर्माण विभाग के बिजली विभाग की मदद से व्यापक जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे आग लगने के सही कारण का पता चलेगा और जिम्मेदारी तय करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Amravati Hospital में आग की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनी, 8 दिन में देगी रिपोर्ट
    Next Article
    Akali Dal से गठबंधन पर असमंजस के बीच BJP का बड़ा ऐलान: Punjab की सभी 117 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment